SANNATA AUR DARD in Hindi Poems by Piyush Parmar books and stories PDF | सन्नाटा और दर्द

Featured Books
  • CRAVE - Part -2

    दृश्य वहीं से शुरू होता है—काली चमचमाती कार धीरे-धीरे विरेला...

  • Muhabbat Ek Sabaq - 26

    “असद भाई कब आ रहे हैं शिफ़ा”??नाशते की मेज़ पर इम्तियाज़ साह...

  • हुक्म और हसरत -34

    ️ हुक्म और हसरत ️#Arsiaएपिसोड 34 — सिर्फ हमारे लिए शाम का सम...

  • K Pop मेरा पति - 4

    तन्वी झेंप गई और अपने पैरों का वजन दूसरे पैर पर डालते हुए सी...

  • baarish mein mila pyaar

    बारिश में मिला प्यारशहर में उस दिन बहुत तेज बारिश हो रही थी।...

Categories
Share

सन्नाटा और दर्द

पहली चुप्पी

कुछ बातें थीं, जो मैं कह नहीं सका।
हर बार जब मैं उनके सामने आया,
मुझे लगा कि शब्द मेरे मुंह में अटक जाएंगे।
मैंने हँसने की कोशिश की,
पर हँसी भी झूठी लग रही थी।

वो सामने थी, पर मेरे अंदर की दुनिया बंद थी।
हर नजर में कुछ कहना चाहता था,
पर जीभ चुप रही।
और उस पहली चुप्पी ने मेरे दिल में एक गहरी दरार छोड़ दी।

रातें लंबी हो गईं, और मैं सिर्फ यही सोचता रहा कि अगर मैं बोल पाता,
शायद कुछ बदल जाता।
लेकिन अब सिर्फ वो खामोशी है,
जो हर पल मुझे याद दिलाती है —
कभी कुछ कहना जरूरी था, पर कह न सका।

टूटे रिश्तों की याद

कुछ रिश्ते, जिन्हें हमने निभाने की पूरी कोशिश की,
फिर भी टूट गए।
उनकी यादें आज भी मेरे हर पल में मौजूद हैं।

हर जगह उनकी कमी महसूस होती है।
हर लफ़्ज़, हर मुलाकात अधूरी रह गई।
मैं सोचता हूँ कि अगर थोड़ी देर और साथ रहते,
शायद सब ठीक हो जाता।
पर अब सिर्फ यादें बची हैं,
जो मुझे हर दिन याद दिलाती हैं —
कुछ खो गया है, और वो कभी वापस नहीं आएगा।


छुपा हुआ दर्द

कई बार ऐसा होता है कि हम दर्द को खुद में दबा लेते हैं।
किसी को दिखाने की जरूरत नहीं लगती।
हर मुस्कान के पीछे एक अधूरापन होता है,
हर हँसी के पीछे एक खालीपन।

मैंने भी अपने अंदर बहुत कुछ छुपा रखा है।
किसी को नहीं बताया।
रातों में जब सब सोते हैं,
वो दर्द अपने आप बोलने लगता है।
मैं बस सुनता हूँ,
और खुद को समझाने की कोशिश करता हूँ कि ये भी जिंदगी का हिस्सा है।

कभी लगता है कि अगर मैं बोल दूँ,
शायद हल्का हो जाएगा।
लेकिन अब ये दर्द मेरी पहचान बन चुका है,
और मैं जानता हूँ कि बिना इसे महसूस किए मैं आगे नहीं बढ़ सकता।



टूटे रिश्तों की याद

कुछ रिश्ते, जिन्हें हमने निभाने की पूरी कोशिश की,
फिर भी टूट गए।
उनकी यादें आज भी मेरे हर पल में मौजूद हैं।

हर जगह उनकी कमी महसूस होती है।
हर लफ़्ज़, हर मुलाकात अधूरी रह गई।
मैं सोचता हूँ कि अगर थोड़ी देर और साथ रहते,
शायद सब ठीक हो जाता।
पर अब सिर्फ यादें बची हैं,
जो मुझे हर दिन याद दिलाती हैं —
कुछ खो गया है, और वो कभी वापस नहीं आएगा।


खोई हुई पहचान

कभी-कभी हम खुद को खो देते हैं।
रिश्तों, जिम्मेदारियों और दर्द में ऐसा लगता है कि मैं वही नहीं रहा जो था।
हर दिन बस एक नया संघर्ष है,
हर रात अपने आप से सवाल करना कि क्या मैं वही हूँ जो मैं बनना चाहता था।

