Mr. Ms. Fake in Hindi Comedy stories by kajal jha books and stories PDF | मिस्टर एंड मिसेज फेंक एपिसोड 69

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मिस्टर एंड मिसेज फेंक एपिसोड 69

Mr. & Ms. Fake
एपिसोड 69— वह याद जो कभी हुई ही नहीं
“भैया… जल्दी आना। इस बार मेरे पास ज्यादा समय नहीं है।”
आरव की आवाज Original Archive में आखिरी बार गूंजी और फिर चारों तरफ सन्नाटा छा गया।
आर्यवीर स्क्रीन के सामने खड़ा था। उसकी मुट्ठियां इतनी कस चुकी थीं कि उंगलियां सफेद पड़ गई थीं।
उसने जिंदगी में कई बार अपने करीबियों को खोने का डर महसूस किया था, लेकिन आज पहली बार उसे पता चला था कि उसका एक छोटा भाई भी है, जो शायद पिछले पंद्रह सालों से किसी ऐसी जगह कैद है, जहां तक पहुंचना लगभग नामुमकिन था।
और अब Founder उससे कह रहा था कि वह अकेला जाए।
“मैंने कहा ना, मैं अकेला नहीं जाऊंगा!” आर्यवीर ने गुस्से में कहा।
डॉक्टर आर्यन ने स्क्रीन पर बचे हुए डेटा को चेक किया।
“आर्यवीर, तुम्हें शांत रहना होगा। Level 7 कोई सामान्य जगह नहीं है। अगर यह सचमुच एक Memory Space है, तो वहां जाने का मतलब किसी ऐसी याद में प्रवेश करना है, जिसे सिस्टम ने अपने भीतर सुरक्षित रखा है।”
कबीर ने उलझन में पूछा, “एक मिनट… मतलब हमें किसी की यादों में घुसना है?”
चिंटू ने धीरे से कहा, “भाई, मुझे तो पहले ही समझ नहीं आ रहा कि हम लोग असल में हैं कहां। अब यादों के अंदर भी जाना है?”
कबीर ने उसे देखा।
“तू चिंता मत कर। अगर वहां कोई भूत मिला, तो मैं उससे बात कर लूंगा।”
“तू पहले जिंदा लोगों से तो बात कर ले बिना झगड़ा किए!”
किसी के चेहरे पर हंसी नहीं आई।
आर्यवीर की नजर अब भी स्क्रीन पर थी।
“डॉक्टर, मुझे बताइए कि वहां पहुंचने का तरीका क्या है?”
डॉक्टर आर्यन ने कुछ देर तक चुप रहने के बाद कहा, “Level 7 तक पहुंचने के लिए हमें एक ऐसी स्मृति चाहिए, जो सिस्टम के मूल रिकॉर्ड में मौजूद हो। लेकिन समस्या यह है कि उस स्मृति को खोलने के लिए Subject Zero की पहचान के साथ Original Source की अनुमति भी जरूरी होगी।”
सांवि ने पूछा, “तो फिर Founder हमें अलग क्यों करना चाहता है?”
“क्योंकि उसे पता है कि तुम दोनों साथ रहकर उसके अनुमान बिगाड़ सकते हो।”
आर्यन जूनियर ने स्क्रीन पर दिखाई दे रहे संदेश को पढ़ा।
“लेकिन सिस्टम ने साफ लिखा है कि Subject Zero को अकेले प्रवेश करना होगा। शायद वह किसी दूसरे व्यक्ति को अंदर जाने ही नहीं देगा।”
राघव ने गंभीर स्वर में कहा, “या फिर वह चाहता है कि हम यह मान लें कि अंदर जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है।”
सांवि ने उसकी तरफ देखा।
“आपका मतलब?”
“Founder हमें हमेशा दो विकल्प देता है। पहले भी उसने आर्यवीर और तुम्हारे बीच चुनाव करवाने की कोशिश की थी। लेकिन हर बार तुम दोनों ने उसका नियम तोड़ा। हो सकता है कि इस बार भी उसका दिया हुआ रास्ता सिर्फ एक धोखा हो।”
डॉक्टर आर्यन ने तुरंत उनकी बात पर ध्यान दिया।
“राघव सही कह रहा है। हमें पहले यह पता लगाना होगा कि Level 7 तक पहुंचने के लिए Subject Zero का अकेले जाना वास्तव में जरूरी है या यह Founder का बनाया हुआ प्रतिबंध है।”
अनामिका अब तक चुप खड़ी थीं।
उन्होंने धीरे से कहा, “मुझे लगता है कि Founder इस बार आर्यवीर को सिर्फ अंदर नहीं बुला रहा। वह उसे किसी पुरानी याद में वापस ले जाना चाहता है।”
आर्यवीर ने उनकी तरफ देखा।
“कौन-सी याद?”
