Mr. Ms. Fake in Hindi Comedy stories by kajal jha books and stories PDF | Mr. Ms. Fake - एपिसोड 50

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Mr. Ms. Fake - एपिसोड 50

एपिसोड 50: हमारा मिलना कोई इत्तेफाक नहीं था
कमरे की दीवार पर आखिरी लाइन अब भी चमक रही थी—
“THE FIRST MEMORY WAS ONLY THE BEGINNING.”
आर्यवीर के हाथ में वह पुरानी तस्वीर थी।
तस्वीर में छोटा-सा आर्यवीर था।
उसके पास छोटी साँवी खड़ी थी।
और दोनों के पीछे…
मीरा।
साँवी लगातार तस्वीर को देख रही थी।
उसकी आँखों में कई सवाल थे।
“आर्यवीर…”
“हम्म?”
“क्या तुम्हें लगता है…”
वह रुक गई।
“क्या?”
“कि हमारा मिलना सच में पहले से तय था?”
आर्यवीर ने तस्वीर की तरफ देखा।
“पहले मुझे लगता था कि तुम मेरी जिंदगी में अचानक आई।”
“और अब?”
उसने साँवी की तरफ देखा।
“अब लगता है…”
वह थोड़ा रुका।
“…शायद तुम मेरी जिंदगी में आई नहीं थीं।”
साँवी ने धीरे से पूछा—
“तो?”
आर्यवीर ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा—
“तुम हमेशा से मेरी जिंदगी का हिस्सा थीं।”
साँवी की आँखें नम हो गईं।
लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कहती—
ठक!
कमरे की दीवार के अंदर से आवाज आई।
सब चौंक गए।
राघव तुरंत दीवार की तरफ बढ़ा।
“पीछे हटो।”
उसने दीवार पर हाथ फेरा।
एक जगह हल्की-सी दरार दिखाई दी।
आर्यवीर भी उसके पास आ गया।
“यहाँ कुछ है।”
राघव ने दीवार का एक हिस्सा दबाया।
क्लिक!
दीवार खुल गई।
अंदर एक छोटी-सी धातु की अलमारी थी।
उसमें सिर्फ तीन चीजें रखी थीं—
एक पुरानी फाइल।
एक चांदी की चाबी।
और एक छोटा काला बॉक्स।
राजवीर ने फाइल उठाई।
उसके ऊपर लिखा था—
ARYAN — ORIGINAL RECORD
आर्यवीर की नजर फाइल पर टिक गई।
“मेरे बारे में?”
राघव ने फाइल खोलने की कोशिश की।
लेकिन वह लॉक थी।
साँवी ने अपना हाथ आगे बढ़ाया।
“रुको।”
उसने अपनी नागमुद्रा वाली रिंग फाइल के पास की।
फाइल का लॉक अपने आप खुल गया।
सब हैरान रह गए।
आर्यवीर ने साँवी को देखा।
“ये कैसे?”
साँवी ने सिर हिलाया।
“मुझे नहीं पता।”
राघव ने पहला पन्ना खोला।
उस पर लिखा था—
नाम: आर्यन
जन्म: 21 वर्ष पूर्व
Status: Anchor
Biological Father: Classified
Biological Mother: Meera Malhotra
कमरे में जैसे समय रुक गया।
आर्यवीर ने धीरे से फाइल अपने हाथ में ले ली।
“मीरा…”
साँवी ने उसका हाथ पकड़ लिया।
“तो…”
आर्यवीर की आवाज टूट गई।
“मीरा मेरी भी माँ थी?”
राजवीर ने कुछ नहीं कहा।
राघव ने आँखें नीचे कर लीं।
साँवी ने धीरे से आर्यवीर की तरफ देखा।
“तो हम…”
उसने बात पूरी नहीं की।
आर्यवीर ने उसकी तरफ देखा।
“नहीं।”
उसकी आवाज बेहद धीमी थी।
“अगर मीरा मेरी माँ थी… तो इसका मतलब ये नहीं कि हमारा रिश्ता बदल जाएगा।”
साँवी की आँखों में सवाल था।
“तुम्हें डर नहीं लग रहा?”
आर्यवीर ने उसकी उंगलियाँ थाम लीं।
“डर रहा हूँ।”
“फिर भी?”
