The Author Harshu Follow Current Read Hold Me Close - 18 - मैं तुम्हारे साथ कुछ भी कर सकता हूं By Harshu Hindi Love Stories Share Facebook Twitter Whatsapp Featured Books The Incomplete Soul - PROLOGUE AUTHOR’S NOTEEvery book I have written begins the same way —... A Tale From Treta Yuga - 5 Then, they started moving out of the forest together.After s... When Grammar Became a Memory When Grammar Became a MemoryFor Judy Jones Ma’am, with love,... Singapore Malaysia Diaries In May 2016, I travelled to Singapore and Malaysia with my p... HAPPINESS - 147 **Your Gaze** Your eyes are conveying something through subt... Categories Short Stories Spiritual Stories Fiction Stories Motivational Stories Classic Stories Children Stories Comedy stories Magazine Poems Travel stories Women Focused Drama Love Stories Detective stories Moral Stories Adventure Stories Human Science Philosophy Health Biography Cooking Recipe Letter Horror Stories Film Reviews Mythological Stories Book Reviews Thriller Science-Fiction Business Sports Animals Astrology Science Anything Crime Stories Novel by Harshu in Hindi Love Stories Total Episodes : 36 Share Hold Me Close - 18 - मैं तुम्हारे साथ कुछ भी कर सकता हूं (13k) 7.4k 11.6k तुमसे एक बात पूछूं ?", अर्जुन ने रेवा से कहा। "हा! आप कबसे मेरी परमिशन लेने लगे ?", रेवा ने हंसते हुए जवाब दिया। अर्जुन: तुम उस अजीत को जानती हो राइट ? चेहरा पहचान सकती हो ना ? रेवा: हा लेकिन आपको पता है! अजीत सिर्फ एक जरिया था । इस सबके पीछा का मास्टर माइंड कोई और ही है । मतलब मैंने ऐसा सुना था की अजीत मुझ से शादी करके मुझे उस आदमी को सौप देगा । किसकी सोच इतनी घटिया कैसे हो सकती है ! अर्जुन बड़बड़ागा । "थैंक यू सो मच एवरीथिंग । आपके बहुत एहसान है मुझ पर । जो शायद मैं कभी नही चुका पाऊंगी ", रेवा की इस बात पर अर्जन ने हंसते हुए जवाब दिया –"एहसान!! वो तो तुमने मुझ पर किए है ! Low maintenance contract wife हो तुम! तुम नही मिलती ना मुझे उस रात तो पता नही मेरी लाइफ का क्या होता। उस प्रिया से शादी करनी पड़ती मुझे ! और जिस लड़की से में प्यार नही करता उसके साथ शादी करके में मेरा रूम और मेरी लाइफ कुछ भी नही शेयर कर सकता " अर्जुन की इस बात पर रेवा ने अपना सिर हा मैं हिला दिया । कुछ देर बाद जब रेवा और अर्जुन अपने घर वापस आए तब अर्जुन के फोन पर एक कॉल आता है । अर्जुन बेड पर सोती हुई रेवा को देखता है और कॉल पिक कर देता है । "कल रेवा मैडम को पार्टी मैं ले जाना सेफ नही है । वो.....", इसके आगे सामने वाला आदमी कुछ बोल पाता अर्जुन ने कहा –"पता है मुझे ! इट्स रिस्की लेकिन कल ही मौका उस आदमी के पास पहुंचने का । मैं उसे कुछ नही होने दूंगा ! ", अर्जुन ने कहा और कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया । अर्जुन को आज लाइफ मैं पहली बार बेचैनी फील हो रही थी । उसे पता था कि पार्टी मैं रेवा को लेजाना सेफ नही है । लेकिन वो ये भी जानता था कि अगर उसके कल रिस्क नही ली तो वो उस आदमी के पास कभी पहुंच ही नही पाएगा जिससे रेवा को खतरा था । उसे आज पहली बार खुद के काबिलियत पर शक हो रहा था । "अगर मैं कल कही कम पड़ गया तो ! में रेवा को प्रोटेक्ट कर पाऊंगा ना ! मेरे ओवर कॉन्फिडेंस के वजह से रेवा को कुछ हुआ तो! ", अर्जुन ने मन मैं ही सोचा । "कुछ भी मत सोच अर्जुन ! सब ठीक हो जायेगा ! इससे पहले तो कभी खुद पर डाउट नही किया था मैंने तो अभी क्यूं!? तुषार और मैं मिलकर सब संभाल लेंगे ! ", अर्जुन ने खुद को शांत करते हुए कहा । अर्जुन ने रेवा की ओर देखा जो की शांति से सो रही थी । अर्जुन ने अपने कदम रेवा की ओर बढ़ाए और उसके सिर पर से हाथ फेरते हुए कहा –" तुम्हे मैं मेरा पूरा सच नही बता सकता ! अगर ऐसा किया तो तुम मुझसे दूर चली जाओगी ना ! मैं तुम्ही नही खो सकता ! पता नही ऐसा क्या है तुम्हारे मैं जो मुझे तुम्हारी और खींच लाता है । मैं तुम्हे नॉर्मल लाइफ नही दे सकता लेकिन i promise तुम्हारे ऊपर कभी खतरा नही आने दूंगा ! ", अर्जुन ने धीमी आवाज मैं कहा । वो रेवा से दूर जाने ही वाला था तभी रेवा ने अपनी आंखे खोली । अर्जुन को अपने इतना करीब देखकर वो जोर से चिल्लाई । "पागल लड़की चिल्लाओ मत ! मां है घर पर !! तुम हर बात पर चिल्लाती क्यूं रहती हो ? ", अर्जुन ने रेवा के मुंह पर अपना हाथ रखते हुए कहा । रेवा ने अर्जुन के हाथ को अपने दातों से काटा जिस वजह से अर्जुन ने अपना हाथ रेवा के मुंह के ऊपर से हटा दिया । "आप मेरे इतने करीब क्या कर रही थी ? फायदा उठा रहे थे मेरा ? मैने आपकी तारीफ क्या कर दी आप तो चने के झाड़ के ऊपर चढ़ गए । देखिए मेरे करीब मत आना ", रेवा ने गुस्से से कहा । "क्यों ये बार बार मेरा इगो हर्ट करती है ! ", अर्जुन बड़बड़ाया और रेवा को घेरते हुए गुस्से से कहा –"हां! उठा रहा था तुम्हारा फायदा । क्या करोगी तुम ? बोलो ना क्या करोगी तुम ? पुलिस केस? मुझे मारोगी? कहा जाओगी ? मैं तुम्हारे साथ कुछ भी कर सकता हूं ! मेरा एहसान है ना तुम पर ! घर छोड़कर नही जा सकती तुम क्यूंकि बाहर तुम्हारे लिए बहुत ज्यादा रिस्क है । " "मैं ...में आपके मां को बता दूंगी की आपने एक आदमी की जान ली थी । मैं सारी सच्चाई बता दूंगी", रेवा ने कहा । "और अगर मां कुछ हुआ इस सबके वजह से तो तुम्हारा क्या हाल होगा इसके बारे में सोचा है कभी ? पता है ना मेरी मां मेरी पूरी दुनिया है ", अर्जुन ने रेवा के ओर करीब जाते हुए कहा । "प्लीज ऐसा बिहेव मत करिए ! मैं वैसी लड़की बिलकुल नही हू। ! मैं क्या करू मुझे कुछ समझ नही आ रहा ",रेवा ने कहा और उसके आंखो से किसी झरने की तरह आसू बहने लगे । ‹ Previous ChapterHold Me Close - 17 - कल मैं रेवा को अपना बना लूंगा › Next Chapter Hold Me Close - 19 - you are falling for me ️ Download Our App