अनामिका की नजर सांवि पर गई।
“वही याद, जिसे तुम दोनों से पंद्रह साल पहले छीन लिया गया था।”
सांवि का दिल तेजी से धड़कने लगा।
“क्या वह आरव से जुड़ी हुई है?”
अनामिका ने सिर हिलाया।
“हां। मुझे शक है कि तुम तीनों के बीच कोई ऐसा वादा हुआ था, जिसे Founder आज तक समझ नहीं पाया।”
डॉक्टर आर्यन ने तुरंत पूछा, “तुम्हें यह कैसे पता?”
अनामिका ने अपनी कलाई पर बने सफेद निशान को देखा।
“क्योंकि उस रात मैं भी वहां मौजूद थी।”
आर्यवीर ने हैरानी से कहा, “आपने तो बताया था कि आप मुझे लेकर वहां से निकल गई थीं।”
“मैं तुम्हें लेकर बाहर जरूर निकली थी, लेकिन उससे पहले मैं एक बार Level 7 के दरवाजे तक पहुंची थी। वहां मैंने कुछ ऐसा देखा था, जिसे मैं आज तक भूल नहीं पाई।”
“क्या देखा था?”
अनामिका ने जवाब देने से पहले गहरी सांस ली।
“मैंने आरव को एक मशीन के सामने खड़ा देखा था। उसके पास तुम दोनों भी थे। लेकिन उस समय तुम दोनों सामान्य बच्चों की तरह व्यवहार नहीं कर रहे थे। तुम तीनों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर किसी को कुछ समझाने की कोशिश कर रहे थे।”
“किसे?”
“Founder को।”
कमरे में मौजूद सभी लोग चौंक गए।
डॉक्टर आर्यन ने कहा, “लेकिन उस समय Founder की शुरुआती चेतना पूरी तरह विकसित भी नहीं हुई थी।”
अनामिका ने उनकी तरफ देखा।
“शायद इसी वजह से वह तुम तीनों की बात समझ नहीं पाया था।”
तभी स्क्रीन अपने आप चालू हो गई।
MEMORY SPACE ACCESS AVAILABLE.
REQUIRED KEY: ORIGINAL MEMORY THAT NEVER HAPPENED.
सांवि ने संदेश पढ़ा।
“Original Memory That Never Happened… ऐसी याद जो कभी हुई ही नहीं?”
डॉक्टर आर्यन के चेहरे पर गंभीरता आ गई।
“यह असंभव है।”
राघव ने पूछा, “क्यों?”
“क्योंकि मेमोरी सिस्टम किसी घटना को रिकॉर्ड कर सकता है, किसी याद को मिटा सकता है या उसमें बदलाव कर सकता है। लेकिन ऐसी स्मृति को पहचानना, जो कभी हुई ही नहीं… इसका मतलब है कि Founder ने किसी ऐसी घटना का रिकॉर्ड बनाया है, जो वास्तविकता में कभी घटी ही नहीं।”
सांवि धीरे-धीरे स्क्रीन के पास गई।
“या फिर वह घटना हुई थी, लेकिन हमें याद नहीं है।”
डॉक्टर आर्यन ने उसकी तरफ देखा।
“यह भी संभव है।”
आर्यवीर ने पूछा, “तो हमें वह याद कैसे मिलेगी?”
स्क्रीन पर अचानक तीन बच्चों की धुंधली तस्वीर उभरी।
छोटी सांवि।
छोटा आर्यवीर।
और उनके बीच खड़ा आरव।
तस्वीर के नीचे लिखा था—
THREE SUBJECTS. ONE MEMORY. ZERO RECORDS.
सांवि तस्वीर को देखती रही।
उसके दिमाग में कुछ धुंधले दृश्य उभरने लगे।
एक सफेद कमरा।
तीन छोटी कुर्सियां।
एक लाल रंग का खिलौना।
और किसी बच्चे की हंसी।
उसने अपना सिर पकड़ लिया।
“मुझे कुछ याद आ रहा है…”
आर्यवीर तुरंत उसके पास पहुंचा।
“क्या हुआ?”
