और तभी अचानक से मेघना की कदम
अपने आप रुक जाती है
उस कमरे की तरफ देखते हुए
कुछ सेकंड वैसे ही ठहर जाती है
वह कमरा उसके पिता की स्टडी रूम है
उसे इतना याद है
तभी वो
अचानक देखी है
एक छोटी लड़की उस कमरे की तरफ
अपनी ननी कदम बढ़ाते हुए
हंसते हुए और डैड डॉड कहते हुए
जा रही है
उस कमरे में स्टडी टेबल के पास चेयर पर बैठा हुआ है
छोटी लड़की के पिता
वह कुछ फाइलो पे कलम से लिखते हुए काम कर रहे हैं
और सोच रहे हैं
और तभी वह बच्ची कमरे के अंदर जाती है
और हल्की सी मूरते हुए साइड चलते हुए
अचानक अपने पिता के पास कुछ सेकंड में जाकर खड़ी हो जाती है
और
अचानक अपने नन्हे दोनों हाथ उठाते हुए
अपने पिता के पीठ की तरफ बढ़ते हुए
उसके गर्दन को पकड़ने की कोशिश करते हुए
मुस्कुराते हुए
हल्की आवाज में कहती है
डैड
और वही
उसके पिता बिना ध्यान दिए
उस पन्नों पर कलम चलाते हुए
उस बच्ची से
हॉकी भारी आवाज में कहता है
मेघा अभी मुझे काम करना है
अपनी मां के पास जाओ
और ही
वह बच्ची वैसे ही अपने पिता के आधे गार्डन को पकढ़ते हुए
हल्के उसके साइड में अपना सर झुकाते हुए
उसके चेहरे को देखने की कोशिश करते हुए
आगे मुस्कुराते हुए कहती है
पर डैड
और तभी अचानक आवाज आती है
क्या कर रही हो रिया
और वही वैदेही रिया को देखते हुए
उसे डांटे हुए ऊंची आवाज में कहती है
तुमने यह क्यों कहा दिया
और वही अब भी मेघना की नजर उस कमरे की तरफ है
छोटी बच्ची की ख्यालों में खोई हुई
और वही रिया अपनी मां की बातें सुनते हुए
और उस ग्लास को दूसरी तरफ रखकर
अपने हाथ पीछे लेते हुए
अचानक हल्की नजर उठा कर
अपनी मां की तरफ देखती है
हल्की आवाज में कहती है
क्योंकि उसे भी पता होना चाहिए
आखिर उसने किया क्या
और तभी अचानक मेघना
धीरे से अपनी कदमें घूमते हुए मुड़कर
नजरे उठाकर हैरानी रिया और अपनी मां की तरफ
देखने लगती है
और अचानक उसकी पूरी बॉडी पैनिक में आते हुए
थरथर होती है
बस वह अपनी मां और बहन की तरफ देखते हुए
ठहर जाती है
और उसके दिमाग में रात के बाद रिया की याद आती है
कि तुम चाहती हो कि डैड तुम्हारे पास रहे हैं
और अभी जो उसने देखा उस छोटी बच्ची
की यादें
डैड डैड
करते हुए
और वही रिया अचानक से अपनी मां से नजर हटाकर
फिर से टेबल पर रखी हुई प्लेट को अपने हाथ बढ़ाते हुए
पकड़ कर सही से करने लगती है
और वही वेदेही उसे हैरानी के साथ देखी जा रही है
और तभी मेघना अचानक हैरानी और घबराहट के साथ
हल्की हकलाते हुए जुबान से कहती है
तु तुम्हीं ने तो शाम को डैड की बात की थी
और तभी वैदेही अचानक यह सुनते ही
नजर घूमर उठाते हुए
हैरानी के साथ मेघना की तरफ देखती है
उसके धड़कन अचानक धक से करके बढ़ जाती है
उसे समझ में ही नहीं आ रहा है
कि वह क्या बोल रही है
