आत्मग्लानि
कॉलेज के अंतिम दिनों में रजनी और उसकी सहेली विभा आपस में बातें कर रहीं थीं . रजनी बहुत सुंदर थी जबकि उसकी सहेली भी देखने सुनने और नाक नक्शे में अच्छी ही थी . सहेली ने पूछा “ मैंने देखा है कि राजन तुझे चाहता है . अच्छा लड़का है हमेशा टॉप थ्री में रहता है . “
“ हां मैंने भी महसूस किया है बल्कि उसने मुझसे कई बार इस तरह की बात छेड़ी भी थी . “ रजनी ने कहा
“ तब , तूने क्या जवाब दिया या कैसे रियेक्ट किया ? “
“ मैंने उसे पूरी तरह से इग्नोर कर दिया . वह मुझे लेकर साथ फ्यूचर बनाने की बात करना चाहता था .आखिर एक दिन मैंने उससे आगे कुछ भी और कोई भी बात करने से इंकार कर दिया , सच कहो तो उसे रिजेक्ट कर दिया , शायद उसे बुरा भी लगा होगा . उसके बाद से उसने कभी बात करने का प्रयास नहीं किया है ? “
“ अगर राजन ने मुझसे कहा होता तो मैं तो उसे नजरअंदाज नहीं करती .” विभा बोली
“ तो जा उसके पास अभी कुछ और दिन कॉलेज में बाकी है . “
“ पर तुमने उसमें क्या कमी देख कर उसे रिजेक्ट किया था ? “
“ रंग रूप किसी तरफ से किसी एंगल से अच्छा नहीं लगता है और ऊपर से फटीचर अंग्रेजों के ज़माने की साइकिल से कॉलेज आता जाता है . मैं तो किसी हैंडसम चार्मिंग प्रिंस से शादी करूंगी जो मुझे पलकों पर बिठाये रखे . “ रजनी ने कहा
“ तुम्हारी नजर में ऐसा कोई है क्या ? “
“ नहीं . हालांकि मैं मिडिल क्लास परिवार से हूँ पर मेरे पापा मम्मी को मेरी चॉइस पता है और मैं उनकी इकलौती संतान हूँ . इसलिए मुझे इसकी चिंता नहीं करनी है वे इस बात का ध्यान रखेंगे . “
उनकी बातें यहीं खत्म हुईं और समय का पंछी इस डाल से उस डाल पर उड़ता बैठता रहा . रजनी , उसकी सहेली विभा और राजन सभी एक दूसर से अलग हुए . तीनों की शादियां हो गयी थीं और तीनों अलग अलग शहरों में अपनी गृहस्थी में मगन थे . रजनी झारखंड के देवघर में थी , देवघर बैद्यनाथधाम ज्योर्तिलिंग के लिए मशहूर है . उसका पति कमल झारखंड सरकार मे अफसर था . विभा अपने पति के साथ पटना में थी . रजनी और विभा दोनों गृहिणी थीं . राजन कोलकाता के एक निनी अस्पताल में डॉक्टर था और उसकी पत्नी निशा उसी अस्पातल के लैब में पैथोलॉजिस्ट थी .
शुरू में तो रजनी ने जैसा सोचा था वैसा ही जीवनसाथी मिला . सेल्स टैक्स डिपार्टमेंट में वेतन के अलावा ऊपरी आमदनी भी काफी थी . कमल रजनी को बहुत प्यार करता था और उसे सदा पलकों पर बिठाये रखता था . रजनी को किसी चीज की कमी न थी , गाड़ी , बंगला , नौकर चाकर आदि . उसे एक बेटा भी हुआ .उसका बेटा रूपकमल जब दो साल का था तब उसकी तबीयत खराब रहती . रजनी बेटे को लेकर वहां के सबसे नामी डॉक्टर के क्लिनिक गयी . डॉक्टर ने बच्चे का कुछ टेस्ट किया और कहा “ आपके बच्चे को ASD (Atrial Septal Defect) है . “
“ ये क्या बीमारी होती है , डॉक्टर साहब ? “ रजनी ने पूछा
“ सरल भाषा में इसे ‘ होल इन हार्ट ‘ या दिल में छेद कहते हैं . “
“ दिल में छेद ? “ घबरा कर रजनी ने पूछा
“ हाँ , पर इसमें ज्यादा चिंता की बात नहीं होती है . यह ठीक हो जाता है . आप अपने पति के साथ कल मिलें , कल हमारे क्लिनिक में और स्पेशलिस्ट डॉक्टर आए हैं . हम आपको सबकुछ समझा देंगे . पर आप भरोसा रखें यह हंड्रेड परसेंट ठीक हो जायेगा खतरे की कोई बात नहीं है .”