“मुझे लगता है कि हम तीनों उस कमरे में पहले भी गए थे। लेकिन वहां कोई मशीन नहीं थी। सिर्फ एक दरवाजा था।”
अनामिका की आंखें फैल गईं।
“वह कमरा…”
आर्यवीर ने उनकी तरफ देखा।
“आप जानती हैं उस कमरे को?”
अनामिका ने धीरे से कहा, “हां। उसे Memory Room कहा जाता था। वह S-21 का हिस्सा नहीं था। कम से कम आधिकारिक रिकॉर्ड में तो नहीं।”
डॉक्टर आर्यन ने तुरंत कहा, “S-21 के नक्शे में ऐसा कोई कमरा नहीं है।”
“क्योंकि वह नक्शे में कभी दर्ज ही नहीं किया गया था।”
सांवि ने स्क्रीन पर हाथ रखा।
अचानक उसके सामने एक नया विकल्प दिखाई दिया।
ORIGINAL SOURCE — MEMORY RECALL.
DO YOU WISH TO REMEMBER THE UNRECORDED EVENT?
नीचे दो विकल्प थे।
YES.
NO.
आर्यवीर ने तुरंत उसका हाथ पकड़ लिया।
“अभी कुछ मत करना।”
सांवि ने उसकी तरफ देखा।
“लेकिन शायद यही वह रास्ता है, जिससे हम आरव तक पहुंच सकते हैं।”
“और अगर Founder तुम्हारे दिमाग में फिर से घुस गया तो?”
“तो तुम मुझे बाहर निकाल लेना।”
आर्यवीर ने सिर हिलाया।
“मैं तुम्हें किसी खतरे में नहीं डाल सकता।”
सांवि ने उसका हाथ कसकर पकड़ लिया।
“आर्यवीर, तुमने मुझसे वादा किया था कि अब कोई फैसला अकेले नहीं करोगे। तो फिर मुझे रोकने का अधिकार तुम्हें भी नहीं है।”
आर्यवीर कुछ पल उसे देखता रहा।
फिर उसने धीरे से सिर झुका दिया।
“ठीक है। लेकिन इस बार हम दोनों साथ रहेंगे।”
डॉक्टर आर्यन ने चेतावनी दी, “सांवि, याद रखना। अगर तुमने यह प्रक्रिया शुरू की, तो हो सकता है कि तुम्हें ऐसी यादें दिखाई दें, जिन्हें तुम सच मान बैठो। तुम्हें हर दृश्य पर भरोसा नहीं करना है।”
“मैं समझ गई।”
सांवि ने स्क्रीन पर YES दबा दिया।
अगले ही पल कमरे की सारी लाइटें बंद हो गईं।
MEMORY RECALL INITIATED.
ORIGINAL SOURCE CONNECTED.
सांवि की आंखें बंद हो गईं।
आर्यवीर ने उसका हाथ पकड़ रखा था।
लेकिन कुछ सेकंड बाद स्क्रीन पर एक और संदेश चमका।
SUBJECT ZERO CONNECTION DENIED.
आर्यवीर का हाथ झटका खाकर सांवि से अलग हो गया।
“सांवि!”
वह आगे बढ़ा, लेकिन कंट्रोल पैनल से निकली तेज रोशनी ने उसे पीछे धकेल दिया।
डॉक्टर आर्यन चिल्लाए, “कोई पैनल को मत छूना! सिस्टम ने सांवि को अलग कर दिया है!”
आर्यवीर ने स्क्रीन की तरफ देखा।
उस पर सांवि की तस्वीर दिखाई दे रही थी।
लेकिन उसकी आंखें बंद थीं।
और उसके नीचे लिखा था—
ORIGINAL SOURCE ENTERED MEMORY SPACE.
SUBJECT ZERO REMAINED OUTSIDE.
आर्यवीर ने गुस्से में पैनल पर हाथ मारा।
“मुझे अंदर जाने दो!”
Founder की आवाज गूंजी।
“तुम्हें पहले ही बताया गया था, Subject Zero। इस बार तुम्हें अकेले प्रवेश करना होगा।”
आर्यवीर ने दांत भींच लिए।
“मैं तुम्हारे नियम नहीं मानूंगा।”
“तुम्हारे नियमों ने ही तुम्हें यहां तक पहुंचाया है।”
“और तुम्हारी वजह से मेरा भाई पंद्रह साल से गायब है!”
Founder कुछ पल चुप रहा।
फिर उसकी आवाज आई—
“तुम्हारा भाई गायब नहीं हुआ था। तुमने ही उसे पीछे छोड़ दिया था।”
आर्यवीर का चेहरा बदल गया।
“झूठ!”