और रिया ने उसे क्या कहा
और
और वही रिया प्लेट को सही से करते हुए
प्लेट को छोड़कर हाथ पीछे लेते हैं
अचानक नजरे उठाकर आगे देखने की तरह देखते हुए
उठ खड़ी होती है
और वही मेघना दूसरी तरफ खड़ी
रिया की तरह देख रही है
उसके दिमाग ठहरने की नाम ही नहीं ले रही
और पैनिक में रिएक्ट करते हुए
सो संभावनाएं बन रही है
किसी भी चीज पर यकीन न करने की
और
तभी अचानक रिया उठ खड़ी होते हुए
मेघना की तरफ देखते हुए
बिना भाव के बिना सोचे
हल्की ऊंची आवाज में कहती है
मैंने कब कहा
तुम भूल गई हो क्या
डैड कब के मर चुके हैं
जब तुम 13 साल की थी तभी
तुम्हें नहीं पता कि तुमने क्या क्या
और तभी वैदेही अचानक यह सुनते ही
उसकी धड़कन और ज्यादा बढ़ जाती है
मानो कि उस के पैरों तले जमीन किसकी जा रही है
और वही यह सुनते ही अचानक से
मेघना की पूरे बॉडी और पैनिक होते हुए
और थरथरा जाती है
मानो की लगा उसके पैर जमीन पर टिकी नहीं रही
उसकी पैर हाथ थरथरा रही है
और उसके सास हल्के गहरी हो जाती है
और कुछ सेकंड ठहरते हुए
अचानक उसके कप कपाते होठों से
कप-कपाते हुए ऊंची आवाज के साथ निकल आती है
की
मैं। मैंने क्या किया
और तभी अचानक से उसकी जुबान खामोश हो जाती है
और उसने क्या किया
यह सोचने के लिए उसके दिमाग दौड़ पड़ती है
और उसके दिमाग में अचानक रात की सपनों की
और यादे की सारे बात गूंजने लगती है
रात की रिया की के बाद घूजती है
तुम्हारे डैड मेघना
तुम चाहती हो कि वह बापस आए
तभी अचानक रात की बात गंज पड़ती है
मेरे पिता मर चुके हैं
और तभी अचानक रिया की अभी की बातें गंज पड़ती है
तुम्हें नहीं पता कि तुमने क्या किया
और फिर अचानक रिया की पहले की बातें
गंज पड़ती है
कौन से डैड
तुम कौन सी डैड के बारे में बात कर रही हो
डैड तो कब के मर चुके हैं
अचानक उसे बच्चों के हंसते हुए आवाज़
आती है आती है तेज लाउड में
डैड डैड करते हुए
हर एक आबाज साथ
उसके पैनिक और घबराहट बढ़ रही है
और
उसकी सांसे और चढ़ती जा रही है
उसके हाथ और ज्यादा कांप रही है
और अचानक मेघना के चेहरे सिकोड़ जाती है
और हाथ के साथ साथ पूरी बॉडी की नसें भी तने लगती है
और एक-एक करके दिमाग में सारे आवाज
एक साथ घूगने लगती है
और वहीं दूसरी तरफ
रिया अचानक रिएक्ट करते हुए
यह कहने वाले थे
कि
तुमने ही तो डैड को
और तभी अचानक रिएक्ट यह करते हुए
उसकी नजर आगे
मेघना के आंनॉर्मल तने हुए चेहरे पर पड़ती है
और अचानक रिया के आंखें मेघना को देखते हुए
हैरानी और डर से कड़ी हो जाती है
और वहीं खड़ी वैदेही मेघना को देखते हुए
घबराहट में उसकी सांसे गहरी हो रही है
और उसके धड़कन और भी ज्यादा तेज
और वही मेघना
विच लिविंग रूम में खड़ी
विश्वास करना चाहती है कि