अगले दिन रजनी अपने पति और बच्चे के साथ डॉक्टर के यहाँ गयी . वहां स्पेशलिस्ट डॉक्टर ने भी कुछ टेस्ट किये फिर कहा “ देखिये जैसा कि आपको पता है कि रूप के हार्ट में एक होल यानि छोटा सा छिद्र है . बहुत सारे बच्चों को यह जन्म के समय होता है पर जिसका छेद बहुत छोटा होता है वह एज के साथ धीरे धीरे स्वतः ही ठीक हो जाता है . रूप का छेद मीडियम साइज का है जो आम तौर पर स्वयं ठीक नहीं होता है . फिर भी फिलहाल हम कुछ नहीं करेंगे . कुछ दवाएं लिख देता हूँ जिससे इसको काफी आराम मिलेगा . “
“ रूप के पूरा ठीक होने में कितना समय लगेगा ? “ पति पत्नी दोनों ने घबरा कर एक साथ पूछा
“ आप हर छह महीने पर बच्चे का टेस्ट कराते रहें . हम इसे वाच करेंगे कि क्या इसके होल का साइज एज के साथ छोटा हो रहा है या नहीं या कितना छोटा हो रहा है . यदि पांच साल तक इसके होल के साइज में कोई खास चेंज नहीं होता है तब इसका सर्जरी करना होगा . पर यह देवघर में सम्भव नहीं है . आपको कोलकाता के किसी बड़े अस्पताल में जाना होगा . फिलहाल तब तक दवाएं देते रहें और रेगुलर चेक कराते रहें . उचित समय पर हम आपको कोलकाता के अच्छे अस्पताल में रेफर कर देंगे . इसमें चिंता की कोई बात नहीं है . रूप बिलकुल स्वस्थ रहेगा , इतना मुझे विश्वास है .
पर समय सदा एक सा नहीं रहता है , समय ने अचानक करवट बदला . कमल ने किसी थोक व्यापारी का सेल्स टैक्स केस रफा दफा करने के लिए मोटी रकम रिश्वत में मांगी . व्यापारी कमल को सबक सिखाना चाहता था .व्यापारी ने कमल की बात मान तो ली पर उसने एंटी करप्शन डिपार्टमेंट को इस बात की पूर्व सूचना दे दी . एंटी करप्शन डिपार्टमेंट और पुलिस ने मिल कर जाल बिछाया और कमल को रूपये लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया . कमल को जेल भेज दिया गया और नौकरी ससपेंड कर दिया गया . रजनी भी समाज में किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं रही .
अदालत में मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई . कमल को जमानत तो मिल गयी पर जेल से रिहा होने के तुरंत बाद उसने शर्म के मारे आत्महत्या कर ली . रजनी के सामने दुःख का पहाड़ टूट पड़ा था . इस बीच उसके पापा का भी निधन हो गया था . जाने वाला तो चला गया पर रजनी को अपने और बेटे के गुजारे के लिए कोई आय का साधन नजर नहीं आ रहा था .
