समर के सामने इस वक्त जुशेंग खड़ा था।
और जिस तरह वह उसे घूर रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे अभी उसे ज़िंदा ही खा जाएगा। 😨
वहीं उसके बगल में युई हाथ में खाली बाल्टी लिए खड़ी थी और समर को बेचारों वाली नज़रों से देख रही थी।
समर डरते हुए बोला,
"ब... बॉस... आप... यहाँ... मेरा मतलब... मैं यहाँ... नहीं... हाँ... क्या...?" 😭
जुशेंग ने झुंझलाहट में अपनी उंगली से माथा रगड़ा।
तभी युई आगे बढ़ी।
"सॉरी समर जी..."
उसने मासूम चेहरा बनाकर कहा।
"गलती से पानी आपके ऊपर गिर गया।"
बेचारा समर।
एक तरफ जुशेंग का डर।
दूसरी तरफ युई की माफी।
उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि रोए या मुस्कुराए। 😂
"अरे भाभी जी, सॉरी क्यों? कोई बात नहीं। ऐसा होता रहता है।"
युई ने तुरंत गुस्से से जुशेंग की तरफ देखा।
"ये सब आपके इस नकचढ़े बॉस की वजह से हुआ है।" 😤
समर ने मन ही मन कहा,
"समर बेटा... यहाँ से निकल लो। वरना आज तुम्हारा भरता बन जाएगा।" 💀
युई ने तुरंत सुन लिया।
"हाँ! हम इनका भरता बना देंगे!" 🔥
जुशेंग ने गहरी साँस ली।
"बेबी, प्लीज़ शांत हो जाओ।"
"नहीं!" 😤
"जब तक आप ये नहीं बताएँगे कि कल रात ऐसा क्यों किया, मैं शांत नहीं होने वाली।"
युई की बात पूरी भी नहीं हुई थी कि जुशेंग ने अचानक उसे अपनी बाँहों में उठा लिया।
"अरे—!" 😳
युई चिल्ला उठी।
जुशेंग बिना कुछ बोले सीढ़ियों की तरफ बढ़ गया।
"समर जी! अभी आती हूँ! कहीं मत जाइएगा!" 😂
समर उन्हें जाते हुए देखता रह गया।
"भाभी जी... आप सच में..." 😶
◇◇◇
कुछ देर बाद...
कमरे में...
युई बिस्तर पर बैठी थी।
"हबी..."
जुशेंग उसके सामने बैठ गया।
"बेबी, अब तुम्हें आराम करना चाहिए।"
उसने धीरे से कहा।
"तुम्हें पता है ना कि अब तुम अकेली नहीं हो। हमारे बच्चे की भी जिम्मेदारी है।"
युई चुप हो गई।
"लेकिन कल रात—"
"भूल जाओ।"
जुशेंग ने उसकी बात काट दी।
"कुछ देर बाद हम अस्पताल जाएँगे। तुम्हारा पूरा चेकअप होगा। डाइट प्लान बनेगा। मुझे हमारा बच्चा बिल्कुल स्वस्थ चाहिए।"
युई उसे देखती रही।
फिर धीरे से मुस्कुरा दी।
शायद वह भी समझ गई थी कि पुराने घाव कुरेदने से बेहतर आज की खुशी को जीना है। ❤️
वह आगे बढ़ी और जुशेंग को गले लगा लिया।
"आप खुश तो हैं ना?"
जुशेंग ने आँखें बंद कर लीं।
कुछ सेकंड बाद...
"हाँ..." ❤️
बस एक शब्द।
लेकिन उसमें उसकी सारी भावनाएँ छिपी हुई थीं।
◇◇◇
नीचे...
समर अब नए कपड़ों में पूरी तरह तैयार था।
कुछ देर बाद जुशेंग और युई सीढ़ियों से नीचे आए।
युई लगातार बातें कर रही थी।
और जुशेंग हमेशा की तरह बस उसे सुन रहा था।
"समर जी!" 😊
"जी भाभी जी!"
"मुझे कॉलेज के फाइनल ईयर की कुछ किताबें चाहिए। क्या आप ला देंगे?"
"अरे, ये भी कोई पूछने की बात है?" 😌
"आप बस हुक्म कीजिए।"
जुशेंग ने हल्का सा सिर हिलाया।
जैसे कह रहा हो—
"इन दोनों का कुछ नहीं हो सकता।"
"तो फिर चलो।"
जुशेंग ने कहा।
"ये क्या है?" 😒
युई ने उसकी नकल उतारी।
"चलो... चलो..."
"थोड़ा प्यार से भी बोल सकते हैं आप।"
समर ने मन ही मन कहा,
"भाभी जी, ये शैतान प्यार से भी ऐसे ही बोलता है।" 😂
अचानक जुशेंग ने उसे घूरा।
समर तुरंत चुप हो गया। 😶
युई हँस पड़ी।
"कोई बात नहीं। मुझे तो इनकी आदत है।"
जुशेंग के होंठों पर हल्की मुस्कान आ गई।
उसने युई का हाथ पकड़ा और बाहर की ओर बढ़ गया।
◇◇◇
अस्पताल...
एक केबिन में महिला डॉक्टर बैठी थीं।
उनके सामने जुशेंग और युई बैठे थे।
युई उत्साहित थी।
लेकिन जुशेंग के चेहरे पर गंभीरता साफ दिखाई दे रही थी।
डॉक्टर बोलीं,
"कुछ टेस्ट करने होंगे, ताकि हम सब कुछ अच्छे से देख सकें।"
युई थोड़ी घबरा गई।
"हबी..." 🥺
जुशेंग ने उसका हाथ पकड़ लिया।
"डोंट वरी, बेबी। मैं यहीं हूँ।"
युई ने सिर हिला दिया।
कुछ देर बाद...
