Pinku's Angel - 5 in Hindi Fiction Stories by Deepak Kumar Tiwari books and stories PDF | पिंकू की परी - 5

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पिंकू की परी - 5

स्पेसशिप का इंजन अब एक अजीब सी भारी आवाज़ के साथ धड़क रहा था। फर्श पर घुटनों के बल बैठी परी (P444) अपनी नीली आँखों से चमकीले आँसू बहा रही थी, लेकिन उसके ठीक बगल में खड़ा पिंकू पांडे इस समय किसी बनारसी शेर की तरह फुफकार रहा था। सिर पर कसा हुआ लाल छीट का गमछा और आँखों में तैरता देसी गुस्सा—पिंकू ने ठान लिया था कि उस सींग वाले विलेन 'पाजी' की लंका लगानी ही है।



पिंकू ने झुककर परी का हाथ पकड़ा और उसे सहारा देकर खड़ा किया। परी ने अपनी कांपती हुई उंगलियों से कंट्रोल पैनल की मुख्य स्क्रीन पर एक नया बटन दबाया। स्क्रीन पर अचानक बहुत सारे अजीबोगरीब वीडियो और डेटा फाइल्स खुलने लगीं। यह विलेन पाजी का वह 'सीक्रेट डेटा' था जिसे परी ने अपनी बगावत के दौरान हैक किया था।



पिंकू पांडे:"अरे परी डार्लिंग! रोना-धोना बंद करो और ई देखो। ई सींग वाला पाजी अपनी इस लोहे की खोपड़ी वाली स्क्रीन पर का बकवास दिखा रहा है बे? ई तो हमारी धरती माता का नक्शा लग रहा है!"परी ने अपने आँसू पोंछे और स्क्रीन पर दिख रहे आंकड़ों को अपनी रोबोटिक भाषा से हिंदी में ट्रांसलेट करते हुए पिंकू को समझाना शुरू किया। उसकी आवाज़ में अब डर के साथ-साथ एक गहरा रहस्य भी था।



परी (P444):"पिंकू... कमांडर पाजी आज से पृथ्वी पर हमला नहीं कर रहा है। वह पिछले कई महीनों से तुम्हारी पृथ्वी को गुलाम बनाने की साज़िश रच रहा है। पूरी पृथ्वी के इंसानों के दिमाग को अपने कंट्रोल में लेने के लिए उसने एक बहुत ही खतरनाक वायरस और माइंड-कंट्रोल डिवाइस बनाई है। लेकिन उस डिवाइस को पूरी तरह एक्टिवेट करने के लिए उसे एक ऐसे 'परफेक्ट मानव' के शरीर की रचना (Anatomy) समझनी थी, जो सबसे मजबूत हो।



पिंकू ने अपनी कमर पर हाथ रखा और बड़े चाव से स्क्रीन को देखने लगा, जहाँ दुनिया के अलग-अलग देशों के इंसानों की तस्वीरें आ रही थीं।परी (P444):"पाजी ने सबसे पहले अमेरिका के एक बहुत बड़े बॉडीबिल्डर को अगवा किया था। उसके शरीर पर बहुत सारे टेस्ट किए गए, लेकिन जैसे ही स्पेसशिप का तापमान थोड़ा सा बदला, वह अमेरिकी मानव बेहोश हो गया। 



पाजी का कंप्यूटर चिल्लाया—'फेल!' इसके बाद पाजी की सेना ने चीन के एक मार्शल आर्ट एक्सपर्ट को उठाया। उस पर टेस्ट शुरू हुए, लेकिन अंतरिक्ष के दबाव और बिना चावल के खाने के कारण उसका सिस्टम भी दो दिन में क्रैश हो गया। पाजी ने अफ्रीका के सबसे फुर्तीले धावक और यूरोप के सबसे बड़े वैज्ञानिक पर भी टेस्ट किए, 



लेकिन कोई भी मानव अंतरिक्ष के इस अजीब मौसम और पाजी के वायरस को झेल नहीं पाया। पाजी का पृथ्वी को गुलाम बनाने का मिशन रुक गया था..."पिंकू पांडे ने गर्व से अपनी छाती चौड़ी की, अपना गमछा थोड़ा और कसते हुए बोले—पिंकू पांडे:"अच्छा! तो साले तरबूज के बीज दुनिया भर के चक्कर काट रहे थे। फिर का हुआ?



"परी (P444):"फिर पाजी के सुपर कंप्यूटर ने पूरी पृथ्वी का चक्कर लगाया और भारत देश के ऊपर आकर रुक गया। कंप्यूटर ने रिसर्च में पाया कि 'भारतीय इंसान' (Indian Human) दुनिया का सबसे अनोखा जीव है। वह माइनस ४० डिग्री की कड़कती ठंड में भी रह लेता है और ५० डिग्री की झुलसाने वाली धूप में भी। वह बनारस की तंग गलियों के प्रदूषण में भी सांस ले लेता है, बिना साफ पानी के भी जिंदा रहता है, और आधी रात को समोसे-चाट खाकर भी उसका पेट कभी खराब नहीं होता! कंप्यूटर ने साफ़ कह दिया—'सिर्फ भारतीय इंसान का खून और उसका शरीर ही हर वेदर (मौसम) और हर वायरस से लड़कर सरवाइव कर सकता है।' 