लोग कहते हैं कि समय बदल देता है,
पर सच यह है कि हम खुद को भूल जाते हैं।
और इस खोई हुई पहचान ने मुझे दिखाया कि
कभी-कभी खुद को ढूंढना सबसे बड़ा दर्द है।


वो पहला विरह

पहली दूरियाँ हमेशा सबसे ज़्यादा असर करती हैं।
वो पल जब हम पास थे,
और अचानक दूर हो गए।

हर दिन, हर रात,
मैं सिर्फ उसकी याद में जीता रहा।
मुलाकातें अधूरी, बातें अधूरी,
और एक खालीपन जो कभी नहीं भर सकता।

वो पहला विरह ने मुझे सिखाया कि
कभी-कभी, प्यार को भी छोड़ना पड़ता है।
लेकिन दर्द, वो हमेशा साथ रहता है।
हर याद, हर पल,
बस ये बताता है कि जो खो गया है, वो वापस नहीं आएगा।


भविष्य का डर

कभी लगता है कि आने वाला वक्त भी डराता है।
क्या होगा अगर वही दर्द फिर दोहराया जाए?
क्या होगा अगर वही अधूरी कहानियाँ फिर सामने आएँ?

लेकिन मैं जानता हूँ कि डर का सामना करना ही जरूरी है।
हर अनुभव, हर दर्द, हर अधूरापन मुझे मजबूत बनाता है।
और इसी डर के बावजूद, मैं आगे बढ़ता हूँ।

दिल के जख्म

दिल के जख्म कभी पूरी तरह भरते नहीं।
कुछ घाव बस दर्द की तरह अंदर रहते हैं।
मैं सोचता हूँ कि अगर मैं उन्हें छू भी पाता,
तो शायद हल्का हो जाता।

लेकिन अब ये जख्म मेरी कहानी का हिस्सा हैं।
ये बताते हैं कि मैंने महसूस किया,
मैंने चाहा, और मैंने खोया।


एक खाली कमरा

कभी-कभी एक खाली कमरा सबसे ज्यादा बोलता है।
जहाँ सिर्फ यादें रहती हैं,
जहाँ हर चीज़ तन्हा नजर आती है।

मैं अंदर जाता हूँ,
और महसूस करता हूँ कि
वो जगह अब सिर्फ मेरे अंदर के खालीपन का प्रतीक है।
हर कोना, हर दीवार मुझे पुरानी बातें याद दिलाती है।


नासमझ सवाल

कभी-कभी दिल में सवाल उठते हैं,
जो कोई जवाब नहीं देते।
क्यों कुछ चीजें अधूरी रहती हैं?
क्यों कुछ लोग दूर चले जाते हैं?

मैं जानता हूँ कि इन सवालों के जवाब शायद कभी नहीं मिलेंगे।
लेकिन ये सवाल ही हमें सोचने और समझने पर मजबूर करते हैं।


तन्हा शामें

शामें सबसे ज्यादा तन्हा लगती हैं।
हर आवाज़, हर हलचल,
बस खालीपन और यादें छोड़ जाती हैं।

मैं खिड़की के पास बैठता हूँ,
और सोचता हूँ कि अगर कोई पास होता,
तो शायद ये तन्हाई कम लगती।

अनदेखा दर्द

कभी-कभी दर्द ऐसा होता है,
जिसे कोई देख नहीं पाता।
हम अंदर ही अंदर जला करते हैं,
पर कोई नहीं समझता।

और इसी अनदेखे दर्द ने मुझे सिखाया कि
कभी-कभी इंसान को खुद से ही लड़ना पड़ता है।



बिखरी यादें

यादें कभी स्थिर नहीं रहतीं।
कुछ खुशियों की, कुछ दर्द की।
वे बिखरती हैं, हमें अकेला छोड़ देती हैं।

मैं उन्हें संभालने की कोशिश करता हूँ,
लेकिन वे फिर भी हर जगह फैल जाती हैं।
और यही बिखरी यादें बनती हैं
मेरी ज़िन्दगी का हिस्सा।


भीतर का अँधेरा

हम सभी के अंदर अँधेरा होता है।
कभी-कभी वो अँधेरा डराता है,
कभी अकेला कर देता है।

मैंने महसूस किया कि
इस अँधेरे से भागना नहीं,
बल्कि उसे समझना और स्वीकार करना जरूरी है।


अपनों का मोह

अपनों से मोह सबसे जटिल होता है।
कभी वो दर्द देते हैं,
कभी खुशी।

लेकिन यही मोह हमें जोड़ता है,
और कभी-कभी चोट भी पहुंचाता है।
मैं समझता हूँ कि अपनों का मोह भी सीख देता है,
और हमें इंसान बनाता है।


