Puzzle (A Search) - 17 - Courage in Hindi Thriller by Devaki Singh books and stories PDF | प्रहेलिका (एक तलाश ) - 17 - हौसला

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प्रहेलिका (एक तलाश ) - 17 - हौसला

💖💖17🟢 दानिश का जॉय को पार्क में ले जाना 

घर पहुंच कर दानिश देखता है....

जॉय कार्टून देखने में लगा है l

दानिश, "जॉय कुछ खाओगे l"

जॉय, " नहीं डैड , मैंने कुछ देर पहले ही ब्रेड बटर खाया हैं l "

दानिश जॉय की तारीफ करते हुए, " अरे वाह , मेरा बेटा तो बहुत समझदार हो गया है l "

जॉय , "हाँ डैड , मॉम ने सिखाया है, जब वह काम से घर से बाहर रहती है तो मुझे अपना ख्याल खुद रखना चाहिए l "

दानिश जॉय से, " चलो बेटा , रेडी हो जाओ हम पार्क में चलते हैं वहां चलकर तुम्हारा मूड अच्छा हो जायगा l "

जॉय कुछ नहीं बोलता और पार्क में जाने के लिए शू पहनकर रेडी हो जाता है l 

दानिश उसे तैयार देखकर घर के पास बने पार्क में ले जाता है l वहां जाकर दोनों ही पार्क में बने एक बेंच पर बैठ जाते है l

दानिश जॉय को शांत देखकर , " क्या हुआ बेटा , तुम खेल क्यों नहीं रहे, देखो कितने सारे बच्चे पार्क में खेल रहे हैं तुम भी जाओ और उनके साथ खेलो l

"नो डैड , मेरा मन नहीं हैं l "

"क्यों क्या हुआ, तुम्हारी तबीयत तो ठीक है न बोलकर वह तुरंत उसके माथे पर हाथ लगाकर देखता है l "

जॉय , "डैड , मैं ठीक हूँ , बोलकर वह दानिश का हाथ हटा देता है l

दानिश, " तो फिर क्या बात हैं ? स्कूल में किसी दोस्त से झगड़ा हुआ ?

जॉय," नहीं डैड "

दानिश ," तो फिर क्यों तुम्हारा मूड ऑफ हैं ?

जॉय, " कुछ खास नहीं डैड , स्कूल देर से पहुंचने पर मैडम ने डांट लगाई और गुस्से में मुझपर चिल्लाया, बोली अगली बार देर से आए तो तुम्हें घर भेज दूंगी l

दानिश, " हम्म, सॉरी बेटा , कल से कोशिश करूंगा तुम स्कूल समय से पहुँच जाओ l

उसके बाद दोनों खामोश हो जाते हैं l दानिश को याद आता है कि जब जोश जिंदा था जॉय को खेलना बहुत पसंद था l वह कई घंटे घर के पास बने पार्क में जोश के साथ खेला करता था l

 आज वह बहुत उदास है l मुझे उसे खुश करने के लिए कुछ करना चाहिए l यह सोचकर वह बूमरैंग लेकर आता है और जॉय से खेलने के लिए बोलता है l  

जॉय, " माफ़ करना डैड मुझे बूमरैंग से खेलना नहीं आता l "

दानिश बोलता है , " कोई बात नहीं बेटा , मैं तुम्हें सीखा दूँगा l पहले मैं तुम्हें खेल कर दिखाता हूं , फिर उसके बाद तुम कोशिश करना l"

जॉय, " ओके डैड "

दानिश उसे बूमरैंग से खेल कर दिखाता है खेल देखकर जॉय खुश हो जाता है और ताली बजाता है l

  जॉय , " डैड , एक बार फिर से करिए l

दानिश फिर से उसे बूमरैंग खेल कर दिखाता है जिससे वह बहुत ज्यादा खुश होता है और जोर से ताली बजाने लगता हैं और कहता है यह तो बहुत ही मजेदार खेल हैं l 

दानिश उसे खुश देखकर बहुत ही खुश होता है l

"वाॅउ डैड ये तो कमाल हैं l"

दानिश, " आओ, अब मैं तुम्हें सिखाता हूँ "

"ओके डैड, बोलकर जॉय खुश होकर उसके पास आता है l"

दानिश , " देखो पहले इसे राइट हेंड से सीधा पकडो , एक पैर आगे और एक पीछे फिर इसे जोर लगाकर हवा में फेंकना , ओके l

जॉय , " ओके डैड बोलकर जोर से बूमरैंग को हवा में उछाल कर फेंकता हैं पर वह क़ामयाब नहीं होता और थोड़ा निराश हो जाता है l "

दानिश, " कोई बात नहीं बेटा, पहली बार में ऐसा ही होता है, तुम दुबारा कोशिश करो l "

वह अपने डैड के कहने पर दो तीन बार कोशिश करता हैं पर उससे नहीं हो पाता l दानिश उसका जोश बढ़ाते हुए शाबाश बेटा पहले से तुम बेहतर कर रहे हो ,एक बार और कोशिश करो मुझे लगता है इस बार तुम जरूर कर पाओगे l

अपने डैड की बात सुनकर जॉय फिर से कोशिश करता हैं l एक बार फिर से वह बूमरैंग को हवा में उछालता हैं इस बार बूमरैंग हवा में काफी ऊँचाई तक जाता है फिर वापस आता है तो जॉय उसे पकड़ लेता है, और बहुत खुश होता है l

जॉय खुश होते हुए वाउ डैड मैंने कर दिखाया, ये तो बहुत कमाल का था बोलकर वह दानिश के गले लग जाता है l

जॉय का खुश होकर उसके गले लगना उसे बहुत खुशी देता है l

जॉय बूमरैंग के साथ कुछ देर खेलता है और फिर पार्क में इधर-उधर दौड़ता हैं l उसे खुश देखकर दानिश बहुत खुश होता है और कुछ देर के लिए अपनी टेंशन भूल जाता है l 

दानिश को आज जॉय के साथ बहुत अच्छा लगता हैं l वह पार्क में बैठकर जॉय के साथ-साथ दूसरे बच्चों को भी खेलते हुए देखता है और मन ही मन सोचता हैं काफी लंबे समय के बाद उसने अपने बच्चे के साथ बहुत ही अच्छा समय व्यतीत किया l  

थोड़ी देर बाद जॉय दानिश से झुला झुलाने की जिद्द करता हैं l जॉय की जिद्द पर दानिश उसे झूला झुलाते हुए , बेटा थोड़ी देर और झूला झूल लो इसके बाद हम घर चलेंगे l

जॉय, "नहीं डैड, अभी नहीं, मुझे थोड़ी देर और खेलना हैं l

" ओके बेटा , लेकिन सिर्फ थोड़ी देर l "

"ओके डैड , लव यू "

लव यू टू बेटा , बोलकर वह अंदर ही अंदर बहुत ही खुश होता है क्योंकि बहुत दिनों बाद आज उसके बेटे ने खुले दिल से अपने प्यार का इजहार किया था l आज उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसने कोई बहुत बड़ी जंग जीत ली हो l आज उसे अपने आप पर गर्व मेहसूस होता हैं की वह भी दूसरे पिता की तरह एक अच्छा पिता हैं l

थोड़ी देर बाद , आकाश मे काले बादल देखकर वह सोचता है लगता है तेज बारिश आने वाली है , अब मुझे जॉय को लेकर घर चलना चाहिए l 

यह सोचकर वह जॉय को इधर-उधर ढूंढता हैं ...... 

जानने के लिए पढ़ते रहिए ...
" प्रहेलिका (एक तलाश) "