Circus - 3 - last part in Hindi Moral Stories by Keval Makvana books and stories PDF | सर्कस - 3 - अंतिम भाग

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सर्कस - 3 - अंतिम भाग


हार्दिक ने उर्मी को मार डाला था। सभी कलाकार हैरान थे कि जिस जोड़े की शादी को एक महीने से भी कम समय हुआ था, वह टूट गया और पति ने अपनी पत्नी को मार डाला। हार्दिक ने सभी सर्कस कलाकारों को धमकाया और उन्हें चुप करा दिया था। उर्मी के शव को हार्दिक ने ठिकाने लगा दिया था।

हार्दिक अब घर में अकेला रहता था। वह यह सोचकर रोता रहता था, कि उसकी पत्नी ने उसे धोखा दिया है। कुछ दिनों बाद हार्दिक के घर में भूतिया खेल शुरू हो गये, जेसे की रात में घुंघरू की आवाज, किसी की रोने की आवाज, किसी की चीखने की आवाज आदि। इन घटनाओं से हार्दिक डर गया था। वो उस घर को छोड़कर दूसरे घर में रहने के लिए चला गया। उस घर में और भी भूतिया खेल होने लगे। दीवार पर पैरों के निशान दिखने, पानी की जगह नल से खून निकलना, चाय का खून में बदल जाना, खाना कीड़ों में बदल जाना, बिना छुए घर का सामान टूट जाना, लाइट बंद चालु होना, टीवी का अचानक से चालू होना आदि खेल शुरू हो गए थे। यह भूतिया खेल बंद होने का नाम ही नहीं ले रहे थे।

हार्दिक ने एक तांत्रिक को घर पर बुलवाया।जैसे ही तांत्रिक ने घर में पैर रखा, घर की बत्तियाँ बंद चालु होने लगीं। हवा बहुत तेजी से चलने लगी।खिड़कियां और दरवाजे खुलने और बंद होने लगे। कुछ देर बाद घर में अचानक सन्नाटा छा गया। घर की सभी खिड़कियां और दरवाजे बंद हो चुके थे। लाइट भी चली गईं। हवा चलना बंद हो गई। तांत्रिक ने हार्दिक को घर से बाहर जाने को कहा। तांत्रिक ने घर के बीचोबीच अग्नि जलाई और जोर-जोर मंत्र जाप करने लगा। यह सब वह हार्दिक को दिखाने के लिए कर रहा था। कुछ ही वक्त में उसने घर से सारे पैसे ले लिए। जैसे ही वो हॉल में आया, अग्नि में खून बहने लगा और अग्नि बुझ गई। अचानक दरवाजा खुला और उसे किसीने घर से बाहर फेंक दिया। वह बिना कुछ लिए वहां से भाग गया।

हार्दिक इन घटनाओं से डर गया था। हार्दिक वो घर भी छोड़कर चला गया। हार्दिक अब सर्कस में रहता था। एक बार हार्दिक मेकअप रूम में गया। वो कमरे में गया और शीशे के सामने खड़ा हो गया। उसने आईने में देखा कि उर्मी उसके पीछे खड़ी है। वह पीछे घूमा। वो उर्मी की आत्मा थी। उसने हार्दिक का गला पकड़ लिया।

उर्मी : क्यों? तुमने मेरी जान क्यों ली? मेरी क्या गलती थी?

हार्दिक : तुमने मुझे धोखा दिया था। तुम्हारा ओम के साथ अफेयर चल रहा था।

उर्मी : तुम किस अफेयर के बारे में बात कर रहे हो? तुम्हें अपनी पत्नी के बारे में ऐसा कहने में कोई शर्म नहीं आती है।

हार्दिक : अगर तुम को बुरे काम करने में शर्म नहीं आती है, तो मुझे बोलने में क्यूं आये?

उर्मी : तुम्हारे पास क्या सबूत है जिससे तुम मेरे बारे में ऐसा कह रहे हो?

(हार्दिक ने अपना मोबाइल निकाला और उर्मी को तस्वीरें दिखाईं। तस्वीरें देखकर उर्मी हैरान रह गईं।)

उर्मी : ये तस्वीरें फेक हैं। तुमको अपनी पत्नी पर भरोसा नहीं है?