इसीलिए पाजी ने भारत के बनारस शहर से तुम्हें अपना मुख्य 'गोल्डन सैंपल' चुनकर किडनैप किया!"यह सुनते ही पिंकू पांडे की बांछें खिल गईं। उन्होंने ज़ोर से ताली बजाई और हवा में अपना गमछा लहराते हुए कंट्रोल रूम में ही नाचना शुरू कर दिया।पिंकू पांडे:"अरे जीओ रे पाजी के कंप्यूटर! बात तो साला एकदम टकाटक सच कही है तुमने! अरे हम भारतीय लोग हैं बे। हमारी अम्मा हमको बचपन से नीम का काढ़ा, हल्दी का दूध और तोरई की सब्जी खिला-खिलाकर लोहा बना देती हैं। हम लोग तो वो हैं जो सर्दी में भी चाय पीते हैं और मई की दुपहरी में भी कड़क चाय मांगते हैं! हमारा चीर-फाड़ करने चले थे साले हरी चटनी के कीड़े!"लेकिन परी के चेहरे पर हंसी नहीं आई। 



उसने स्क्रीन पर एक लाल बिंदु की तरफ इशारा किया, जो तेज़ी से टिमटिमा रहा था।परी (P444):"पिंकू, हंसने का समय नहीं है। पाजी को पता चल चुका है कि तुम बहुत पावरफुल हो। अगर उसने तुम्हारे शरीर के सेल्स (कोशिकाओं) का फॉर्मूला चुरा लिया, तो वह एक ऐसा माइंड-कंट्रोल सिग्नल बनाएगा जो सीधे भारत की पूरी आबादी के दिमाग को गुलाम बना देगा, 



और फिर पूरी पृथ्वी उसके कदमों में होगी। मेरी बहन को उसने जिस चैंबर में रखा है, वहीं पर उसका मुख्य 'माइंड-कंट्रोल सर्वर' भी है। हमें वहां जाना ही होगा, लेकिन रास्ता बहुत खतरनाक है।"पिंकू का चेहरा अब एकदम गंभीर हो गया। खेल अब सिर्फ एक लड़की को बचाने का नहीं था, बल्कि अपनी भारत माता और पूरी पृथ्वी को इस सींग वाले राक्षस की गुलामी से बचाने का महा-युद्ध बन चुका था



पिंकू पांडे:"परी डार्लिंग, तुम घबराओ मत। अब बात सीधे हमारे देश के सम्मान पर आ गई है। तुम बस अपनी इस उड़ने वाली खटारा गाड़ी का रुख उस पाजी के अड्डे की तरफ करो। हमारे पास भले ही तुम्हारी तरह लेज़र गन ना हो, लेकिन हमारे पास ई बनारसी दिमाग है। ऐसा जाल बुनेंगे कि साला पाजी अपने ही सींगों से खुद को घायल कर लेगा!"परी ने पिंकू की आँखों में देखा। उसे इस मामूली दिखने वाले इंसान से एक ऐसी अदम्य ऊर्जा महसूस हो रही थी 



जो उसने अपनी पूरी गैलेक्सी में किसी बड़े योद्धा में भी नहीं देखी थी। उसने तुरंत अपनी कलाई की स्क्रीन पर उंगलियां दौड़ाईं। स्पेसशिप का मुख्य कंसोल ज़ोर से थरथराया।कांच की खिड़की के बाहर, अंतरिक्ष का नजारा बदलने लगा। जो नीली और शांत गैलेक्सी दिख रही थी, वह अब धीरे-धीरे काली और लाल धुंध में बदलने लगी थी।



दूर आसमान में एक विशाल, कटीले पत्थरों और लोहे के कबाड़ से बना हुआ एक भयानक तैरता हुआ किला दिखाई देने लगा। यह विलेन पाजी का मुख्य सैन्य अड्डा था—'द डार्क सेक्टर'।जैसे ही उनकी शिप उस किले के करीब पहुँची, किले की दीवारों से हज़ारों छोटी-छोटी लाल लेज़र बीम उनकी तरफ बढ़ने लगीं। 



सुरक्षा कवच डगमगाने लगा।पिंकू पांडे:"अरे मैया रे! ई तो सामने साला आतिशबाजी शुरू हो गई बे! परी, गाड़ी को थोड़ा बचा के निकालो, नहीं तो बिना सर्जरी के ही हमारी खोपड़ी का चीर-फाड़ हो जाएगा!"परी ने पूरी ताकत से शिप को एक संकरे रास्ते की तरफ मोड़ा, लेकिन तभी एक बहुत बड़ी लेज़र मिसाइल सीधे उनकी स्पेसशिप के दाहिने पंख से आकर टकराई



'बूम!' पूरा कंट्रोल रूम धुएँ से भर गया और पिंकू पांडे लुढ़कते हुए सीधे मुख्य दरवाजे के पास जा गिरे। यान का पावर सिस्टम फेल होने लगा था और पाजी के सैनिक उनके यान को चारों तरफ से घेर रहे थे।