जाँच पूरी हो चुकी थी।
डॉक्टर मुस्कुराईं।
"घबराने की कोई बात नहीं है।"
"बच्चा बिल्कुल ठीक है और माँ भी स्वस्थ हैं।"
दोनों ने राहत की साँस ली।
"कल पूरी रिपोर्ट मिल जाएगी।"
"और हाँ, पहले महीनों में मूड स्विंग्स और उल्टियाँ होना सामान्य बात है।"
"बस थोड़ा ज्यादा ध्यान रखिएगा।"
जुशेंग ने गहरी साँस छोड़ी।
उसके चेहरे का तनाव आखिरकार कम हो गया। ❤️
◇◇◇
वापसी में...
कार के अंदर...
"सुनिए..." 😊
"हम्म?"
"अगर बेटा हुआ तो उसका नाम जिहान रखेंगे।"
युई खुशी से बोली।
जुशेंग ने तुरंत कहा,
"मुझे बेटी चाहिए।"
"बिल्कुल तुम्हारी तरह।"
फिर हल्का मुस्कुराया।
"लेकिन बेटा हुआ तो भी ठीक है।"
युई खिलखिला उठी।
"ठीक है।"
"और अगर बेटा हुआ तो मैं उसे प्यार से चिकू बुलाऊँगी।"
"और बेटी हुई तो जू-जू।" 😂❤️
जुशेंग ने उसे देखा।
उसकी आँखों में शांति थी।
"मुझे बस तुम खुश चाहिए।"
कार आगे बढ़ती रही।
और दोनों भविष्य के छोटे-छोटे सपनों में खो गए।
◇◇◇
कॉलेज...
समर जेब में हाथ डाले आराम से चल रहा था।
तभी—
धड़ाम! 💥
वह किसी से टकरा गया।
"हाय राम!" 😵
"आआआआआ!" 😂
और दोनों सीधे जमीन पर जा गिरे...
◇◇◇
अगला दृश्य...
कार के अंदर...
युई खिड़की के बाहर देखते हुए आराम से बैठी थी।
अचानक उसकी आँखों में चमक आ गई। ✨
"हबी! हबी!" 😍
उसने उत्साह में जुशेंग का हाथ पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी।
"कार रोकिए! जल्दी रोकिए!"
जुशेंग अचानक इस हमले के लिए तैयार नहीं था।
"क्या हुआ, बेबी?" 😅
युई ने तुरंत खिड़की के बाहर उंगली दिखाई।
"उधर देखिए!"
"गोलगप्पे!" 😍✨
"मुझे गोलगप्पे खाने हैं!"
जुशेंग ने बाहर देखा।
सड़क किनारे एक छोटा-सा ठेला खड़ा था।
कुछ सेकंड तक वह चुप रहा।
फिर बोला,
"नहीं।"
युई का चेहरा तुरंत उतर गया। 😑
"क्यों?"
"बाहर का खाना नहीं।"
"मैं तुम्हें किसी अच्छे होटल में ले चलता हूँ। आराम से खाना।"
"नहीं!" 😤
युई ने तुरंत विरोध किया।
"मुझे अभी खाने हैं।"
"मतलब अभी!"
जुशेंग ने गहरी साँस ली।
"बेबी..."
युई ने उम्मीद भरी नज़रों से उसकी तरफ देखा। 🥺✨
कुछ सेकंड तक दोनों एक-दूसरे को देखते रहे।
आखिरकार...
जुशेंग हार गया। 😮💨
"ठीक है।"
युई खुशी से उछल पड़ी।
"सच में?" 😍
जुशेंग ने कार सड़क किनारे रोक दी।
फिर गंभीर आवाज़ में बोला,
"तुम यहीं बैठो।"
"बाहर मत आना।"
"मैं लेकर आता हूँ।"
युई ने तुरंत सिर हिला दिया।
"ठीक है।" 😊
जुशेंग कार से उतरा और गोलगप्पे वाले ठेले की तरफ बढ़ गया।
युई मुस्कुराने लगी।
"अब मज़ा आएगा।" 😋
◇◇◇
कुछ मिनट बाद...
युई ने घड़ी की तरफ देखा।
फिर बाहर देखा।
फिर दोबारा घड़ी देखी।
"हम्म..." 🤨
"हबी अभी तक नहीं आए?"
उसने होंठ फुला लिए।
"खुद ही तो बोले थे कि जल्दी आता हूँ।"
"लेकिन नहीं..."
"महाराज का कहीं पता ही नहीं।" 🙄
युई ने खिड़की से गर्दन बाहर निकालकर देखने की कोशिश की।
लेकिन जुशेंग कहीं दिखाई नहीं दिया।
"हे शिवजी..." 😮💨
"ये आदमी भी ना..."
कुछ पल तक इंतज़ार करने के बाद उसका धैर्य जवाब दे गया।
"बस!"
"मैं खुद जाकर देखती हूँ।"
वह कार से नीचे उतर गई।
चारों तरफ नज़र दौड़ाई।
एक तरफ सड़क...
दूसरी तरफ दुकानें...
लेकिन जुशेंग कहीं दिखाई नहीं दिया।
तभी...
उसकी नज़र थोड़ी दूर जाकर रुकी।
और अगले ही पल—
उसकी आँखें गुस्से से फैल गईं। 😤🔥
चेहरे पर साफ लिखा था—
"अब किसी की खैर नहीं..." 😡
उसकी मुट्ठियाँ धीरे-धीरे भींचने लगीं।
और उसकी आँखों में सचमुच जलते अंगारों जैसी चमक दिखाई देने लगी। 🔥👀
"Hubby..." 😤
"आप फिर से क्या कर रहे हैं...?"
Countue.....
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