हार्दिक : एक बार मैंने तुमको ओम के साथ देखा था, वो संयोग हो सकता है, लेकिन बार बार संयोग नहीं हो सकता। जिस विश्वास की तुम बात कर रही हो वो तुम्हारे साथ ही मर चुका है।

उर्मी : तब तुम्हारा विश्वास मर गया था, अब तुम मरोगे।

(यह कहकर उर्मी ने हार्दिक का गला जोर से दबाना शुरू कर दिया। हार्दिक फड़फड़ा रहा था। कुछ ही पलों में हार्दिक के शरीर से प्राण निकल गए। जिस सर्कस में उर्मी की मौत हुई थी, उस सर्कस में उर्मी ने आग लगा दी थी।)

रॉयल सर्कस में आग लग गई और उसके मालिक हार्दिक शाह की भी मौत हो गई, यह बात पूरे शहर में फैल गई थी। जब सर्कस के कलाकारों को ये सब पता चला, तो वे टूट गए थे। सभी कलाकार रोने लगे थे। ओम भी सबके साथ रो रहा था।

ओम अपने घर गया। उसके घर की दीवार पर एक फोटो लगी थी और उस फोटो पर हार लगा हुआ था। ओम उस फोटो से बात करने लगा।

ओम : पल्लवी! तुमने देखा? मैंने तुम्हारी हत्या का बदला लिया ले लिया। जैसे हार्दिक ने तुम्हें खुलेआम मारा था, वैसे ही मैंने उसकी पत्नी को उसके हाथों खुलेआम मारवा डाला। उसे भी ये मालूम होना चाहिए कि किसी अपने के मर जाने पर कितना दर्द होता है। मैं तुमको सब कुछ पहले से बताता हूं। जब मुझे पता चला कि हार्दिक की पत्नी सर्कस में काम करने आने वाली है, तभी मैंने सारी योजना बना ली थी। पहले मैंने जानबूझ कर अपनी आंखों में मेकअप का ब्रश मार दिया। तब हार्दिक ने हमें पहली बार साथ देखा था। फिर मैंने फोटोशॉप से ​​अपनी और उर्मी की अश्लील तस्वीरें बनाईं और उन तस्वीरों को एक अनजान नंबर से हार्दिक को भेज दिया और फिर वो फोन फेंक दिया। फिर जब मैं बहाने से उर्मी से मिलने गया तो हार्दिक ने हमें दूसरी बार साथ देखा था। तब हार्दिक को कंन्फर्म हो गया था कि हमारा अफेयर चल रहा है। इसके बाद हार्दिक ने उर्मी को मार डाला। वो उर्मी की याद में इतना डूब गया था कि उसने मेरे बारे में सोचा ही नहीं। फिर मैंने नकली तांत्रिक बना के एक चोर को उसके पास भेजा। फिर उर्मी की आत्मा ने हार्दिक को मार डाला। अब अगर पुलिस जांच भी करे तो भी मेरा नाम कहीं नहीं आएगा। सभी कलाकार स्वीकार करेंगे कि सर्कस में शो के दौरान हार्दिक ने उर्मी को मार डाला था और अगर कोई स्वीकार नहीं करता है, तो मैं करूँगा। मेरे और उसके सिवाय कोई नहीं जानता कि हार्दिक ने उर्मी को क्यों मारा था। वो मर चुका है और मैं किसी को बताऊंगा नहीं। हार्दिक की मौत की बात करें तो पूरा शहर जानता है कि उसकी मौत सर्कस की आग में हुई थी। फिर भी अगर पुलिस जांच करेगी तो कोई सबूत नहीं मिलेगा। क्योंकि अगर कोई व्यक्ति अपराध करता है तो वह सबूत छोड़ जाता है, लेकिन आत्मा कोई सबूत नहीं छोड़ती। मिस्टर हार्दिक! मेरा बदला खत्म हो गया है।

( इतना कहकर ओम जोर-जोर से हंसने लगा।)

•~•~•~ समाप्त ~•~•~•