अगली सुबह आयरनवुड जेल के कारखाने (वर्कशॉप) में भारी मशीनों की गड़गड़ाहट गूंज रही थी। चारों तरफ लोहे के कटने और वेल्डिंग की चिंगारियों का धुआं था। ईथन हमेशा की तरह शांत और बेफिक्र होकर लेथ मशीन पर काम कर रहा था। उसके चेहरे पर कालिख की कुछ लकीरें थीं, लेकिन उसकी आंखों की चमक वैसी ही थी।
तभी उसके ठीक बगल में आकर डेविड खड़ा हो गया। डेविड—जो पिछले पांच सालों से ईथन का सेल-मेट था। डेविड ने बिना कुछ कहे चुपचाप अपनी आस्तीनें चढ़ाईं और लोहे के भारी पाइपों को उठाने में ईथन की मदद करने लगा। वह जेल का इकलौता ऐसा इंसान था जिसे ईथन अपने करीब आने की इजाजत देता था। दोनों ने साथ में कई लंबी रातें, कई खतरे और जेल की वो खामोशियां काटी थीं जो किसी को भी पागल कर दें। डेविड का साथ ईथन के लिए इस नर्क में एक भरोसेमंद दीवार जैसा था।
उसी शाम, जब बैरक की बत्तियां मद्धम हो गईं और चारों तरफ रात का सन्नाटा पसर गया, दोनों अपनी-अपनी बर्थ पर लेटे थे।
"सिर्फ तीन दिन और, ईथन," डेविड ने अंधेरे में छत को देखते हुए बहुत धीमी आवाज में कहा। उसकी आवाज में एक अजीब सा भारीपन था। "इसके बाद तुम इस नर्क से आजाद हो जाओगे। बाहर की खुली हवा, बिना सलाखों का आसमान... सच कहूं तो तुम्हारे बिना यह जगह और ज्यादा काटने को दौड़ेगी।"
ईथन ने मुस्कुराते हुए अपनी आंखें बंद कीं। "वक्त बदलता है, डेविड। जब मैं यहां आया था, तो मुझे लगा था कि मैं कभी बाहर की दुनिया का चेहरा नहीं देख पाऊंगा। लेकिन तुमने मुझे संभाला। इस जगह ने मुझे बहुत कुछ सिखाया, लेकिन तुम्हारी वफादारी ने मुझे जिंदा रखा। जब मैं बाहर जाऊंगा, तो तुम्हारे केस की फाइलें दोबारा खुलवाऊंगा। यह मेरा तुमसे वादा है।"
डेविड कुछ पल के लिए बिल्कुल शांत रहा। अंधेरे में उसका चेहरा साफ नहीं दिख रहा था, लेकिन उसने धीरे से कहा, "तुमने हमेशा मेरा ख्याल रखा है, भाई। हमेशा।" उस रात की बातों में एक ऐसा इमोशनल खिंचाव था, जिसने ईथन के दिल को छू लिया था। उसे लगा कि वह अपनी आजादी का एक हिस्सा डेविड के नाम कर रहा है।
अगली सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही डेविड ईथन के सेल के बाहर खड़ा था। उसके चेहरे पर थोड़ी घबराहट थी, जो ईथन को सामान्य लगी।
"ईथन, सी-ब्लॉक के पीछे जो पुराना लॉन्ड्री रूम और खाली पड़े सेल्स हैं, वहां वार्डन ने कुछ नया सामान रखवाया है। कुछ ऐसा है जो तुम्हें देखना चाहिए... तुम्हारी रिहाई से जुड़े कुछ कागजात और कुछ पुरानी चीजें वहां छुपाई गई हैं," डेविड ने इधर-उधर देखते हुए फुसफुसाकर कहा।
ईथन को डेविड पर रत्ती भर भी शक नहीं था। वह बिना किसी हिचकिचाहट के उसके पीछे चल पड़ा। दोनों जेल के उस गलियारे में पहुंचे जहां सन्नाटा था। वहां कोई गार्ड नहीं था, और लाइटें भी बंद थीं। डेविड ने एक भारी लोहे के दरवाजे को धकेला और ईथन को अंदर जाने का इशारा किया। जैसे ही ईथन ने उस खाली, धूल भरे सेल में कदम रखा, पीछे से दरवाजा बंद होने की और भारी कुंडी चढ़ने की आवाज आई।
ईथन ने तेजी से मुड़कर देखा। दरवाजे के छोटे से लोहे के ग्रिल के पीछे डेविड का चेहरा था। उसकी आंखों में वो वफादारी नहीं थी जो कल रात दिख रही थी। वहां सिर्फ एक ठंडी, बेजान खामोशी थी।
"डेविड?" ईथन के मुंह से सिर्फ इतना ही निकला। उसके सीने में एक अजीब सा झटका लगा।
