बारह बजे के बाद. by Alok Mishra in Hindi Novels
अध्याय 1 : बारह बजने से पहलेसर्दियों की उस रात शहर रंग-बिरंगी रोशनियों में नहा रहा था। हर सड़क पर जश्न था। होटल, क्लब और...
बारह बजे के बाद. by Alok Mishra in Hindi Novels
अध्याय – 2 : सुबह का पहला शव    पहली जनवरी की सुबह शहर अभी भी पिछली रात के उत्सव की थकान से उबर रहा था। सड़कों पर बिखरे...
बारह बजे के बाद. by Alok Mishra in Hindi Novels
अध्याय – 3 : झूठ की पहली परतपहली जनवरी की दोपहर।   मंत्री महेश्वर प्रताप सिंह की हत्या की खबर पूरे राज्य में जंगल की आग...
बारह बजे के बाद. by Alok Mishra in Hindi Novels
अध्याय – 4 : गायब डायरी     पुलिस मुख्यालय की घड़ी रात के ग्यारह बजा रही थी।पुलिस अधीक्षक आर्यन राठौर अपनी मेज़ पर फैली...