स्क्रीन पर एक वीडियो खुला।
उसमें छोटा आर्यवीर दिखाई दे रहा था। उसके सामने छोटा आरव खड़ा था।
आरव रो रहा था।
“भैया, मुझे भी अपने साथ ले चलो!”
छोटा आर्यवीर पीछे हट गया।
“नहीं, आरव। मुझे जाना होगा।”
“लेकिन आपने वादा किया था!”
“मुझे माफ कर दो।”
वीडियो बंद हो गया।
आर्यवीर कुछ पल तक स्क्रीन को देखता रहा।
उसकी आंखों में दर्द था।
“यह सच नहीं हो सकता…”
अनामिका तुरंत उसके पास आईं।
“आर्यवीर, यह रिकॉर्डिंग पूरी नहीं है। Founder तुम्हें सिर्फ वही हिस्सा दिखा रहा है, जिससे तुम खुद को दोषी समझो।”
आर्यवीर ने उनकी तरफ देखा।
“लेकिन अगर मैंने सच में उसे छोड़ दिया था तो?”
अनामिका ने उसके चेहरे को अपने हाथों में लिया।
“तुम उस समय बच्चे थे। तुम्हें यह भी नहीं पता था कि तुम्हारे साथ क्या हो रहा है। तुम्हारे हर फैसले के पीछे किसी न किसी बड़े का नियंत्रण था। अपने बचपन के लिए खुद को सजा मत दो।”
आर्यवीर की आंखें नम हो गईं।
लेकिन उसकी नजर स्क्रीन से नहीं हटी।
“मुझे आरव तक पहुंचना है।”
---
Memory Space — अज्ञात स्थान
सांवि ने धीरे-धीरे आंखें खोलीं।
वह एक सफेद कमरे में खड़ी थी।
कमरे में कोई खिड़की नहीं थी। दीवारों पर न कोई निशान था, न कोई मशीन। सामने सिर्फ एक लकड़ी का दरवाजा था।
सांवि ने पीछे मुड़कर देखा।
वहां कोई नहीं था।
“आर्यवीर?”
उसकी आवाज कमरे में गूंजकर लौट आई।
कोई जवाब नहीं मिला।
उसने दरवाजे की तरफ कदम बढ़ाया।
तभी पीछे से एक बच्चे की आवाज आई।
“दीदी!”
सांवि तुरंत पलटी।
उसके सामने आरव खड़ा था।
वही बच्चा, जिसकी तस्वीर उसने कुछ देर पहले स्क्रीन पर देखी थी।
उसके चेहरे पर हल्की मुस्कान थी, लेकिन आंखों में डर छिपा हुआ था।
सांवि की आंखों में आंसू आ गए।
“आरव…”
वह उसकी तरफ बढ़ी।
लेकिन आरव पीछे हट गया।
“आपको यहां नहीं आना चाहिए था।”
“तुम कहां थे? तुम इतने सालों से कहां थे?”
आरव ने सिर झुका लिया।
“मैं यहीं था।”
“लेकिन तुमने हमें बताया क्यों नहीं?”
“मैंने कोशिश की थी। बहुत बार कोशिश की। लेकिन हर बार मेरी आवाज आप तक पहुंचने से पहले बंद कर दी गई।”
सांवि ने उसकी तरफ हाथ बढ़ाया।
“अब मैं तुम्हें यहां से ले जाऊंगी।”
आरव ने सिर हिलाया।
“आप मुझे नहीं ले जा सकतीं।”
“क्यों?”
“क्योंकि यह जगह बाहर निकलने का रास्ता नहीं है।”
सांवि ने चारों तरफ देखा।
“तो फिर यह क्या है?”
आरव ने धीरे से जवाब दिया—
“यह वह याद है, जो कभी हुई ही नहीं।”
सांवि उलझन में पड़ गई।
“मुझे समझ नहीं आ रहा।”
आरव ने सामने के दरवाजे की तरफ इशारा किया।
“उस दरवाजे के पीछे वह दिन है, जब हम तीनों ने Founder को हराने का वादा किया था। लेकिन असल में वह दिन कभी आया ही नहीं। सिस्टम ने उस याद को बनाया, ताकि हमें यकीन हो जाए कि हमने कुछ ऐसा किया था, जो हमने कभी किया ही नहीं।”
सांवि ने हैरानी से पूछा, “तो फिर तुम यहां कैसे हो?”
