Shri: Struggle and Love - Chapter 40 in Hindi Spiritual Stories by Shiv putri books and stories PDF | श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 40

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श्री: संघर्ष एवं प्रेम - पाठ 40

अनिरुद्ध की बात सुनकर सार्थक के मन में कही न कही प्रिया को लेकर सवाल उठ रहे थे.. लेकिन उसने यह बात स्वीकार नहीं की 🫠 मन की बातों को इतना जल्दी स्वीकार करना कठिन ही है ... 
दूसरी तरफ श्री और हरि की सगाई भी हो चुकी थी सब लोग बहुत खुश थे। 

इसी तरह यह दिन भी हंसी, खुशी, आँसुओं में बीत गया 🫠..

अगले दिन..
श्री और हरि की हल्दी रस्म शुरू हो गई .... 👀
आज हल्दी थी तो सबने हल्दी जैसे पीले कपड़े ही पहने थे 🙇🏻
पहले हरि के परिवार वालों के हरि को हल्दी लगाई उसके बाद हरि की हल्दी श्री को लगाई गई 🙃 ... 

( 😅मुझे ज्यादा रस्मों के बारे ने ज्यादा नहीं पता आगे आप रीडर्स खुद सोच लेना कैसे हल्दी हुई होगी दोनों की 😁😂) 

हल्दी रस्म के बाद हरि एक कटोरी में हल्दी लेकर श्री के पास आया 🙂... 
श्री स्नान कर के अपने कक्ष में विश्राम कर रही थी 👀 और तभी अचानक हरि जी वहां आ गए 😁 
हरि ने चुप चाप कमरा बंद कर दिया और श्री के पास आकर धीरे से बोला हल्दी की रस्म अभी अधूरी है प्रिय ☺️ 

"श्री ने एक क्षण के लिए घबराकर दरवाज़े की ओर देखा और फिर हरि की ओर। उसके चेहरे पर झिझक और शर्म दोनों एक साथ दिखाई दे रहे थे।"

श्री:- क्या ? कैसे अधूरी है , और एक मिनट आप यहां क्या कर रहे है ? और कमरा कमरा क्यों बंद किया आपने जाइए यहां से अभी के अभी कोई आ गया तो क्या सोचेगा 🤦🏻🫣
हरि:- क्या सोचेगा ? प्रिय अब विवाह होने वाला है हमारा आने वाले दिनों में आप हमारी धर्मपत्नी होंगी 🫠🌸 और आप है कि शर्म ही खत्म नहीं हो रही आपकी 🤭 
श्री :- 😳 हो... हो गया आपका जाइए अब यहां से 🫣 
हरि:- लो कर लो बात 🙇🏻 इतना डरती हो तुम 
श्री:- हम नहीं डरते 👀
हरि:- अच्छा 😁 
श्री:- देखिए जो काम है बोलिए नहीं तो जाइए कोई आ गया तो क्या सोचेगा आपको तो फर्क ही नहीं पड़ता 👀
हरि:- अपनी होने वाली पत्नी के साथ हु कोई क्या ही सोच लेगा ?
श्री:- 👀क्या काम है आपको?
हरि:- हल्दी की रस्म पूरी करने आया था 😁 
श्री:- क्या ? हो तो गई हल्दी ...👀 अब क्या रसम 
हरि:- जब तक मैने तुम्हे और तुमने मुझे हल्दी नहीं लगाई तब तक रसम कैसे पूरी हो सकती है ?
श्री:- 😳क्या ऐसा थोड़ी होता है 
हरि:- क्यो नहीं होता 😏 और नहीं होता तो न सही हम कर लेंगे 😁😏 
(ऐसा बोलते ही हरि ने श्री के गालों पर हल्दी लगा दी ...👀 )
श्री हैरान हो गई 😳 
श्री:- हो ... गया .. आपका 😳👀
हरि:- नहीं अभी तो मैने ही लगाई है 😏 तुम नहीं लगाओगी मुझे हल्दी ☺️ 
(श्री से तो कुछ बोलते नहीं बना पूरा मुंह लाल हो चुका था उसका😳)
हरि ने जब देखा श्री कोई जवाब नहीं दे रही और शर्मा रही है तो वो धीरे से श्री के गालों से अपने गाल को छू कर अपने गालों पर हल्दी लगा लेता है 😁
श्री और भी ज्यादा शर्मा गई , हरि उसके करीब था और उसके गाल से अपने गालों पर हल्दी लगा रहा था ... 
श्री थोड़ी देर तो सुन्न हो गई फिर होश में आकर हरि को हल्का धक्का दे दिया ... 
श्री:- आप ... आप ये क्या कर रहे है 😳 आपको शर्म नहीं आती 🫣 जाइए अब यहां से 
हरि:- 😂 मैं क्यों शर्माऊ 🤭 तुम मेरे नाम का भी शर्मा लो 😂 
श्री:- जाइए अब 🫣 हो गया हो तो आपका 
हरि:- 😂ठीक है जा रहा हु नहीं तो यही पिघल जाऊंगी शर्मा शर्मा कर 
श्री:- 👀😳🫣 
हरि अब श्री को ज्यादा परेशान नहीं करता वहां से चला जाता है 🤪

