अगला दृश्य...
युई का चेहरा गुस्से से लाल हो चुका था। 😤🔥
उसकी नज़र सामने खड़े जुशेंग पर टिकी हुई थी।
थोड़ी दूरी पर जुशेंग एक लड़की से बात कर रहा था।
दूरी ज्यादा होने की वजह से युई को उनकी बातें सुनाई नहीं दे रही थीं, लेकिन देखने में ऐसा लग रहा था जैसे दोनों किसी गंभीर विषय पर चर्चा कर रहे हों।
युई के होंठ गुस्से से सिकुड़ गए।
"हबी... आपने ये बिल्कुल ठीक नहीं किया।" 😒
"कहा था कि मेरे लिए गोलगप्पे लेने जा रहे हैं..."
"और यहाँ किसी लड़की के साथ बातें कर रहे हैं।"
जितना वह सोच रही थी, उतना ही उसका गुस्सा बढ़ता जा रहा था।
आखिरकार वह तेज़ कदमों से उनकी तरफ बढ़ने लगी।
◇◇◇
उधर...
जुशेंग ने दूर से युई को अपनी तरफ आते देखा।
उसकी भौंहें सिकुड़ गईं।
"बेबी इतनी गुस्से में क्यों लग रही है...?" 🤨
तभी सामने खड़ी लड़की ने कहा,
"सर, काम हो गया।"
"ये लीजिए।"
उसने एक पैकेट आगे बढ़ाया।
"होटल से फ्रेश गोलगप्पे मंगवा दिए हैं।"
जुशेंग ने पैकेट ले लिया।
"ठीक है।"
"तुम जा सकती हो।"
"यस, सर।"
लड़की वहाँ से चली गई।
जुशेंग ने पैकेट की तरफ देखा।
फिर युई की तरफ।
और फिर दोबारा पैकेट की तरफ। 😅
मन ही मन बोला,
"बस बेबी को पता नहीं चलना चाहिए कि ये सड़क वाले गोलगप्पे नहीं हैं..."
"वरना फिर से नाराज़ हो जाएगी।" 😮💨
◇◇◇
कुछ ही पल बाद...
युई उसके सामने पहुँच चुकी थी।
जुशेंग ने तुरंत मुस्कुराने की कोशिश की।
"बेबी, देखो।"
"तुम्हारे गोलगप्पे।" 😊
लेकिन युई ने पैकेट की तरफ देखा तक नहीं।
उसने बस एक सवाल पूछा।
"वो लड़की कौन थी?" 😑
जुशेंग कुछ सेकंड चुप रहा।
"मेरी कर्मचारी थी।"
"बस काम की बात कर रही थी।"
"और कुछ नहीं।"
युई ने तुरंत कदम पीछे खींच लिए।
"नहीं।"
"मुझे नहीं मानना।"
"पहले बताइए आप उससे क्या बात कर रहे थे।"
जुशेंग ने संयम बनाए रखने की कोशिश की।
"बेबी..."
"चलो, कार में बैठते हैं।"
"नहीं।" 😤
"पहले जवाब दीजिए।"
जुशेंग ने गहरी साँस ली।
उसकी आवाज़ अब पहले से थोड़ी सख्त हो गई।
"बेबी, बस।"
"और तुम बाहर क्यों आई?"
"मैंने मना किया था ना?" 😐
युई कुछ पल के लिए चुप हो गई।
उसका सारा गुस्सा जैसे अचानक ठंडा पड़ गया।
लेकिन उसकी जगह अब चोट ने ले ली।
उसने धीरे से कहा,
"ठीक है..."
"मुझसे बात मत कीजिए।"
उसने जुशेंग के हाथ से गोलगप्पों का पैकेट लिया।
और बिना पीछे देखे कार की तरफ चल दी।
◇◇◇
जुशेंग वहीं खड़ा रह गया।
उसकी मुट्ठियाँ धीरे-धीरे भींच गईं।
आँखें बंद हो गईं।
जैसे वह अपने अंदर उठते गुस्से को दबाने की कोशिश कर रहा हो।
कुछ सेकंड बाद उसने धीमे से कहा,
"बेबी..." 😔
और उसके पीछे चल पड़ा।
◇◇◇
दूसरी तरफ...
कॉलेज...
धड़ाम! 💥
समर अभी भी जमीन पर बैठा हुआ था।
तभी उसके सामने एक गोरा और पतला हाथ बढ़ा।
समर ने बिना ऊपर देखे उसका हाथ पकड़ लिया और उठ खड़ा हुआ।
"अरे भाई!"
"देख कर चला करो यार।" 😒
सामने से सिर्फ एक आवाज़ आई।
"हम्म।"
समर की भौंहें चढ़ गईं।
"और दोबारा ऐसा मत करना।"
"हम्म।"
समर का चेहरा अजीब हो गया।
"क्या 'हम्म'?"
"और कोई शब्द नहीं आता क्या?" 😂
उसने आखिरकार सामने देखा।
और अगले ही पल...
उसकी आँखें फैल गईं। 😳
"अरे..."
"ये तो...!"
◇◇◇
वापसी में...
कार के अंदर...
युई खिड़की की तरफ मुँह किए बैठी थी।
उसके गाल अभी भी फूले हुए थे। 😤
जुशेंग ने कई बार उसकी तरफ देखा।
फिर आखिर बोला,
"बेबी..."
कोई जवाब नहीं।
"वो सिर्फ मेरी कर्मचारी थी।"
"बस काम की बात थी।"
युई चुप रही।
"बेबी..."