लोगों की सुझाव से रजनी ने कमल के दफ्तर में अनुकंपा के आधार पर अपने लिए नौकरी का आवेदन दिया . शुरू में उसे कहा गया कि वह अनुकंपा के आधार पर नौकरी की हकदार नहीं है पर बाद में कुछ सिफारिश के बाद उसे नियुक्ति मिली . यह नौकरी एक अनुकंपा के आधार पर विशेष परिस्थिति में दी गयी थी पर उसको समेकित वेतन ( एक फिक्स्ड रकम ) मिलता था न कि कोई रेगुलर पे स्केल . किसी तरह उसकी मूल जरूरतें पूरी हो जाती थीं . अगले वर्ष रूप भी पांच साल का हो रहा था . डॉक्टर ने कहा था कि रूप के हार्ट में जो छिद्र था उसके लिए अब सर्जरी करनी होगी . देवघर के डॉक्टर ने कोलकाता में स्पेशलिस्ट से सम्पर्क कर बच्चे की सर्जरी जल्द कराने की सलाह दी .
रजनी ने अपनी सहेली विभा से भी रूप के लिए बात किया . कोलकाता रजनी के लिए अनजान जगह थी . विभा से उसने पटना में रूप की सर्जरी के लिए पूछा . विभा ने कहा “ पटना में इस तरह की सर्जरी अब होने लगी है पर तुम कोई रिस्क न लो और सीधे कोलकाता जाओ .वहां अस्पताल में भर्ती करने के समय मैं वहां आने की पूरी कोशिश करूंगी . वहां मेरे देवर रहते हैं , मैं उसे बोल दूँगी . तुम वहां ठहर सकती हो . “
डॉक्टर की सलाह पर रजनी बेटे को लेकर कोलकाता के RTIICS ( रबीन्द्रनाथ टैगोर इंटरनॅशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ कार्डियक साइंस ) अस्पताल ले गयी . वहां डॉक्टर ने रूप के कुछ टेस्ट करने के बाद रजनी से कहा “ कोई खास चिंता की बात नहीं है . यह मेजर ऑपरेशन नहीं है . बच्चे के हार्ट होल की साइज के अनुसार इसे हम डिवाइस क्लोजर तकनीक से ठीक कर देंगे . यदि कोई कॉम्प्लिकेशन नहीं आया तो ज्यादा से ज्यादा दो दिन तक अस्पताल में रहना होगा . आप जब चाहें बच्चे को एडमिट करवा दें .इसके पहले एक और लास्ट टेस्ट कराना होगा . उसके बाद मैं अगले दिन भी सर्जरी कर सकता हूँ .“
रजनी ने पूछा “ इसके लिए कितने रुपयों की जरूरत होगी .”
डॉक्टर ने कहा “ मैं ठीक से नहीं कह सकता हूँ पर दो से पांच लाख तक लग सकते हैं . आप काउंटर या बिलिंग ऑफिस से बात कर पता कर लें . फिर आपने जो निर्णय लिया हो मुझे बता दें . “
रजनी विभा के देवर के यहाँ ही रुकी थी .उसने विभा से अस्पताल में हुई पूरी बातें बताई . विभा बोली “ तुम रूप का एक टेस्ट जो करना है कल करा लो . कल शाम तक मैं वहां आ रही हूँ . “
“ अरे इतनी जल्दी मैं पैसों का प्रबंध नहीं कर सकती हूँ . मुझे कुछ समय चाहिए . “
“ क्या बकवास कर रही हो . मैं आ रही हूँ . मैंने अपने देवर से भी बात कर ली है . हम सभी मिलकर रुपयों का इंतजाम कर लेंगे .
