Chandani Raat Ka Vada in Hindi Love Stories by Dheeraj kumar Kashyap books and stories PDF | chandani raat ka vada

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chandani raat ka vada


चाँदनी रात का वादा
एक सुंदर से गाँव में राज नाम का एक मेहनती लड़का रहता था। वह बहुत साधारण परिवार से था, लेकिन उसके सपने बहुत बड़े थे। राज अपने पिता के साथ खेती करता था और खाली समय में बाँसुरी बजाता था।
उसी गाँव में रिया नाम की एक सुंदर और समझदार लड़की रहती थी। रिया को प्रकृति से बहुत प्यार था। वह अक्सर नदी के किनारे बैठकर किताबें पढ़ा करती थी।
एक शाम राज नदी के किनारे बाँसुरी बजा रहा था। उसकी मधुर धुन सुनकर रिया वहीं रुक गई। कुछ देर तक वह चुपचाप उसकी बाँसुरी सुनती रही।
राज ने उसे देखा और पूछा, “आप यहाँ कब आईं?”
रिया मुस्कुराकर बोली, “जब आपकी बाँसुरी ने मुझे रोक लिया।”
दोनों हँस पड़े।
उस दिन के बाद उनकी मुलाकातें बढ़ने लगीं। कभी नदी के किनारे, कभी पेड़ों की छाँव में और कभी गाँव के मेले में। धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के बहुत करीब आ गए।
एक रात आसमान में पूरा चाँद था। दोनों नदी के किनारे बैठे थे। रिया ने पूछा, “अगर कभी हम अलग हो गए तो?”
राज ने उसका हाथ पकड़कर कहा, “दूरी हमारे बीच हो सकती है, लेकिन हमारे दिलों के बीच कभी नहीं होगी।”
रिया ने कहा, “क्या तुम हमेशा मेरा साथ दोगे?”
राज ने मुस्कुराकर जवाब दिया, “जब तक मेरी साँस चलेगी।”
लेकिन उनकी प्रेम कहानी में एक मुश्किल आने वाली थी।
रिया के पिता ने उसका रिश्ता शहर के एक अमीर लड़के से तय कर दिया। जब रिया ने यह बात राज को बताई तो उसकी आँखों में आँसू आ गए। फिर भी उसने रिया से कहा, “मैं तुम्हें दुखी नहीं देख सकता। अगर तुम्हारे पिता को लगता है कि यही तुम्हारे लिए सही है, तो मैं तुम्हें मजबूर नहीं करूँगा।”
रिया रोते हुए बोली, “लेकिन मेरा दिल तो तुम्हारे पास है।”
दोनों ने आखिरी बार उसी नदी के किनारे मिलने का फैसला किया।
उस रात राज ने रिया को एक छोटी-सी लकड़ी की डिब्बी दी। उसमें एक चाँदी की अंगूठी थी।
राज ने कहा, “मैं तुम्हें कोई बड़ा वादा नहीं दे सकता, लेकिन इतना जरूर कह सकता हूँ कि मैं तुम्हारा इंतजार करूँगा।”
रिया ने अंगूठी पहन ली और बोली, “मैं भी तुम्हारा इंतजार करूँगी।”
कुछ दिनों बाद रिया के पिता अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इलाज के लिए बहुत पैसे चाहिए थे। राज को जब यह पता चला तो उसने अपनी जमीन का एक हिस्सा बेच दिया और इलाज के लिए पैसे दे दिए।
रिया के पिता को जब सच्चाई पता चली तो उनकी आँखें भर आईं। उन्होंने राज को बुलाकर कहा, “बेटा, मैंने तुम्हारी गरीबी देखी थी, लेकिन तुम्हारे दिल की अमीरी नहीं देख पाया। आज मुझे समझ आया कि मेरी बेटी के लिए तुमसे बेहतर जीवनसाथी कोई नहीं हो सकता।”
कुछ ही दिनों बाद रिया और राज की शादी हो गई।
शादी की रात दोनों उसी नदी के किनारे गए, जहाँ उन्होंने अपने प्यार की शुरुआत की थी। चाँद आसमान में चमक रहा था।
रिया ने मुस्कुराकर कहा, “तुमने अपना वादा निभा दिया।”
राज ने कहा, “सच्चे प्यार में किए गए वादे कभी पुराने नहीं होते।”
दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामा और चाँदनी रात में अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की।
उनकी कहानी ने पूरे गाँव को सिखाया कि सच्चा प्यार दौलत नहीं देखत