शहद की गुड़िया - प्रकरण 91
" उस के बाद गरिमा ने उस के चरित्र के बारे में लोगो को सच्चाई से अवगत किया था. गौरवने भी उस की प्रशंसा के पुल बांधे थे."
" उस वक़्त बच्चा नीला की गोद में सोया हुआ था."
" स्नेहा अपने आंसू रोक नहीं पा रही थी."
" बिभूति उसे अपनी गोद में बिठाकर प्यार की वर्षा क़र रही थी. "
" उस वक़्त एक ही शख्स इस सभा में मौजूद नहीं था और वह था हसमुख. उस ने संभव का सब कुछ छिन लिया था . भगवान ने उस के कुकर्मो का बदला दिया था.वह अस्पताल में आखिरी सांसे ले रहा था."
" मरते हुए आदमी के साथ सारा वैमनस्य खत्म हो जाता हैं. उसी ने ही सुहानी पर अत्याचार क़र के उस की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया था. जिस का बुरा नतीजा निकला था."
" उस ने मरते समय अपने सारे गुनाह कबूल क़र लिये थे, उस के लिये मांफी भी मांगी थी. "
" और उस ने दम तोड़ दिया था."
" उस वक़्त संभव सब कुछ भुलाकर अंतिम यात्रा में शामिल हुआ था."
" इस बात का भी उस ने स्नेहा से जिक्र किया था. "
" हसमुख और सुहानी के पुराने आशिको ने उसे बर्थ डे पार्टी में आमंत्रित किया था. ऊस में अनिश को भी बुलाया था. हसमुख और पुराने आशिको ने मिलकर सुहानी का यौन शोषण किया था. और ऊस का दोष अनीश पर डाल दिया था. "
" सब कुछ होने के बाद अनीश को बेहोश कर के ऊस के सारे कपड़े उतार कर सुहानी के साथ सुला दिया था और ऊस का वीडियो उतार लिया था और उन का पाप अनीस के सर चढ़ा दिया था. "
" अनीस को तो कुछ भी मालूम नहीं था. सुबह जब सुहानी ने आँखों खोली तब अनीस नंगी हालत में ऊस की बाजु में सोया हुआ था. ऊस वक़्त सुहानी के अंग पर कोई कपड़ा नहीं था. दोनों एक बडी साजिश का शिकार बन गये थे. "
" इस स्थिति में संभव ने बडी मा के कहने अपने घर ले आया था. और दूसरे दिन उसे अस्पताल में ले जाकर क्यूरिटीन करवाया था और ऊस की रखवाली की थी. "
" कुछ दिन संभव ने अपनी साली को अपने घर रखा था. तब अनीस ऊस के घर आया था और एक प्रेमी होने का दावा कर के सुहानी को ले जाने की धमकी दी थी. तब संभव ने उसे चुनौती दी थी. " तुम कोशिश तो करो. मै देखता हूं कैसे उसे ले जाते हो और वह चुपचाप चला गया था.
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"तीनो गुड़िया भी वहाँ मौजूद थी. वह लोग अपने दादू की याद में अनगिनत आंसू बहा रही थी. उन तीनो की शादी हो गई थी. उसे तो शादी में जाने का मौका नहीं मिला था. फिर भी उस ने तीनो के कन्यादान की रस्मे निभाने के लिये तीन कवर तैयार रखे थे.
" जिसे याद क़र के स्नेहा ने उन के हाथों में थमा दिये थे. उस पर तीनो भावुक होकर रो पड़े थे और संभव के फोटो समक्ष हाथो जोड़कर माफ़ी मांगी थी."
" दादू! हमें माफ कर देना!! "
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