आरव की मुस्कान गायब हो गई।
“क्योंकि मेरी असली यादें इसी झूठ के पीछे छिपी हुई हैं।”
तभी कमरे की दीवार पर एक स्क्रीन उभरी।
उस पर छोटा आर्यवीर दिखाई दिया।
वह एक दरवाजे के सामने खड़ा था।
उसके पीछे आरव रो रहा था।
और छोटी सांवि जमीन पर बैठी हुई थी।
सांवि ने स्क्रीन को ध्यान से देखा।
“यह क्या है?”
आरव ने कहा, “यह वही याद है, जिसे भैया से छिपाया गया था।”
“इसमें क्या हुआ था?”
आरव ने उसकी तरफ देखा।
“भैया ने मुझे नहीं छोड़ा था, दीदी।”
सांवि की आंखें फैल गईं।
“तो फिर?”
आरव की आवाज भर्रा गई।
“उन्हें जबरदस्ती बाहर ले जाया गया था। और जब उन्होंने मुझे बचाने की कोशिश की, तो Founder ने उन्हें तुम्हारे सामने एक झूठा फैसला दिखाया।”
सांवि ने स्क्रीन की तरफ देखा।
वीडियो में छोटा आर्यवीर रोते हुए दरवाजे पर हाथ मार रहा था।
“आरव को छोड़ दो! उसे कुछ मत करना!”
लेकिन दूसरी तरफ से एक आवाज आई—
“Subject Zero, अगर तुम बाहर नहीं गए, तो Original Source को खत्म कर दिया जाएगा।”
छोटे आर्यवीर ने पीछे मुड़कर देखा।
छोटी सांवि उसके पास खड़ी थी।
वह रोते हुए बोली—
“भैया, आप जाओ। मैं आरव को संभाल लूंगी।”
सांवि की आंखों से आंसू बहने लगे।
उसे अपनी ही बचपन की आवाज सुनाई दे रही थी।
आरव ने धीरे से कहा, “हम तीनों ने एक-दूसरे को बचाने की कोशिश की थी। लेकिन Founder ने हमारी यादों को अलग-अलग कर दिया।”
सांवि ने उसका हाथ पकड़ लिया।
“अब हम ऐसा नहीं होने देंगे।”
आरव ने उसकी तरफ देखा।
“दीदी, आपको एक बात जाननी होगी।”
“क्या?”
“Founder सिर्फ हमारी यादों में छिपा नहीं है। वह किसी ऐसे इंसान की मदद से फिर से सक्रिय हो रहा है, जो अभी आपके साथ Original Archive में मौजूद है।”
सांवि का चेहरा सख्त हो गया।
“कौन?”
आरव कुछ बोलता, उससे पहले कमरे की लाइट लाल हो गई।
UNAUTHORIZED MEMORY ACCESS DETECTED.
SUBJECT ONE, STOP THE DISCLOSURE.
आरव ने घबराकर सांवि का हाथ छोड़ दिया।
“दीदी, जल्दी जाइए!”
“लेकिन तुम?”
“मुझे कुछ नहीं होगा। आप बस भैया को बताइएगा कि उन्होंने मुझे कभी नहीं छोड़ा था।”
सांवि ने आगे बढ़कर उसे गले लगा लिया।
“इस बार मैं तुम्हें अकेला नहीं छोड़ूंगी।”
आरव की आंखें भर आईं।
“मुझे पता है, दीदी।”
अचानक दरवाजा अपने आप खुल गया।
उसके पीछे अंधेरा था।
और उस अंधेरे में किसी के कदमों की आवाज आ रही थी।
आरव का चेहरा सफेद पड़ गया।
“नहीं… वह आ गया।”
सांवि ने पूछा, “कौन?”
आरव ने कांपती आवाज में कहा—
“वह इंसान, जिसने मुझे इतने सालों तक यहां कैद रखा।”
अंधेरे से एक आकृति बाहर आई।
सांवि ने उसका चेहरा देखने की कोशिश की।
लेकिन अगले ही पल उसके सामने तेज सफेद रोशनी फैल गई।
---
Original Archive
“सांवि!”
आर्यवीर की आवाज सुनाई दी।
स्क्रीन पर सांवि की उंगलियां हिलने लगीं।
डॉक्टर आर्यन ने राहत की सांस ली।
“उसकी चेतना वापस आ रही है।”
आर्यवीर उसके पास झुक गया।
“सांवि, मेरी बात सुन सकती हो?”