“फिर भी…”
वह उसके थोड़ा करीब आया।
“जो तुम्हारे लिए महसूस करता हूँ, उसे कोई फाइल बदल नहीं सकती।”
साँवी की आँखें भर आईं।
“आर्यवीर…”
दोनों कुछ पल एक-दूसरे को देखते रहे।
लेकिन तभी—
बीप।
फाइल के नीचे रखा काला बॉक्स अपने आप खुल गया।
अंदर एक पुरानी रिकॉर्डिंग डिवाइस थी।
उस पर सिर्फ एक शब्द लिखा था—
MEERA
साँवी ने कांपते हाथों से उसे उठाया।
डिवाइस अपने आप चालू हो गई।
मीरा की आवाज सुनाई दी।
“अगर ये रिकॉर्डिंग कभी साँवी और आर्यन तक पहुँचे…”
दोनों एक-दूसरे की तरफ देखने लगे।
“तो इसका मतलब है कि Founder ने उन्हें फिर से एक साथ आने दिया है।”
आर्यवीर का चेहरा गंभीर हो गया।
रिकॉर्डिंग में मीरा आगे बोल रही थी—
“मैंने अपनी बेटियों को अलग किया।”
“लेकिन आर्यन को भी उनसे अलग करना जरूरी था।”
“क्योंकि Project S-21 का सबसे खतरनाक हिस्सा तीनों बहनें नहीं थीं।”
कुछ सेकंड की खामोशी।
फिर मीरा बोली—
“सबसे खतरनाक चीज थी…”
आवाज धीमी हो गई।
“…उनका आपस में जुड़ना।”
राघव ने तुरंत कहा,
“यानी Bond?”
रिकॉर्डिंग आगे चली।
“साँवी और आर्यन का connection बाकी सब connections से अलग है।”
साँवी ने आर्यवीर की तरफ देखा।
मीरा की आवाज फिर आई—
“अगर ये दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगेंगे…”
रिकॉर्डिंग अचानक रुक गई।
सबके चेहरे पर हैरानी थी।
कबीर ने धीरे से कहा—
“ये तो…”
चिंटू ने उसका मुँह बंद कर दिया।
“अभी कुछ मत बोलो।”
राघव ने डिवाइस को झटका दिया।
“शायद recording corrupt है।”
अचानक डिवाइस फिर चल पड़ी।
मीरा की आवाज आई—
“अगर ये दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगेंगे…”
कुछ सेकंड का static।
फिर—
“…तो Anchor जाग जाएगा।”
साँवी की सांस रुक गई।
आर्यवीर ने उसका हाथ पकड़ लिया।
मीरा की आवाज आगे आई—
“लेकिन मुझे डर है कि Founder इस प्यार का इस्तेमाल करेगा।”
रिकॉर्डिंग अचानक बंद हो गई।
साँवी ने आर्यवीर का हाथ छोड़ दिया।
“तो हमारा प्यार…”
आर्यवीर ने तुरंत उसका हाथ फिर पकड़ लिया।
“नहीं।”
“लेकिन तुमने सुना।”
“हाँ।”
“तो क्या पता…”
उसकी आवाज कांप गई।
“क्या पता मैं तुमसे प्यार नहीं करती…”
आर्यवीर की आँखें बदल गईं।
“क्या?”
“क्या पता ये सब मेरे अंदर डाला गया हो?”
आर्यवीर उसके सामने आ गया।
“साँवी।”
“मुझे नहीं पता अब क्या सच है।”
उसकी आँखों से आँसू निकल पड़े।
“मुझे नहीं पता मेरी feelings मेरी हैं भी या नहीं।”
आर्यवीर ने दोनों हाथों से उसका चेहरा थाम लिया।
“तो मेरी बात सुनो।”
साँवी ने उसकी तरफ देखा।
“अगर ये Project तुम्हारे अंदर कोई feeling डाल सकता था…”
वह थोड़ा रुका।
“…तो क्या वो मेरे अंदर भी डाल सकता था?”
साँवी चुप रही।
“नहीं ना?”
“शायद…”
“नहीं।”
आर्यवीर ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा—
“मुझे तुम्हारे साथ रहना किसी ने नहीं सिखाया।”
“मुझे तुम्हारी चिंता करना किसी ने नहीं सिखाया।”
“तुम्हारे रोने पर बेचैन होना…”
“तुम्हारे हँसने पर खुश होना…”
“तुम्हें खोने से डरना…”
उसने साँवी का हाथ अपने सीने पर रखा।
“ये सब मेरा है।”
साँवी रोते हुए मुस्कुरा दी।
“और अगर ये भी Project का हिस्सा हुआ तो?”
