badsurat ladki - 2 in Hindi Drama by Anjali kori books and stories PDF | बदसूरत लड़की - 2

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बदसूरत लड़की - 2

उन दोनों पति-पत्नी में अस्पताल में शोर मचाना शुरू कर दिया। उनका शो सुनकर वहां एक लेडी डॉक्टर आ गई आ जाती है जिन्होंने उसे औरत की अभी-अभी करवाई थी। डॉक्टर उसे लेडी के पास जाकर आखिर आप लोगों को क्या हुआ है जो आप लोग अस्पताल में इतना शोर मचा रहे हैं उसे डॉक्टर को देखकर वह दोनों हसबेंड वाइफ डॉक्टर मेरा नाम कैलाश शर्मा है और यह मेरी वाइफ जान की शर्मा है मेरी वाइफ की आज डिलीवरी हुई और आपकी यह नस हमें हमारी बच्ची की जगह किसी और की लड़की  दे रही है। क्या हम इस बेवकूफ नजर आते हैं जो यह किसी का भी बच्चा हमारे गले मढ़ जाएगी वह डॉक्टर उसे औरत जानकी को पहचानते हो मैडम देखिए मैं नहीं आपकी डिलीवरी करवाई है और यह बच्चे आपकी ही। लेकिन वह हस्बैंड वाइफ किसी भी सूरत में उसे बच्ची को अपना नहीं मान रहे थे और उन्होंने इस अस्पताल पर एग्जाम लगना शुरू कर दिया कि यहां बच्चों की अदला बदली होती है और उनके बच्चे चोरी हुई है। वह आदमी जिसका नाम कैलाश शर्मा था उसने तुरंत पुलिस को फोन करके शिकायत दर्ज कर दी होटल में उसकी बच्ची चोरी हो गई है और कुछ देर में एक पुलिस ऑफिसर भी उसे अस्पताल में आ जाते हैं और उन दोनों की शिकायत पर अस्पताल में सबसे पूछताछ करते हैं थे ओनर्स और डॉक्टर उन्हें सब कुछ सच-सच बता देती हैं देखिए और देखिए सर वह लेडी डॉक्टर पुलिस ऑफिसर से कहते हैं देखिए सर इन मैडम के डिलीवरी में नहीं करवाई है और यह बच्ची इन दोनों की है पता नहीं क्यों यह उसे नहीं अपना रहे और हमारे हॉस्पिटल में बच्चा चोरी जैसा काम नहीं होता , उसे डॉक्टर की बात सुनकर वह हस्बैंड वाइफ अपनी सफाई देने लगे नहीं कर इन्होंने हमारी बच्ची बदल दी है पुलिस ऑफिसर देखें इस अस्पताल में सीसीटीवी कैमरा है अभी सच का सच में झूठ  काझूठ हो जाएगा। और फेसबुक पुलिस ऑफिसर सबके सामने सीसीटीवी कैमरा की फूटीज दिखाते हैं। जिससे सब पता चलता है कि यह बच्ची जान की शर्मा और कैलाश शर्मा की ही थी। जिससे वह दोनों भी देख चुके थे और वह समझ भी गए थे कि उनकी ही बच्ची है पर फिर भी उसे बच्चों के लिए उन दोनों के आंखों में कोई भी प्यारी ममता नजर नहीं आ रही थी तब डॉक्टर उसे पुलिस वाले से धीरे से कहती है सर यह दोनों सिर्फ रंग की वजह से इस बच्ची से पीछा छुड़ाना चाहते हैं आप कुछ कीजिए वरना बच्चे के साथ बहुत अन्याय हो जाए।

डॉक्टर की बात सुनकर और उन दोनों हसबेंड वाइफ को देखकर वह पुलिस वाला इतना तो समझ जाता है कि यह दोनों पढ़े लिखे जाहिल इंसान है। जो अपनी ही  बच्ची को बस उसके सामने रंग की वजह से नहीं अपना रहे हैं तब पुलिस वाला उन दोनों के पास आकर देखिए अब साबित हो गया है कि बच्चे आपकी ही है तो आप इसे लेकर घर जाइए और हम में देखने के लिए हर महीने आता रहूंगा कि आप लोग इसका किस तरह से ध्यान रखें और फिर पुलिस वाला और बच्चे को प्यार से अपनी गोद में लेता है तो गौर से देखने पर उसे उसकी प्यारी सी आंखें जो बिल्कुल सितारों जैसी झिलमिला रहे थे। भली ही उसका रंग दबा हुआ था पर विधाता में के नैन नक्ष बहुत ही खूबसूरत बनाया था । इंस्पेक्टर उसे बच्ची को लेकर बहुत प्यार से उसके सर पर हाथ फिरता है और फिर होठों से एक प्यारा सा नाम आता है और वह मुस्कुरा कर उसे बच्ची को देखते हुए जी आपकी आंखें इतनी खूबसूरत है इसलिए आज से आपका नाम होगा नैना । डॉक्टर भी उसे नाम को सुनकर बहुत पसंद आती है और फिर वह और बच्चे की नजर उतार दे लेकिन दूर खड़ी उसकी मां-बाप को इससे रत्ती भर भीफर्क नहीं पड़ता फेस वाला उसे बच्ची को उसकी मां की दूध में डालकर चला जाता है और फिर ना चाहते हुए भी उन दोनों हसबेंड वाइफ को उसे बच्ची को अपने घर ले जाना ही पड़ता। उनकी जाते ही वह डॉक्टर उसे नर्स के पास आकर रहती है कैसे मां बाप है यह दोनों अपनी औलाद से शर्मिंदा हो रही है कैसी किस्मत लाई है यह बच्चे अपने साथ पैदा होते ही जिससे बस तिरस्कार ही मिला पता नहीं आगे उसे और क्या-क्या झेलना पड़ेगा।  वो नर्स डॉक्टर मैडम चिंता मत कीजिए । मुझे पक्का या पीने की भगवान की बच्ची का साथ हमेशा दिन चाहे कोई इसके साथ हो ना हो