वह इन सब पर यकीन ना करें और इसीलिए
रिएक्ट करने की कोशिश करते हुए
उन सभी आवाज को इग्नोर करने की कोशिश करते हुए अपने हाथ हल्के से उठती है
और हल्के नजर घूमती है
और तभी अचानक उसकी नज़रें
सामने दूर दीवार पर जाती है
जहां उसके पिता की तस्वीर लगी हुई है
और उस तस्वीर पे वही मोगरे के फूल की माला टंगी हुई है
जो उसने सपने में
अपने पिता की तस्वीर पर खुद ही अपने हाथों से लगाया था
यह कहे कर की
वह मर चुके हैं उनके लिए
और अचानक मेघना
यह देखते ही डर जाती है
और घबराहट में सिसकते हुए उसके सांस
और चढ़ जाती है
और उसके ऊपर उठाते हुए
दोनो हाथ अपने आप नीचे साइड मे गिर जाती है
और उसके आंखें कड़ी हो जाती है
और अचानक से वह वैसे ही वहीं ठहर जाती है
जैसे उसकी सांसे रुक गई हो
और दुनिया की सारी आवाज थम गई हो
और वहीं दूसरी तरफ असल दुनिया में
अस्पताल के आईसीयू में
पेशेंट बेड पर पेशेंट लेटी हुई है
बिना कोई हरकत की
पर अचानक पेशेंट की लाइफ मॉनिटर में
बिप बिप करते हुए
हल्के जोर की आवाज करता है
बस एक बार
और फिर लाइव मॉनिटर पर चल रही
ठेरी मेरी भाग रही लाइन
अचानक से हल्के सीधे कोशिश करने लगते हैं
और वहीं दूसरी तरफ रूम में
पेशेंट की दूसरी तरफ मुंह करते हुए
वैदेही अपने कंधों में पर्स लटकाऐ ही
फोन अपने कान के पास लगाते हुए
किसी से बातें कर रही है
करते हुए कहती है
हमें कुछ देर में आ जाऊंगी
यह कहते ह
वह अपने कदम दरवाजे की तरफ घुमाती है
और वही दूसरी तरफ मेघना की दुनिया में
रिया
मेघना इस तरह देखते हुए
उसके कड़ी नजरों के साथ-साथ
उसकी पांव वही जार हो गई है
और वही वैदेही मेघना को ऐसे करके देखा
अचानक से डर में घबराते हुए
झट से अपनी कदम आगे बढ़कर
हल्के मुर कर सीधी होते हुए
अपने कदम मेघना की तरह बनाते हुए
जल्दबाजी में आने लगती है
और वही मेघना की ठहरती हुई सांसे
अचानक से इचकते
जोर से जिस्म के अंदर आती है
और
जैसे लगा कि उसकी सांसे कुछ देर के लिए
अटकी रही थी बल्कि चली गई थी
और तभी अचानक असल दुनिया में पेशेंट की लाइफ मॉनिटर
चल रही लाइन सीधी रेखा होते हुए
ऊपर नीचे करने लगते हैं
और वही पेशेंट के चेहरे को देखकर लगता है कि
पेशेंट में कोई हरकत नहीं है
ऐसा लग रहा है कि बस वह सोई हुई है
पर लाइफ मॉनिटर कुछ अलग कह रही है
और वही वैदेही अपनी बेटी को ठीक देते हुए
बिना लाइफ मॉनिटर की तरफ नजर दऔरते
अपने कदम बस आगे दरवाजे की तरह बड़ाती है
और वही सारे दृश्य तेज चलने लगता हैं
और वही मेघना की दुनिया में
अचानक से मेघना की अटकते हुए सांस वापस आने के
बाद
सारे आवाज फिर से
कानों में गंज पड़ती है
सभी आवाज़ एक साथ
हमारे डैड मेघना
तुम चाहती हो कि फिर से वह तुम्हारे पास आए
डैड मर चुके हैं
कौन से डैड
