सितारे भी फीके पड़ जाते हैं
भाग 1
यहाँ हम आसमान के तारों की बात नहीं कर रहे हैं बल्कि बॉलीवुड के कुछ सितारों की . जिस तरह आसमान के सितारे भी धीरे धीरे फीके पड़ जाते हैं और अंत में ब्रम्हांड में लुप्त हो जाते हैं उसी तरह बॉलीवुड के कुछ सितारे भी कुछ दिन अपनी चमक दिखा कर लुप्त हो जाते हैं , खास कर अभिनेत्रियों के साथ यह ज्यादा देखा गया है .
बॉलीवुड में अभिनेत्रियों के करियर के पतन के अनेक कारण हैं , मुख्य कारण इस प्रकार हैं -
लिमिटेड "शेल्फ लाइफ" - बॉलीवुड में अभिनेत्रियों का करियर अक्सर सीमित अवधि ( अक्सर 5-10 साल के लिए ) होता है . इसके बाद उनका स्थान नयी युवा अभिनेत्री ले लेती है जबकि पुरुष अभिनेता अक्सर दशकों तक मुख्य भूमिकाओं में बने रहते हैं . 30s के बाद अभिनेत्रियों के लिए लीड रोल मिलना आसान नहीं होता है .पितृसत्तात्मक संरचना के चलते भी अक्सर पुरुषों की तुलना में महिलाओं के करियर की अवधि को सीमित हो जाती है, जबकि पुरुष कहीं अधिक समय तक मुख्य भूमिकाओं में बने रहते हैं .
खराब प्रोजेक्ट या कहानी का चुनाव - एक या दो हिट फिल्मों के बाद एक खराब फिल्म / स्क्रिप्ट का चुनाव उनकी प्रगति को खत्म कर सकता है .
बदलाव - दर्शकों के टेस्ट में बदलाव के चलते भी उनका रोल मिलना कम हो सकता है . एक ही टाइप की भूमिका देखते देखते दर्शक ऊब सकते हैं .कभी भूमिका में परिवर्तन नहीं लाने की स्थिति में भी करियर समाप्त होने लगता है .
चरित्र भूमिका में परिवर्तन - जैसे-जैसे शीर्ष भूमिका लुप्त होती जा रही है,खास कर एक उम्र के बाद , कुछ अभिनेत्रियों को मुख्य भूमिकाओं से चरित्र भूमिकाओं में परिवर्तन करना मुश्किल लगता है, जबकि अन्य सफलतापूर्वक खुद को नए सिरे से स्थापित कर लेती हैं , जैसे मीना कुमारी , वहीदा रहमान , कामिनी कौशल आदि .
अंडरवर्ल्ड से संबंध या विवादों के घेरे में - कभी कुछ समय के लिए कोई अभिनेता या अभिनेत्री किसी अंडर वर्ल्ड या माफिया से नजदीकी के चलते दर्शकों की नजर से गिर जाता है . कभी घोटालों में अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों के साथ संबंध होने से कुछ का करियर तेजी से समाप्त हो गया है , जैसे मंदाकिनी , ममता कुलकर्णी .
व्यक्तिगत कारण - कभी शादी , तलाक या अफेयर्स भी स्टार के करियर के पतन का कारण बन सकता है .
अचानक मौत - कभी कुछ टॉप एक्टर / एक्ट्रेस की अचानक मौत से उन्होंने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया , जैसे - मीना कुमारी , मधुबाला , गुरुदत्त , विमि आदि
स्वास्थ्य कारणों से - कुछ एक्टर / एक्ट्रेस को स्वास्थ्य कारणों से फिल्मों से जल्दी अलग होना पड़ा , जैसे राज किरण , अनु अग्रवाल आदि . हालांकि कुछ ने स्वास्थ्य लाभ के बाद वापसी भी की पर पहले जैसी मुकाम पर नहीं पहुँच सके , जैसे - मनीषा कोइराला। सोनाली बेंद्रे , देव आनंद के बेटे सुनील आनंद ( हालांकि स्वास्थ्य के अलावा और भी कारण थे - एक्टिंग में असफलता , मार्शल आर्ट में ज्यादा रूचि और अपनी होम प्रोडक्शन नवकेतन का कार्यभार ) आदि
सप्लाई एंड डिमांड का नियम - जिस तरह से आम बाज़ार में सप्लाई और डिमांड पर किसी वस्तु का मूल्य निर्भर करता है या ऊपर नीचे होते रहता है उसी तरह फिल्म इंडस्ट्री में डिमांड कम और सप्लाई ज्यादा होने से रोल मिलना बंद / कम हो सकता है . अक्सर ऐसा होता है कि अभिनेत्रियों की मांग कम हो जाती है, जिसके कारण वे गुमनामी में खो जाती हैं .
