Dangerous Love - 11 in Hindi Love Stories by muskan books and stories PDF | Dangerous Love - 11

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Dangerous Love - 11


Riya hospital पहुँचती है। वह पहुँचते ही Vicky को call करती है।
Riya: मैं hospital पहुँच गई हूँ, तू कहाँ है?
Vicky: Hospital के reception पर खड़ा हूँ।
Riya: रुक, मैं वहीं आ रही हूँ।
Riya hospital के reception की तरफ जाती है। वहाँ उसे Vicky खड़ा हुआ दिखाई देता है, मगर उसे देखकर वह हैरान हो जाती है, क्योंकि उसके हाथ और पैर पर plaster बंधा हुआ था और उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। वह तुरंत उसके पास जाती है।
Riya: यह क्या हाल बना रखा है? तुझे इतनी सारी चोट कैसे लगी?
Vicky: पहले यहाँ से चलते हैं। घर पहुँचकर सब बता दूँगा।
Riya Vicky को लेकर taxi में बैठती है और उसके घर के लिए निकलती है।
फिर दोनों Vicky के घर पहुँचते हैं। दोनों घर के अंदर जाते हैं। Riya Vicky को सोफे पर बैठाती है।
Riya: अब बताओ, यह सब कैसे हुआ?
Vicky: सुबह मैं interview देने company में गया था। उसके बाद जब मैं घर आ रहा था, तभी मुझे एक car ने टक्कर मार दी।
Riya: क्या तूने complaint की? तूने उस car का number देखा था?
Vicky: नहीं, सब कुछ इतनी हड़बड़ी में हुआ कि time ही नहीं मिला उस car का number देखने का।
Riya: Thank God, तुझे ज़्यादा चोट नहीं लगी। न जाने बड़ा हादसा भी हो सकता था।
Vicky: पता नहीं कौन था। Road खाली होते हुए भी ऐसा लगा जैसे मेरे हाथ को जानबूझकर hit करके गया।
Riya: मुझे लगता है कोई दारू पीकर गाड़ी चला रहा होगा। कल जाकर police complaint कर देना।
Vicky: ठीक है, कर दूँगा। अब तू भी अपने घर जा। पूरे दिन office में थक गई होगी।
Office का नाम सुनकर Riya का चेहरा थोड़ा उतर गया।
Riya: मैं अब चाहती हूँ, तुझे कोई मदद की ज़रूरत हो तो मुझे phone कर देना। मैं कल सुबह तेरे लिए नाश्ता लेकर आऊँगी।
Riya Vicky के घर से बाहर निकलती है और अपने घर के लिए निकल जाती है।
अगले दिन
Vicky के घर की doorbell बजती है। वह दरवाज़ा खोलने जाता है। जैसे ही वह दरवाज़ा खोलता है, सामने Riya खड़ी होती है।
Vicky: तू सुबह-सुबह यहाँ?
Riya: तेरे लिए नाश्ता लेकर आई हूँ।
Riya घर के अंदर जाती है। वह kitchen में जाकर सारा खाना plate में डालकर dining table पर लेकर आती है।
Vicky: तू नहीं खाएगी?
Riya: नहीं, मैं खाकर आई हूँ।
 Vicky: “आज तू office क्यों नहीं गई? इस समय तो तू office में होती है।”
Riya हिचकिचाते हुए कहती है—
Riya: वो... आज मेरी थोड़ी तबीयत ठीक नहीं थी।
Vicky: कोई problem है क्या? तू इतनी हिचकिचा क्यों रही है?
उदास चेहरे के साथ Riya कहती है—
Riya: नहीं, कोई problem नहीं है।
Vicky: मुझे पक्का पता है, कोई problem है। चल, बता क्या दिक्कत है और सच बोलियो।
Riya: मैं अपनी नौकरी छोड़ने की सोच रही हूँ।
Vicky: क्यों? क्या हुआ? अच्छी-खासी नौकरी है तेरी।
फिर Riya Vicky को सारी बात बताती है। मगर उसे सीधे नहीं बताती। वह सिर्फ इतना बताती है कि उसके Boss का behaviour उसकी तरफ अच्छा नहीं है, इसलिए वह नौकरी छोड़ना चाहती है।
Vicky गुस्से में कहता है—
Vicky: कौन है वो? हाथ लगाया तुझे? बदतमीज़ी की तेरे साथ? मुझे बस उसका नाम बता, उसका मुँह तोड़कर रख दूँगा।
Riya हल्का-सा मुस्कुराती है।
Vicky: तू हँस क्यों रही है?
Riya: जैसी तेरी हालत है, तुझे लगता है तू किसी का भी मुँह तोड़ने के लायक है?
फिर दोनों हल्का-सा मुस्कुराते हैं।
Vicky: अगर तू छोड़ना चाहती है, तेरी मर्ज़ी है।
Riya: मुझसे इतना प्यार से बात कर रहा है, लगता है चोट तेरे सर पर लगी है।
दोनों हँसते हुए बातें करते रहते हैं।
वहीं, दूसरी जगह...
