Slow down life! in Hindi Poems by PRAWIN books and stories PDF | आहिस्ता चल ए ज़िंदगी!

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आहिस्ता चल ए ज़िंदगी!

दोस्तो, ये कविता का नाम है.... आहिस्ता चल ए जिंदगी, अभी कई कर्ज चुकाना बाकी है ।


हर बात ये कविता मुझे भी यही बात याद कराती है की थोड़ा जिंदगी की रफ्तार इस हिसाब से रखे क्योंकी Ultimate मुकाम हम सभी का एक ही है । और सफर कैसे तय करेंगे इससे तय होगा की हम जिंदादिल कहलाएंगे या एक मुर्दा लाश की तरह जिंदगी की इस भगड़ोल में चले जाएंगे ।


इंसान और जिंदगी की रफ्तार के बिचमें जो कश्मकश है वोह इस कविता में बखुब बयान किए हैं। की पलक झपकते ही कैसे सालो साल गुजर जाते है, स्कूल से कॉलेज, कॉलेज से जॉब उसके बाद शादी, घर लेना, Loans, EMIs फिर बच्चों की पढ़ाई फिर बुज़ुर्ग मां बाप की सेवा और कितनी जिम्मेदारियों के बीच में पता ही नही लगता कैसे सालो साल गुजर जाते है।


और में यही Reminder आप सभी के साथ शेयर करना चाहता हु । ये कविता में Reminder जो है, की जिंदगी दोस्तो कोई बहोत बड़ी इमरजेंसी नही है, क्योंकि आखिरी मुकाम जैसे मेंने शरुआत में कहा हम सब का एक ही है। जिसे मैं Last Red Light कहता हूं, कभी आपने भी ये अनुभव किया होगा की जब आप एक लंबी रोड पे जा रहे हो और 4 यां 5 Red Light उस रोड पे हो, तो कई बार कोई सक्ष बड़ा जोर लगाके गाड़ी को इधर उधर करके वो गाड़ी आपसे आगे निकाल कर एक Red Light पार कर लेता है। कई बार आपको गुस्सा भी आता है, की में लाइन में खड़ा खड़ा wait कर रहा था ये कैसे निकलके आगे चला गया ।


फिर बड़ी एक Intresting चीज होती है, चोथी याँ पांच वी Red Light पर जहां आप खड़े है आपके बाजू में ही वही गाड़ी वाला खड़ा हुआ मिलता है। फिर आप एक लंबी सांस खींच के रिलैक्स करके देखते है, देखा भाई ? इतनी Tension लेने का कोई फायदा नही हुआ ।


तो.... कविता चलिए शुरू करते हैं।


आहिस्ता चल जिंदगी, अभी कहीं कर्ज चुकाना बाकी है,
कुछ दर्द मिटाना बाकी है, कुछ फर्ज निभाना बाकी है।


रफ्तार में तेरे चलने से, कुछ रूठ गए, कुछ छूट गए,
रूठों को मनाना बाकी है, रोतो को हंसाना बाकी है।
आहिस्ता चल जिंदगी, अभी कई कर्ज चुकाना बाकी है।


कुछ हसरते अभी अधूरी है, कुछ काम भी अभी जरूरी है,
ख्वाहिशे जो घूंट गई इस दिल में, उनको दफनाना बाकी है ।
आहिस्ता चल जिंदगी, अभी कई कर्ज चुकाना बाकी है।


कुछ रिश्ते बन कर टूट गए, कुछ जुड़ते जुड़ते छूट गए,
उन टूटें छूटें रिश्तों के ज़ख्मों को मिटाना बाकी है।
आहिस्ता चल जिंदगी, अभी कई कर्ज चुकाना बाकी है।


तू आगे चल में आता हूं, क्या छोड़ तुजे जी पाऊंगा,
इन सांसों पे हक है जिनका, उनको समझाना अभी बाकी है।
आहिस्ता चल जिंदगी, अभी कई कर्ज चुकाना बाकी है।


दोस्तों, #EnjoyYourJourney use करते हुए में, कमेंट सेक्शन में आप सबके वोह expreiances या उन लोगों के नाम जान ना चाहता हूं आपसे, जो आपको जीवन सही ढंग से जीने की कला सिखाते है। जो आप सबको प्रेरित करते है, की जीवन कोई एक जंग नही है बल्कि एक खेल है जिसमे मुकाम सब का बराबर है पर वोह सफर हम कैसे तय करेंगे इससे निर्णय होगा की हमने अपनी जिंदगी को कैसे गुजारा। I Look Forward To Your Comments.


कविता को पूरा पढ़ने के लिए धन्यवाद, इस story को Rate करके आप मेरा मनोबल बढ़ा सकते है । आपको स्टोरी कैसी लगी कमेंट करके अवश्य बताएं । दोस्तों में हर महीने एक नई स्टोरी के साथ आता हूं अगर आपको कविता पसंद आती है और आप आगे आने वाली एक भी स्टोरी Miss नही करना चाहते तो आप मुझे follow कर सकते हैं। कोई सुझाव है तो रिव्यू सेक्शन में लिख सकते हैं। आपका बहुमूल्य समय देने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।


में हुं PRAVIN RATHOD, मिलूंगा आपसे फिर एक और नई स्टोरी के साथ । तब तक खुश रहिए, मुस्कुराते रहिए और Learnings को अपनी लाइफ में Impliment करते रहिए। Bye Bye!