वह तो कब के मर चुके हैं
हंसते हुए उसे बच्ची की आवाज
डैड डैड
एक आवाज खत्म नहीं होती दूसरी गंज पड़ती
अरे तुम भूल गई
जब तुम 13 साल की थी तभी वह मर चुके हैं
और तुमने क्या किया
सारी आवाज एक साथ गूंजते हुए
अचानक और सारी आवाज टूटे करते हुए
तेज हो जाते हैं
और वही मेघना
अचानक से खुद की बॉडी की जकरण को ढीला करने की कोशिश करते हुए
वह हाथों की उंगलियों को हिलाते हुए
रिएक्ट करते हुए
दोबारा अपने थरथराते हुए
दोनों हाथो
उठाने की कोशिश करती है
और वही वह आवाज रुकने की नाम ही नहीं ले रही
और वही वैसे ही दूसरी तरफ अचानक असल दुनिया में
शांत पेशेंट
की बॉडी में कुछ रिएक्ट नहीं होती
बस उसके हाथों की नसें हल्की सी तन जाती है
और उसके सीने के दिल अचानक से जोर से धड़क पड़ता है
और वही लाइफ मॉनिटर में चलने वाली रेखाएं
और तेज भागने लगती है
और लाइव मॉनिटर से अचानक तेज आवाज
आना शुरू होता है
विप विप
और वही कुछ सेकेंड बाद
आईसीयू रूम में वैदेही
वापस जाने के लिए
बाई कंधे पर लटकाए हुए
हाथों से पकढ़ते हुए
बिच कमरे से दरवाजे की तरफ जा रही है
तभी अचानक उसके कानों में लाइव मॉनिटर की
बिप बिप
तेज आवाज आती है
और वह अचानक हैरानी के साथ डर में
उसकी कदम अपने आप वहीं ठहर जाती है
और उसके दिल जोरो से धड़कता है
और अचानक 2 सेकंड बाद
वो धीरे-धीरे अपने कदम पीछे घूमाती है
अचानक कोई सेकंड के लिए
समय सामान्य से भी धिमा हो हो जाता है
और वही समय फिर से सामान से तेज चलने लगते हैं
और वही मेघना की दुनिया में
पैनिक और घबराहट में
मेघना शिसक शिसक कर जोर-जोर से सांस लेते हुए
कुछ सेकंड के बाद अचानक
उसकी रिएक्ट करते हुए हाथ उठु जाती है
और अचानक
वो अपने दोनों हाथ को उठाते हुए
कान के पास रखते हुए
अचानक सर झुका कर
और भी ज्यादा काप कापाने लगती है
और वही वैदिक डर और घबराहट के साथ
अपनी तेज कदम बढ़ाते हुए
अपनी बेटी की करीब आती है
और वही टेबल के पास खड़ी
रिया के कदम अचानक लड़खराते हुए उठाती है
और वो भी अपनी तेज कदम हॉकी मुड़ते हुए
अपनी मां की पिछे बड़ाती है
और वहीं तरफ सर झुकाए खड़ी मेघना
कानों में लगातार वह आवाज गुंज रही है
कोई भी आवाज पूरी नहीं हो रही
बस ऐसा लग रहा है कि कुछ भी
याद नहीं सारी याददाश्त अचानक गायब जैसे लग रही है
वह घबराहट और पैनिक में
सिकोड़ते हुए चेहरे के साथ तने हुए
बॉडी के साथ
कान पर जोर से हाथ रख कर दबाते हुए
शिसक। सिसक कर गहरी गहरी सांस ले रही है
उसकी झुकती हुई सर के साथ
उसके आंखें बह रही है
जैसे कि क्षण भर में वह सोच रही है
कि सच कौन सी है
ऐसे समझ में नहीं आ रहा
पर उसे तो रिया की बात याद है शाम की
फिर अभी रिया क्यों यह कहे रही है कि
उसके पिता मर चुके हैं
वह यह सब सोचने की कोशिश करती है