जुदाई 

जुदाई दर्द की सबसे बड़ी दवा नहीं होती,
बल्कि वो ज़हर है जो धीरे-धीरे अंदर तक पहुँचता है।
हर दिन लंबा लगता है,
हर रात तन्हा।
लेकिन इसी जुदाई ने मुझे सिखाया कि
कभी-कभी खोना भी जरूरी होता है।

इश्क़ और प्यार

इश्क़ ऐसा एहसास है जो शब्दों में नहीं आता।
हर धड़कन, हर सांस में बस वही नाम रहता है।
मैंने चाहा, चाहा इतना कि खुद को भी भूल गया।
प्यार में हम अक्सर खो जाते हैं,
और यही खोना ही उसे खास बनाता है।

तन्हा सवेरे

सुबह आती है,
पर तन्हाई अपने साथ लाई हुई है।
हर सुबह की रोशनी भी
खालीपन को नहीं मिटा पाती।

मैं बस खिड़की के पास बैठकर सोचता हूँ,
कि क्या कभी ये तन्हा सवेरे खत्म होंगे।
और हर सुबह मुझे याद दिलाती है कि
कुछ चीजें समय के साथ भी नहीं बदलती।

बारिश

बारिश हमेशा दिल को छू जाती है।
वो बूंदें जो जमीन पर गिरती हैं,
हमारे अन्दर की भावनाओं को भी हिला देती हैं।
मैंने महसूस किया कि बारिश सिर्फ मौसम नहीं,
एक एहसास है, जो हर दर्द और हर खुशी को साथ लाती है।

वक्त और बदलाव

वक्त कभी किसी के लिए नहीं रुकता।
जो पल आज हैं, वो कल याद बन जाते हैं।
और बदलाव… वो अनिवार्य है।
मैंने महसूस किया कि समय और बदलाव ही हमें समझदार बनाते हैं,
और जीवन की असली तस्वीर दिखाते हैं।



उम्मीद का टूटना

उम्मीदें कभी-कभी टूट जाती हैं।
हम सोचते हैं कि अब कुछ नहीं बचा।
लेकिन यही टूटे हुए ख्वाब
हमें नए रास्ते खोजने पर मजबूर करते हैं।
और मैं जानता हूँ कि हर टूटती उम्मीद में भी
कुछ सीख छुपा होता है।

अधूरी मोहब्बत

प्यार कभी पूरा नहीं होता।
कुछ रिश्ते अधूरे ही रह जाते हैं,
कुछ ख्वाब बस अधूरे ही रहते हैं।

मैंने जाना कि अधूरी मोहब्बत
हमारे दिल में खालीपन छोड़ती है,
हर सांस के साथ याद आती है,
और हर कदम पर हमें अपने आप से लड़ने पर मजबूर करती है।

कभी-कभी लगता है कि अगर मैं थोड़ा और कह पाता,
तो सब बदल जाता।
लेकिन अब सब बस अधूरी ही रह गई है,
और यही अधूरी मोहब्बत
मेरे अंदर के दर्द को और गहरा करती है।


फूल

फूल सिर्फ सुंदर नहीं होते।
उनमें खुशबू, नमी और जीवन का संदेश होता है।
मैंने महसूस किया कि जैसे फूल हर मौसम में खिलते हैं,
वैसे ही इंसान भी मुश्किल हालात में अपनी खूबसूरती और ताकत दिखा सकता है।

अधूरी बातें

कई बातें बस दिल में रह जाती हैं।
कहने का हौसला नहीं होता,
और सुनने वाला भी कभी नहीं समझ पाता।

ये अधूरी बातें
हमारे रिश्तों को अधूरा बनाती हैं,
हमारे ख्वाबों को अधूरा छोड़ देती हैं,
और हमारे दिन-रातों में एक अजीब सी खाली जगह बना देती हैं।

कभी-कभी मैं सोचता हूँ,
अगर मैं उन शब्दों को कह पाता,
तो क्या कुछ बदल जाता?
क्या वही लम्हा मुझे पूरा कर देता,
या फिर और ज्यादा टूटने का मौका देता?

लेकिन अब बस यही अधूरी बातें हैं,
जो हर रात मुझे जगाती हैं,
हर सुबह मुझे सोचने पर मजबूर करती हैं।
और मैं समझता हूँ कि कुछ चीजें बस अधूरी ही रहनी चाहिए,
ताकि उनका दर्द हमारे अंदर गहरे तक बैठ सके।