अगले दिन रजनी ने बेटे का टेस्ट कराया . . बिलिंग क्लर्क ने कहा कि कुल मिला कर तीन लाख तक का खर्च हो सकता है . रजनी को शाम को लैब से टेस्ट रिपोर्ट लेना था . उसके पहले विभा भी आ चुकी थी . रजनी ने उससे कहा “ शाम को रूप का टेस्ट रिपोर्ट लेने जाना है . फ़िलहाल मैं किसी तरह एक लाख का इंतजाम कर के आयी हूँ . “
“ तुमने इन दिनों काफी भाग दौड़ किया है , तुम आराम करना मैं रिपोर्ट ले आऊंगी, मुझे पेमेंट रसीद दे देना . “ विभा बोली
विभा लैब में रूप का रिपोर्ट लाने गयी तब वहां उसकी मुलाकात पैथोलॉजिस्ट से हुई , उसने कहा “ आप विभा दी हैं न ? मैं निशा , स्कूल में आपसे एक क्लास जूनियर थी . “
“ अरे हाँ , मुझे भी तुम्हारा चेहरा जाना पहचाना लगा पर यहाँ सभी स्टाफ एक ही टाइप के ड्रेस में होते हैं न . इसलिए पहचानने में कुछ समय लगा . तुम इसी लैब में हो .”
“ हाँ . “
“ मैं यहाँ रजनी के बेटे रूपकमल का रिपोर्ट लेने आयी हूँ . रजनी को तुम जानती होगी . “
“ हाँ , आप दोनों की दोस्ती मशहूर थी . “ निशा ने कहा
इसके बाद विभा ने निशा से रजनी की दर्दनाक कहानी बतायी . सब सुनने के बाद निशा ने कहा “ खैर होनी को कोई नहीं टाल सकता है . मेरे हसबैंड भी यहीं पर डॉक्टर हैं पर वे कार्डिओ में नहीं हैं . मैं उनसे बात कर हमलोग से रजनी के लिए जो बन सके , करने के लिए कहूँगी . “
“ क्या नाम है तुम्हारे पति का ? “
“ डॉ राजन सिन्हा . शायद आपके बैच में होंगे . “
“ हाँ , याद आया . राजन यहीं है . तब तो हमलोगों को कोई प्रॉब्लम नहीं होगा . पर तुम रजनी से फ़िलहाल राजन की बात नहीं बताना . तुम अपना फोन नंबर दे सकती हो ? “
“ ओके दी “ निशा ने कहा और एक स्लिप पर अपना नंबर लिख कर दिया .
“ यह रिपोर्ट रूप के डॉक्टर को कल मिलेगा . “
“ नो , रिपोर्ट आलरेडी डॉक्टर को ऑनलाइन भेज दिया गया है . ‘
निशा को थैंक्स बोल कर विभा रिपोर्ट लेकर चली गयी . घर आ कर उसने रजनी को निशा के बारे में बताया पर राजन के बारे में कुछ भी नहीं कहा था .
रात में निशा ने पति से रजनी की पूरी कहानी बताई . पर विभा दी ने तुम्हारे बारे में रजनी को बताने से मना कर दिया , क्यों ? “
“ पता नहीं , पर ऐसी कोई बात नहीं है . “ राजन ने रूप के डॉक्टर से डिटेल में बात की फिर निशा से कहा “ तुम रजनी को बोलो रूप को लेकर अस्पताल जाये और उसे एडमिट कराये . डॉक्टर ने वार्ड में फोन कर दिया है . कल सुबह ही रूप की सर्जरी हो जाएगी .” .
उसी दिन देर शाम रजनी और विभा दोनों रूप को ले अस्पताल गयीं . रूप अस्पताल में भर्ती हुआ . अगले दिन सात बजे उसे सर्जरी के लिए रेडी करने के लिए नर्स ले गयी . तब विभा और रजनी भी वहां मौजूद थीं .
रजनी ने नर्स से पूछा “ इस सर्जरी में कितना समय लग सकता है ? “
“ आमतौर पर एक से दो घंटा या कभी ज्यादा भी . डॉक्टर और रोगी पर निर्भर करता है पर यह बहुत ही सरल और सेफ प्रोसीड्योर है . हंड्रेड परसेंट सेफ एंड सक्सेसफुल . आपलोग बाहर लॉबी में वेट करें , थोड़ी देर में पेशेन्ट को ओटी ( OT ) में ले जाना है . “
विभा ने रजनी से कहा “ मैं कॉफी ले कर आती हूँ . “
“ नहीं , मैं रूप की सर्जरी के बाद ही कुछ भी लूंगी . तुम ले आओ अपने लिए . “
“ नहीं , ठीक है . मैं भी तुम्हारे साथ ही लूंगी .”