(मैने लिखा है न एकदम फिल्मी स्टाइल में 😁😂)

दूसरी तरफ सार्थक प्रिया के पास आता है .. 
सार्थक:- प्रिया जी ..
प्रिया:- जी
सार्थक:- दरअसल मुझे आपसे माफी मांगनी थी 🙇🏻
प्रिया:- क्यो?
सार्थक:- क्या इतने छोटे छोटे जवाब दे रही हो , बोलो भी कुछ तुम बोलते हुए ही अच्छी लगती हो चुप मत रहा करो 
प्रिया:- 👀 आपने ही कहा था चुप रहा करो 🙎🏻 और मेरे से बात मत किया करो भूल गए आपने ही बोला था न 
सार्थक:- 🙁 माफ कर दो ..
प्रिया:- क्या? बोले दुबारा बोलिए तो सुना नहीं मैने 
सार्थक:- 🙎🏻 मैने कहा माफ कर दो मुझे, अब नखरे मत दिखाओ tape recorder 👀 
प्रिया:- 👀 हां हम तो tape recorder है मत कीजिए हमसे बात जाइये यहां से 😑 
सार्थक:- अरे बाबा माफ कर दो .. मैं सच्ची माफी मांगने आया हु 🥲 कल गुस्से में ज्यादा ही बोल दिया था मैने 
प्रिया:- .. कोई बात नहीं सार्थक जी हम समझते है कल आप परेशान थे 🥲👀
सार्थक:- तो क्या तुम नाराज नहीं हो 🥲 
प्रिया:- हम होते ही कौन है आपसे नाराज होने वाले 👀🥲 
सार्थक:- अरे ये क्या बात हुई भला ? 
प्रिया:- 🙁 कुछ नहीं 😓 
सार्थक:- बोलो भी 🙁 
प्रिया:- क्या ही बोले हम आपको ? आप अपना past भूलना नहीं चाहते ... और हम आपके लगते ही कौन है 😓 हमारा क्या अधिकार आपसे नाराज होने का 🙁 
सार्थक:- 😓 ऐसे मत बोलिए प्रिया जी, और याद कीजिए श्री ने कहा था यदि हम श्री के मित्र है तो आपके भी मित्र है 🙇🏻 
प्रिया:सच में 👀 आप हमे मित्र मानते भी है ?? अगर मानते होते तो हमे कब का सच बता देते लेकिन आपने नहीं बताया वो तो मैने आपकी और अनिरुद्ध जी की बात सुन ली थी नहीं तो हमे सत्य का पता कभी चलता नहीं .... 🥲
सार्थक:- ऐसा नहीं है प्रिया जी.. हम आपको बता देते परंतु कल हम ज्यादा ही परेशान थे .. 
प्रिया:- क्यों? क्यूंकि श्री की शादी मेरे भैया हरि से हो रही है इसलिए ?
सार्थक:- प्रिया जी आप सच जानती ही है कुछ नहीं छुपा अब आपसे और रही बात श्री से प्रेम करने की ... 😐 तो प्रेम से भी अधिक है मित्रता .. और श्री मेरी मित्र है 🙇🏻 
प्रिया:- आपके विचार उत्तम है, आपने मित्रता को महत्व दिया यह कार्य हर कोई नहीं कर सकता यह आपकी महानता है  ...परंतु आप महान बनने के चक्कर में स्वयं के भविष्य को खराब मत कीजिए 🙁 


क्या जवाब होगा सार्थक का... और श्री, हरि की शादी तक का सफ़र कैसा रहेगा जानने के बने रहे मेरी कहानी श्री में 🫶🏻