आर्यवीर ने हल्की मुस्कान दी।
“तो Project वालों ने एक गलती कर दी।”
“क्या?”
“उन्होंने हमें प्यार करना सिखा दिया।”
साँवी हँसते-हँसते रो पड़ी।
उसने धीरे से अपना सिर आर्यवीर के सीने पर रख दिया।
आर्यवीर ने उसे बाहों में ले लिया।
कुछ पल दोनों वैसे ही खड़े रहे।
लेकिन तभी—
धक!
दोनों की हथेलियों पर एक साथ निशान चमक उठा।
सुनहरी रोशनी ने पूरे कमरे को भर दिया।
और इस बार उनके सामने कोई पुरानी memory नहीं…
बल्कि एक भविष्य का दृश्य दिखाई दिया।
एक विशाल कमरा।
बीच में तीनों बहनें खड़ी थीं।
आर्यवीर उनके सामने था।
और सामने…
एक आदमी।
उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था।
वह आर्यवीर की तरफ देखकर कह रहा था—
“तुमने आखिर अपनी माँ की बात मान ही ली।”
आर्यवीर ने उस आदमी से कहा—
“मैं तुम्हारा Anchor नहीं हूँ।”
आदमी हँसा।
“तुम्हें अभी तक नहीं पता कि तुम्हारे पिता कौन थे।”
दृश्य टूट गया।
साँवी ने तुरंत आर्यवीर को देखा।
“तुम्हारे पिता…”
आर्यवीर ने आँखें खोलीं।
“शायद यही अगला सच है।”
तभी पीछे से राजवीर की आवाज आई—
“नहीं।”
सब उसकी तरफ देखने लगे।
राजवीर का चेहरा बिल्कुल गंभीर था।
“तुम्हारे पिता का सच Founder से भी ज्यादा खतरनाक है।”
आर्यवीर ने पूछा—
“तो बताइए।”
राजवीर चुप रहा।
राघव ने उसकी तरफ देखा।
“अब छुपाने का कोई फायदा नहीं।”
राजवीर ने गहरी सांस ली।
“आर्यवीर…”
वह कुछ कहने ही वाला था कि कमरे की सारी स्क्रीन एक साथ जल उठीं।
एक ही संदेश दिखाई दिया—
YOU ARE LOOKING FOR THE WRONG FATHER.
फिर दूसरी लाइन आई—
YOUR REAL FATHER IS STILL ALIVE.
आर्यवीर की आँखें फैल गईं।
साँवी ने उसका हाथ पकड़ लिया।
और तीसरी लाइन उभरी—
HE IS WATCHING YOU RIGHT NOW.
कमरे में मौजूद सभी लोगों ने चारों तरफ देखा।
तभी ऊपर लगी एक छोटी स्क्रीन पर एक live camera feed दिखाई दी।
एक आदमी अंधेरे कमरे में बैठा था।
उसका चेहरा आधा रोशनी में आया।
राजवीर की सांस अटक गई।
“नहीं…”
राघव ने उसे देखा।
“तुम उसे जानते हो?”
राजवीर ने धीरे से सिर हिलाया।
“हाँ।”
“कौन है?”
राजवीर की आवाज कांप रही थी।
“ये…”
वह आगे कुछ नहीं बोल पाया।
आर्यवीर स्क्रीन के सामने जाकर खड़ा हो गया।
उस आदमी ने कैमरे की तरफ देखा।
और पहली बार उसका चेहरा पूरी तरह दिखाई दिया।
आर्यवीर की आँखें फैल गईं।
क्योंकि वह चेहरा…
उसके अपने चेहरे से बेहद मिलता था।
आदमी ने कैमरे के सामने हल्की मुस्कान दी।
फिर कहा—
“आर्यन…”
आर्यवीर का दिल जैसे रुक गया।
“बेटा, बहुत साल हो गए।”
स्क्रीन काली हो गई।
और उसी पल साँवी की हथेली पर एक नया निशान उभरा—
S-21: PHASE TWO
जारी रहेगा…