दो घंटे के अंदर ही सर्जरी पूरी कर डॉक्टर OT के बाहर निकला और रजनी से बोला “ आल गुड . रूप अब जल्द ही पूरी तरह से ठीक हो जायेगा . अभी वह बेहोश है , कुछ देर में होश आ जायेगा . उसे रिकवरी रूम में ले जा रहे हैं . थोड़ी देर बाद आप भी उससे मिल सकती हैं . “
कुछ देर बाद रजनी और विभा दोनों रूप से मिलीं . वहां डॉक्टर ने कहा “ आज रात भर पेशेंट को अस्पताल में रखेंगे और उसे ऑब्ज़र्व करेंगे . उम्मीद है कल उसे अस्पताल से छुट्टी मिल जाये . आपलोग भी अब जा कर आराम कर सकती हैं . रूप के लिए हम सभी यहाँ हैं . “
अगले दिन शाम तक रूप को ऑब्ज़र्व करने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिली . डिस्चार्ज के पहले रजनी को वार्ड के बिलिंग डेस्क पर जा कर फुल पेमेंट करना था . रजनी और विभा दोनों पेमेंट डेस्क पर गयीं . रजनी को फाइनल बिल देख कर बहुत आश्चर्य हुआ . उसने एक लाख रूपये एडवांस जमा किये थे . फाइनल बिल में उसे कुछ और देना नहीं था बल्कि अस्पताल से ही 150 रूपये का रिफंड मिला . तब तक निशा भी मुस्कुराती हुई वहां आयी और बोली “ मैंने कहा था न राजन से जितना बन पड़ेगा वह मदद करेगा . “
“ राजन ? वह भी यहाँ है क्या ? “ रजनी ने आश्चर्य से पुछा ?
“ हां , तुमलोग वार्ड में जाकर बच्चे को डिस्चार्ज कराओ . हम भी वहीँ आते हैं
कुछ देर बाद जब रजनी और विभा रूप को डिस्चार्ज करा के वार्ड से निकलने ही वाले थे कि निशा और राजन दोनों वहां आये . दोनों ने रजनी को हेलो कहा . राजन ने रजनी से कहा “ तुमलोगों को पहले मुझसे ही मिलना चाहिए था . “
“ मुझे पता नहीं था कि तुम यहीं पर हो . “ रजनी ने कुछ झेंपते और शर्माते हुए कहा .
विभा ने रजनी से कहा “ वो तो अचानक निशा मुझे लैब में मिल गयी थी . उस समय मैंने तुम्हारे बारे में निशा को बताया और तब निशा ने कहा था कि तुम भी यही पर डॉक्टर हो . निशा ने भरोसा दिलाया था कि वह राजन से बोलकर यथासम्भव मदद करेगी . “
निशा बोली “ रूप का डॉक्टर राजन का अच्छा दोस्त था . उसने सर्जरी के लिए कोई फीस नहीं ली . समझो तो अस्पताल का जो मिनिमम खर्च होता है , कन्ज्यूमेबल वगैरह पर ,वही तुमसे लिया गया है . “
“ खैर ,ये बातें छोडो . ये कोई खास मायने नहीं रखते हैं . तुम्हारा बेटा बिलकुल स्वस्थ रहेगा . बीच बीच में डॉक्टर की सलाह के अनुसार फॉलो अप के लिए आती रहना . बिना संकोच के तुम सीधे मेरे घर आना , मैं सब इंतजाम कर दूंगा .” राजन ने रजनी से कहा
रजनी ने सिर हिलाकर हां कहा . वह तो अंदर ही अंदर आत्मग्लानि से मरी जा रही थी क्योंकि जिसे उसने रिजेक्ट किया था संकट के समय वही उसके काम आया .
समाप्त
नोट - यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है .