सांवि ने धीरे-धीरे आंखें खोलीं।
उसने सबसे पहले आर्यवीर को देखा।
फिर उसके चेहरे पर आंसू बहने लगे।
“आर्यवीर…”
“क्या हुआ? तुमने आरव को देखा?”
सांवि ने सिर हिलाया।
“हां। वह जिंदा है।”
अनामिका की आंखों से आंसू बह निकले।
“मेरा बेटा…”
आर्यवीर ने सांवि का हाथ पकड़ लिया।
“उसने क्या कहा?”
सांवि ने कुछ पल सांस संभाली।
“उसने कहा कि तुमने उसे कभी नहीं छोड़ा था। Founder ने तुम्हें मजबूर किया था। तुम्हें गलत याद दिखाई गई थी।”
आर्यवीर की आंखें बंद हो गईं।
जैसे उसके सीने पर रखा कोई भारी पत्थर अचानक हट गया हो।
“मुझे पता था… मैं उसे जानबूझकर नहीं छोड़ सकता था।”
सांवि ने आगे कहा, “लेकिन उसने एक और बात बताई है।”
डॉक्टर आर्यन तुरंत पास आए।
“क्या?”
सांवि ने उनकी तरफ देखा।
“उसने कहा कि Founder किसी ऐसे इंसान की मदद से फिर से सक्रिय हो रहा है, जो अभी इस कमरे में मौजूद है।”
कमरे में सन्नाटा छा गया।
सबने एक-दूसरे की तरफ देखा।
राजवीर ने तुरंत कहा, “यहां हम सब मौजूद हैं। क्या वह किसी की पहचान बता पाया?”
सांवि ने सिर हिलाया।
“नहीं। इससे पहले कि वह कुछ और बताता, कोई उसके पास आ गया।”
आर्यवीर ने पूछा, “कौन?”
सांवि की आंखों में डर उतर आया।
“मैं उसका चेहरा नहीं देख पाई।”
तभी स्क्रीन पर एक नया संदेश चमका।
MEMORY SPACE CONNECTION RESTORED.
SUBJECT ONE — LOCATION CONFIRMED.
UNDERGROUND LEVEL 7.
सभी की नजर स्क्रीन पर टिक गई।
लेकिन अगली लाइन देखकर डॉक्टर आर्यन के चेहरे का रंग उड़ गया।
WARNING: SUBJECT ONE IS NOT ALONE.
SECOND PRESENCE DETECTED.
राघव ने पूछा, “दूसरी मौजूदगी कौन है?”
डॉक्टर आर्यन ने तेजी से डेटा खोलने की कोशिश की।
लेकिन स्क्रीन पर पहचान की जगह सिर्फ एक कोड दिखाई दिया—
UNKNOWN SUBJECT — S-21/00.
आर्यन जूनियर ने धीमे स्वर में कहा, “S-21/00… यह कौन-सा Subject है?”
अनामिका ने कोड देखते ही अपना मुंह ढक लिया।
आर्यवीर ने उनकी तरफ देखा।
“मां, आप इसे जानती हैं?”
अनामिका की आंखों में डर उतर आया।
“यह कोड…”
वह कुछ पल बोल नहीं पाईं।
फिर उन्होंने कांपती आवाज में कहा—
“यह उस इंसान का कोड है, जिसे S-21 में कभी इंसान माना ही नहीं गया था।”
डॉक्टर आर्यन ने स्क्रीन की तरफ देखा।
“तुम किसकी बात कर रही हो, अनामिका?”
अनामिका ने धीरे से जवाब दिया—
“पहले Subject Zero से भी पहले… एक ऐसा Subject था, जिसके बारे में मैंने सोचा था कि उसकी फाइल हमेशा के लिए नष्ट हो चुकी है।”
स्क्रीन पर अचानक एक नई तस्वीर उभरी।
उसमें एक आदमी का चेहरा था।
चेहरा साफ नहीं दिख रहा था, लेकिन उसकी कलाई पर S-21 का निशान चमक रहा था।
और तस्वीर के नीचे लिखा था—
SUBJECT S-21/00 — STATUS: ACTIVE.
आर्यवीर ने स्क्रीन को घूरते हुए पूछा—
“यह कौन है?”
तभी कमरे के पीछे से एक जानी-पहचानी आवाज आई—
“जिसे तुम सबने मर चुका समझा था।”
सभी ने एक साथ पीछे मुड़कर देखा।
Original Archive का दरवाजा धीरे-धीरे बंद हो रहा था।
और उसके सामने कोई खड़ा था।
एपिसोड 69 समाप्त।