तभी अंधेरे सेल के कोनों से दो साये उभरकर सामने आए। वे कोई आम कैदी नहीं थे। उनके हाथों में जेल की बनी हुई नुकीली, धारदार और लंबी चाकुएं (शिव) थीं। उनमें से एक था 'द हंटर' मार्कोस और दूसरा था 'ब्लेड' कर्टिस—जो बाहर की दुनिया में पैसे लेकर इंसानों का शिकार करने वाले टॉप क्लास के चाकूबाज थे। उनकी आंखों में सिर्फ मौत का सन्नाटा था।
ईथन ने अपनी नजरें दरवाजे पर खड़े डेविड से हटाकर उन दोनों शिकारियों पर टिका दीं। झटका और हैरानी अब ठंडे गुस्से में बदल चुकी थी। उसके पास कोई हथियार नहीं था, लेकिन उसका शरीर खुद एक हथियार था।
कर्टिस ने बिजली की रफ्तार से पहला वार किया। उसका चाकू ईथन के गले की तरफ बढ़ा। ईथन ने अविश्वसनीय फुर्ती से अपने सिर को पीछे खींचा। ब्लेड हवा को चीरता हुआ उसकी शर्ट को छूकर निकल गया। इससे पहले कि कर्टिस अपनी पोजीशन संभाल पाता, ईथन ने अपनी कोहनी से उसके जबड़े पर करारा प्रहार किया। कर्टिस के मुंह से खून का फव्वारा छूटा और वह पीछे हटा।
लेकिन ठीक उसी पल, मार्कोस ने पीछे से हमला कर दिया। वह एक ट्रेंड हंटर था, उसे पता था कि शिकार जब ध्यान भटकाए तब कहां वार करना है। उसका चाकू ईथन की पीठ के निचले हिस्से में घुस गया।
आह! ईथन के मुंह से एक दबी हुई चीख निकली। दर्द की एक तीखी लहर उसकी रीढ़ की हड्डी से होते हुए दिमाग तक गई। उसने मुड़कर मार्कोस की कलाई पकड़ी और उसे दीवार से दे मारा, जिससे मार्कोस का कंधा अपनी जगह से हिल गया।
पर ईथन घायल हो चुका था। उसकी पीठ से खून तेजी से बह रहा था। कर्टिस ने इस कमजोरी का फायदा उठाया। उसने दोबारा हमला किया, इस बार उसका निशाना ईथन का पेट था। ईथन ने वार को रोकने के लिए अपने दोनों हाथ आगे बढ़ाए। तेज धार वाले चाकू ने ईथन की हथेलियों को चीर दिया। खून से सने हाथों के बावजूद, ईथन ने कर्टिस को पीछे धकेला और लात मारकर जमीन पर गिरा दिया।
सेल की कंक्रीट की दीवारें ईथन के खून के छीटों से लाल हो चुकी थीं। वह अकेला दो सबसे खतरनाक प्रोफेशनल्स से लड़ रहा था। उसकी सांसें फूल रही थीं, और नजरें धुंधली हो रही थीं। उसने एक आखिरी बार पूरी ताकत बटोरी और मार्कोस पर झपट्टा मारा, लेकिन कर्टिस ने जमीन से उठकर पीछे से ईथन के घुटने पर वार कर दिया।
ईथन लड़खड़ाकर घुटनों के बल आ गिरा।
मार्कोस ने बिना कोई मौका गंवाए, अपनी पूरी ताकत से चाकू ईथन के सीने के ठीक बीचों-बीच, उसके दिल के पार उतार दिया।
समय जैसे ठहर गया।
ईथन का शरीर सुन्न हो गया। उसके मुंह से खून का एक कतरा टपका। उसने दर्द को महसूस करना बंद कर दिया था। उसने धीरे से अपना सिर उठाया और दरवाजे की ग्रिल की तरफ देखा, जहां डेविड अब भी खड़ा था।
ईथन की आंखों में मौत का डर नहीं था। उसकी आंखों में सिर्फ एक गहरा, चीर देने वाला सदमा (Shock) था। वो सदमा उस चाकू से ज्यादा जानलेवा था जिसने उसके दिल को बेधा था। वह डेविड को देखता रहा—वो दोस्त जिसके साथ उसने पांच साल बिताए थे, जिससे उसने कल रात अपनी आजादी की बातें की थीं, जिसने उसे भाई कहा था। ईथन का दिमाग इस सच को स्वीकार ही नहीं कर पा रहा था कि उसकी मौत की वजह कोई दुश्मन नहीं, बल्कि उसकी अपनी ही परछाईं बनी थी।
ईथन की आंखें डेविड पर ही टिकी रहीं, मानो वह आखिरी सांस तक अपनी उस अटूट भरोसे की मौत का मातम मना रहा हो। धीरे-धीरे उसका शरीर ठंडा पड़ गया, और उसकी खुली हुई आँखें हमेशा के लिए शांत हो गईं। ब्लॉक-सी का बादशाह अपनी रिहाई से ठीक तीन दिन पहले, अपने ही सबसे करीबी के धोखे की भेंट चढ़ चुका था।