नेपोटिज्म हमेशा काम नहीं करता - कुछ एक्टर / एक्ट्रेस की एंट्री फिल्मों उनके अभिनय कला के चलते न होकर फिल्म इंडस्ट्री में उनके नजदीकी संबंध से हुए हैं . ऐसे स्टार ज्यादा दिन नहीं चलते हैं और जल्द ही गम हो जाते हैं , जैसे - कुमार गौरव , उदय चोपड़ा , तुषार कपूर , ईशा देओल , फरदीन खान आदि
ऐसे कुछ सितारों की चर्चा करते हैं जिनका करियर अकस्मात डाउन हुआ है -
उर्मिला मातोंडकर -
उर्मिला का जन्म 4 फरवरी 1974 को मुंबई में हुआ था . वे एक भारतीय अभिनेत्री और राजनीतिज्ञ हैं . मुख्य रूप से हिंदी फिल्मों के अलावा तेलुगू , मलयालम, मराठी और तमिल फिल्मों में भी उर्मिला ने काम किया है .वे एक मॉडल भी रहीं हैं . हालांकि उन्होंने 88 से ज्यादा फिल्मों और टीवी सीरीज में काम किया है जिसके लिए अनेक प्रशंसा , फिल्मफेयर पुरस्कार और अन्य अवार्ड भी मिले हैं फिर भी शुरुआती सफलता के बाद बॉलीवुड में उनका करियर लगभग समाप्त हो गया था .
. उर्मिला ने 90 के दशक में 1977 - 85 तक 6 हिंदी और एक मराठी फिल्मों में बाल कलाकर की भूमिका निभाई थी जिसमें फिल्म ‘ मासूम ‘ ( 1983 ) में उन्हें सही पहचान मिली थी . उनकी फिल्म ‘ रंगीला ‘ ब्लॉकबस्टर थी . इसके अलावा उनकी अन्य फ़िल्में , नरसिम्हा ‘ , ‘ भूत ‘ , ‘ सत्य’ , ‘ जुदाई ,’ पिंजर ‘ , ‘ एक हसीना थी ‘ भी कुछ हद तक ठीक रही लेकिन कुछ समय बाद फिल्म इंडस्ट्री में उनका करियर लगभग बर्बाद हो गया .
हिंदी सिनेमा में उर्मिला मातोंडकर की पहली मुख्य भूमिका 'नरसिम्हा' (1991) से आई, जो एक सुपर हिट फिल्म थी। इसके बाद उनके करियर में कुछ समय के लिए रुकावट आई, लेकिन फिर राम गोपाल वर्मा की 'रंगीला' (1995) से उन्हें बड़ी सफलता मिली। 'रंगीला' के बाद उर्मिला मातोंडकर ने कई फिल्मों में काम किया, जिनमें से कुछ सुपर हिट रहीं। लेकिन सफलता मिलने के बावजूद, अभिनेत्री का करियर लगभग बर्बाद हो गया था . कहा जाता है कि राम गोपाल वर्मा की फ़िल्में और कुछ अफेयर्स के चलते उनका करियर लगभग बर्बाद हो गया था . इसके अलावा 2016 में उन्होंने कश्मीर के एक मॉडल और बिजनेसमैन के साथ शादी कर लिया था . 2019 में कांग्रेस की टिकट पर मुंबई से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा और हार गयीं . फिर कांग्रेस से रिजाइन कर 2020 में वे शिवसेना में शामिल हुईं .
1998 में ‘ चाइना गेट ‘ और 2018 में ‘ ब्लैकमेल ‘ में उर्मिला का मात्र आइटम सांग था .
ज़ायरा वसीम -
वसीम का जन्म 23 अक्टूबर 2000 को श्रीनगर , जम्मू और कश्मीर में हुआ था . वे एक भारतीय पूर्व अभिनेत्री हैं जिन्होंने कुछ फिल्मों में प्रशंसनीय किया है जिसके लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार ( फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार में ) और एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार ( फिल्म दंगल में ) भी मिला है .इसके अतिरिक्त 2020 की फिल्म ‘ द स्काई इज पिंक ‘ के लिए भी वसीम को फिल्मफेयर अवार्ड के लिए नामांकन मिला था . दंगल ने एक युवा लड़की का किरदार निभाते हुए फिल्म जगत में अपना पदार्पण किया गीता फोगाट जीवनीपरक ( biopic ) खेल फिल्म में दंगल (2016), जो इस रूप में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म है . इस फिल्म ने दुनिया भर में करीब 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी . इसके बाद उन्होंने एक महत्वाकांक्षी गायिका की भूमिका फिल्म सीक्रेट सुपरस्टार (2017), जो महिला मुख्य किरदार वाली भारतीय फिल्म है , में निभाई है . उनकी सभी फिल्मों को भरपूर समर्थन और सराहना मिली थी .
फिल्मों से संन्यास - 2016 में वसीम की प्रचार वाली तस्वीरें सामने आईं जिनमें उन्हें फिल्म दंगल में अपनी भूमिका के लिए छोटे बालों के साथ दिखाया गया था . कहा जाता है कि उनका यह स्टाइल कुछ समुदाय विशेष को नापसंद था . इसके चलते उन्हें बहुत ट्रोल किया गया और वे विवादों में आयीं .हालांकि वसीम ने इसका खंडन करते हुए कहा था कि यह उनका निजी फैसला अपनी मर्जी से था . इसके चलते . बाद में 30 जून 2019 को वसीम ने घोषणा की कि वे अपने अभिनय करियर को यहीं समाप्त कर फिल्म उद्योग से संन्यास ले रही हैं . फिल्म छोड़ने का कारण फिल्म करियर उनके धार्मिक विश्वासों और आस्था के विपरीत होना बताया गया है . ]नवंबर 2020 में वसीम ने प्रशंसकों से सोशल मीडिया से अपनी तस्वीरें हटाने का अनुरोध किया क्योंकि वे अपने जीवन में एक नया अध्याय शुरू करने की कोशिश कर रही थीं .
क्रमशः
नोट -लेख का अआधार गूगल / AI से ली गयी जानकारी है