"प्लीज़ गुस्सा मत करो।"
"ये तुम्हारे लिए ठीक नहीं है।"
फिर भी कोई जवाब नहीं।
कार में अजीब सी खामोशी फैल गई।
कुछ देर बाद...
जुशेंग ने अचानक कार सड़क किनारे रोक दी।
युई ने हैरानी से उसकी तरफ देखा।
जुशेंग ने धीरे से उसका हाथ पकड़ लिया।
"बेबी..."
"प्लीज़..."
"मुझसे नाराज़ मत हो।"
"मैं सच कह रहा हूँ।"
युई का दिल थोड़ा नरम पड़ने लगा।
लेकिन तभी...
धड़ाम! 💥
जुशेंग ने अचानक सामने रखे डैशबोर्ड पर ज़ोर से मुक्का मार दिया।
"शिट!"
युई बुरी तरह चौंक गई। 😨
उसका शरीर हल्का सा काँप उठा।
अब उसे डर लगने लगा था।
जुशेंग की साँसें भारी हो रही थीं।
कुछ सेकंड बाद उसने खुद को शांत किया।
फिर उसकी तरफ मुड़ा।
"बेबी..."
युई ने घबराकर उसकी तरफ देखा।
"ह... हम्म..." 🥺
उसकी आँखों में अब गुस्से की जगह डर दिखाई दे रहा था।
और यही देखकर जुशेंग का दिल एक पल के लिए बैठ गया...
◇◇◇
सड़क के किनारे...
जुशेंग अचानक कार से उतर गया।
धड़ाम!
कार का दरवाज़ा बंद हुआ।
वह कार के सहारे खड़ा हो गया और गुस्से में अपनी उंगली से माथा रगड़ने लगा।
उसकी साँसें अभी भी भारी थीं।
मानो वह अपने अंदर उठ रहे तूफ़ान को रोकने की कोशिश कर रहा हो। 😶
दूसरी तरफ...
युई कुछ पल तक कार के अंदर बैठी रही।
उसका दिल अब भी तेज़ी से धड़क रहा था।
अभी कुछ देर पहले जुशेंग का गुस्सा देखकर वह सचमुच डर गई थी। 😟
आखिरकार उसने हिम्मत जुटाई।
धीरे से कार का दरवाज़ा खोला और बाहर उतर गई।
वह चुपचाप जुशेंग के पीछे जाकर खड़ी हो गई।
चारों तरफ अजीब सी शांति थी।
दोपहर की धूप जंगल के पेड़ों के बीच से छनकर सड़क पर गिर रही थी। 🌿☀️
दृश्य बेहद सुंदर था।
लेकिन उस वक्त युई का ध्यान कहीं और था।
उसकी सारी दुनिया बस जुशेंग के चेहरे पर अटकी हुई थी।
कुछ सेकंड बीते।
फिर उसने धीरे से कहा,
"ह... हबी..." 🥺
जुशेंग तुरंत उसकी तरफ मुड़ा।
"बेबी।"
उसकी आवाज़ शांत थी।
लेकिन आँखों में अभी भी दबा हुआ गुस्सा साफ दिखाई दे रहा था।
अचानक उसने युई की बाँह पकड़ ली।
काफी कसकर।
युई का शरीर हल्का सा काँप गया।
उसने डर के मारे अपनी आँखें बंद कर लीं।
जुशेंग उसे देखता रहा।
फिर धीमी लेकिन सख्त आवाज़ में बोला,
"मैंने कितनी बार कहा है..."
"मुझे तुम्हारा मुझसे नाराज़ होना पसंद नहीं।"
"मुझे तुम्हारा खुद को परेशान करना पसंद नहीं।"
"और सबसे ज्यादा..."
"मुझे तुम्हारा खुद को तनाव देना पसंद नहीं है।"
युई की आँखों में आँसू भर आए। 😢
उसने सिर झुका लिया।
"सॉरी, हबी..."
कुछ पल तक कोई कुछ नहीं बोला।
फिर जुशेंग ने धीरे से उसकी बाँह छोड़ दी।
उसने गहरी साँस ली।
मानो खुद को फिर से शांत कर रहा हो।
इसके बाद उसने अपनी जेब से फोन निकाला।
और किसी को कॉल लगा दी।
युई चुपचाप वहीं खड़ी रही।
उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हो क्या रहा है।
कुछ सेकंड बाद...
फोन के दूसरी तरफ से जवाब मिला।
जुशेंग ने बस इतना कहा,
"तैयार रहो।"
और कॉल काट दी।
युई की भौंहें सिकुड़ गईं।
"तैयार रहो...?" 🤔
वह कुछ पूछ पाती...
उससे पहले—
पीईईईईईईईं!!! 🚗
अचानक एक कार का हॉर्न पूरे सुनसान इलाके में गूँज उठा।
युई चौंक गई।
उसने पीछे मुड़कर देखा।
एक काली कार धीरे-धीरे उनकी तरफ आकर रुक रही थी।
और उसी पल
...
जुशेंग के होंठों पर एक अजीब सी मुस्कान उभरी।
एक ऐसी मुस्कान...
जिसे देखकर किसी को भी बेचैनी महसूस हो सकती थी। 😶
"अब शायद..."
उसने धीरे से कहा।
"तुम्हारा गुस्सा पूरी तरह खत्म हो जाएगा, बेबी।"
युई का दिल अचानक ज़ोर से धड़क उठा।
और उसे पहली बार एहसास हुआ...
कि शायद जुशेंग ने कुछ ऐसा किया है जिसके बारे में उसे अभी तक पता ही नहीं है...
Countue........
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