पर उसके दिमाग उसे उलझा रही है
कोई भी बातें क्लियर नहीं
वह जोर से चेहरे को सिकोड़ते हुए
कान को दबाते हुए
सोचती है कि
एक बार नजरे उठाकर फिर से अपने पिता की तस्वीर देखना चाहती है
उसने आखिर क्या किया है
याद करना चाहती है
और वही उसके दिमाग में
एक तरफ की सारी यादें धुंधली हो रही है
तो
दूसरी तरफ उसके दिमाग
अभी की और पिछले सारी बातें गूंज रही है
साथ में कुछ यादें
अचानक धुंधली दृश्य उवर रहे हैं
जैसे कि वह नए हैं
कुछ देर पहले वह कुछ भी नहीं सोचना चाहती थी
पर अब वह चाहती है कि क्लियर हो
वह कुछ सोच नहीं पा रही
इन उलझन की वजह से कुछ भी
नहीं तो सोचना बंद कर पा रही है
और वही असल दुनिया में
वेंकीलेटर में सांस ले रही पेशेंट
की चेहरा बिल्कुल सामान्य है
सांस वस चड़ रही है
और वही उसकी लाइफ मोनिट
और उस में लाइफ लाइन तेज हो रही है
ऊपर नीचे करते हुए रही है
और तभी अचानक दौड़ते हुए दरवाजे की तरफ से
उसके देख भाल करने वाली वो
नर्स कमरे में आती है
और सर उठाकर लाइट मॉनिटर की तरफ देखती है
और अचानक ठहर जाती है
और वही कमरे में खड़ी वैदेही
को कुछ भी नहीं समझ में आता
और वह बस घूम कर
अपनी बेटी की तरफ देख रही है हैरानी
और डर के साथ
और वही मेघना की दुनिया में
वैदेही अपनी बेटी के करीब आते हुए अचानक से
रिएक्ट करते हुए अपने दोनों हाथ उठाकर
अपनी बेटी को पकड़ने की कोशिश
और तभी अचानक मेघना वैसे ही शिसक शिसक कर
गहरी गहरी सांस लेते हुए
अचानक से अपनी झुकते हुए
अपने दोनों घुटने जमीन पर टिका देती है
और तभी अचानक मेघना के बैठे ही
वैदेही के आगे बढ़ते हुए हाथ आपस में टकरा जाते हैं
और वैदेही कुछ समझ पाती की
और तभी अचानक से मेघना नीचे घुटनों के बल बैठते हुए
और शिसक शिसक कर रोते हुए
नजर उठा कर
अपने पिता की तस्वीर की तरफ देखती है
तभी ऐसा लगता है कि
उसके दिमाग घूम रहा है
और खाली हो चुकी है
और वही रिया दौड़ते हुए
डर और घबराहट में
अचानक से गहरी सांस लेते हुए
अपने पैरो धीमा करते हुए
अपनी मां के पीछे रुक जाती है
और वही वैदेही घबराते हुए अचानक से
नजर झुका कर
वैसे ही बंधे हुए हाथों को हल्की नीचे करते हुए
अपनी बेटी को देखती है
और वहीअचानक से मेघना के खाली दिमाग में
घबराहट में अजीब चीज दिखाते हैं
एक नई दृश्य बना रही है
और उसे अचानक खुद की ही जोलाइन मुस्कान देते हुए
एक भयानक चेहरा दिख रहे हैं
जिसमें कोई दया नहीं है
ऐसा लग रहा है कि कोई शैतान हूं
और उस चेहरा को देखकर ऐसा लगता है
कि वह उसे और चिढ़ारा हो
अजीब से हल्की रिएक्ट करते हुए
और यह कहते हुए
की
क्या सच में उसे नहीं पता कि
उसने क्या क्या
और
अचानक से उसके चेहरे के ही बीचो-बीच
वह देखी है
एक दृश्य एक बिल्डिंग के
और उस बिल्डिंग के किनारे
उसने देखा अपने पिता को खड़ा
तभी अचानक बड़ी हुई मेघना वहां जाती है
और
उसके पिता उसे पलट कर देखने की कोशिश करती है
और तभी अचानक वो अपने दोनों हाथ बढ़ाते हुए
जोर से उसे धक्का दे देती है
और तभी देखते देखते उसके
उसके धक्का देतेही
उसके पिता अचानक से बिल्डिंग की दूसरीतरफ ढाकलाते हुए
और चिल्लाते हुए गिरने लगते हैं
और तभी अचानक मेघना अपनी पिता गिरते हुए देखते हुए
अचानक पैनिक में आ जाती है
और डर और घबराहट में
चिल्लाने की कोशिश करती है
पर
अचानक उसके चिल्लाहट से पहले
उसकी आंखें अचानक बहते हुए रुक जाती है
और वह ठहर जाती है
जैसे की उसे कुछ होसी नहीं
या तो अचानक से
उसके दिमाग काम करना बंद कर चुका है
और वही असल दुनिया में
कुछ डॉक्टर को यह पता लगता ही
वो अचानक दौड़ते हुए
आईसीयू रूम के दरवाजे से पर होते हुए रूम में इंटर करते हैं
और वही वैदेही अब भी वैसे ही
विच आईसीयू रूम में खड़ी है
अपनी बेटी की तरफ देखते हुए
और वही उसकी देख भाल करने वाली वो नर्स
उसे पेशेंट के पास जाकर झुकते हुए
उसके धड़कन और उसके चेहरे के रिएक्शन को नोटिस करते हुए
उसके बॉडी में लगे हुए सारे
मॉनिटर से जुड़ी हुई
हर एक तार देख रही है
और साथ में हाथ में लगी टियो
और ऑक्सीजन मार्क्स भी
वह परी परी से इधर-उधर नजर दऔरते हुए
बॉडी में लगी सारे जरूरी तार और टियो को देख रही है
पर उसे समझ ही नहीं आ रही है कि
आखिर हो क्या रहा है
और वही सारे डॉक्टर दौड़ते हुए
उस मरीज के पास जाते हैं
तो कुछ
मॉनिटर के पास
और वहीं दूसरी तरफ गलियारों में खड़ी
एक नर्स पैनिक होते हुए
इधर-उधर हल्की अपनी कदमों से चलते हुए
किसी को कॉल लग रही है
कान के पास फोन रखने
और वहीं दूसरी तरफ
अपने कमरे से निकलते हुए
अपने शर्ट के बाजू को नजरे झुकाकर
दूसरे हाथों से मोर कर
ठीक करते हुए
अचानक डॉक्टर देव की फोन बजता है
और वह अचानक हाथों से दूसरा हाथ हटाते हुए
फोन को नीचे करते हुए
पेट की जब मे हाथ डालकर फोन को निकलते हुए
उठाकर
अपने सामने लाता है
और फोन की स्क्रीन देखते हुए
और फोन के स्क्रीन को स्वैप करके
कॉल को उठना है
और कॉल उठाते ही
फोन हाथों में लेते हुए उठाकर कान के पास रखता है
और तभी अचानक उधर से घबराते हुए आवाज आती है
डॉक्टर आपका पेशेंट की हालात फिर से बिगड़ गई है
तभी अचानक दृश्य थोड़ी सामान्य चलने लगते हैं
और तभी
यह सुनते ही डॉक्टर देव अचानक से
किसी चीज पर ध्यान दिए बिना
वह कान के पास फोन लगाते हुए ही
अपने कमरे के बाहर से दौड़ते हुए
आंगन की तरफ जाता है
और फिर अचानक मोड़ते हुए
दरवाजे की तरह भागता है
अगर यह कहानी आप सबको अच्छी लगी तो आगे पढ़ते रहीऐ मिलते हैं नेक्स्ट एपिसोड में
मैं आप सबकी प्रिय लेखक अभीनिशा🦋❤️💯