David office आता है, मगर उसकी नज़रें office में सिर्फ Riya को ही ढूँढ़ रही होती हैं। मगर उसे Riya कहीं नहीं दिखाई देती। वह सीधा अपने office की तरफ जाता है और जाकर अपनी secretary को बुलाता है।
David: आज Riya office नहीं आई?
Alex: मुझे भी नहीं पता। मैं भी पता करता हूँ।
David गुस्से में कहता है—
David: मेरी शक्ल क्या देख रहे हो? जाओ, पता करो।
Alex तुरंत office के बाहर जाता है। वह थोड़ी देर बाद फिर office में आता है।
Alex: Sir, Miss Riya ने आज छुट्टी ली है।
David: कोई कारण बताया?
Alex: उनकी तबीयत खराब है, इसलिए उन्होंने छुट्टी ली है।
David Alex को जाने के लिए कहता है।
David तुरंत अपना coat उठाता है और office से अपनी car में बैठकर निकल जाता है।
वहीं Riya Vicky के घर से अपने घर आती है। वह दरवाज़ा खोलती है और देखकर हैरान हो जाती है। उसकी माँ के साथ David बैठा होता है।
Riya: आप यहाँ, मेरे घर पर?
तभी David खड़े होकर कहता है—
David: मैंने सुना तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए देखने आ गया।
Riya की माँ: हाँ, इसकी आज थोड़ी तबीयत खराब है। इसने बताया था कि यह आज office नहीं जाएगी।
तभी Riya की माँ Riya से कहती है—
Riya की माँ: तुम अपने Boss के साथ यहाँ बैठो। मैं तुम दोनों के लिए चाय-नाश्ता भी बनाती हूँ।
Riya सिर हिलाकर हाँ में जवाब देती है और उसकी माँ kitchen में चली जाती है।
तभी Riya गुस्से में David से कहती है—
Riya: आपकी हिम्मत कैसे हुई मेरे घर में आने की?
David: तुमने उस दिन मुझे अपनी बात पूरी करने ही नहीं दी। मुझे लगता है तुम्हें कोई गलतफ़हमी हुई है।
तभी Riya आवाज़ ऊँची करके कहती है—
Riya: मैंने उस दिन भी कहा था, मैं आज भी कह रही हूँ, मुझे कोई गलतफ़हमी नहीं हुई है।
Riya की ऊँची आवाज़ सुनकर उसकी माँ kitchen से बाहर आती है और कहती है—
Riya की माँ: क्या हुआ, Riya? तुम इतनी तेज़ आवाज़ में क्यों बात कर रही हो?
Riya: नहीं माँ, मैं तो नहीं कर रही।
Riya की माँ: झूठ क्यों बोल रही हो? मैंने अभी सुनी है तुम्हारी आवाज़।
तभी Riya बात संभालने की कोशिश करती है।
Riya: माँ, kitchen से gas की smell आ रही है। क्या आपने gas बंद नहीं किया?
Riya की माँ तुरंत kitchen के अंदर वापस जाती है।
Riya: क्या हम बाहर जाकर बात कर सकते हैं? मैं नहीं चाहती मेरी माँ कुछ सुने।
Riya David को तुरंत बाहर ले जाती है।
Riya: आप मुझे बताएँगे, आज आप यहाँ क्यों आए हैं?
David: क्या तुम्हें इतना यक़ीन है कि मैं ही वो इंसान था?
Riya: हाँ, बिल्कुल।
David: कोई फ़ायदा नहीं है छिपाने का। हाँ, मैं ही था। मैंने ही वो हरकत की थी उस दिन। मगर मेरा यक़ीन करो, मेरा इरादा तुम्हें इतना डराने का नहीं था।
Riya: तो finally आपने मान लिया। मुझे यक़ीन नहीं था आप इतने घटिया इंसान हैं। अगर आप अभी यहाँ से नहीं गए, तो मैं police को call कर दूँगी।
David: तुम्हें लगता है police मेरा कुछ बिगाड़ पाएगी? चाहे तो कोशिश करके देख सकती हो।
David: मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ गलत किया, क्योंकि मैं तुमसे प्यार करता हूँ।
Riya: आप मुझसे प्यार करते हैं? मुझे नहीं लगता आपको प्यार का मतलब भी पता है। और आपका क्या मतलब है? आपने जो भी किया, वो गलत नहीं था? आपने बिना मेरी मर्ज़ी के मुझे kiss किया और आपको लगता है आपने कुछ गलत नहीं किया?
David: हाँ, जो मैंने किया वो गलत था। मेरा प्यार तुम्हारे लिए सच्चा है।
Riya: मैं आपके आगे हाथ जोड़ती हूँ। मेरा पीछा छोड़ दीजिए और यहाँ से चले जाइए।
इतना कहकर Riya अपने घर जाती है और दरवाज़ा बंद कर लेती है।
वहीं David कहता है—
David: ऐसा कैसे कह सकती हो कि मेरा पीछा छोड़ दूँ? माना मुझसे गलती हुई है। अगर मेरा प्यार तुम्हारे लिए सच्चा है, तो एक दिन तुम्हें भी यक़ीन आ ही जाएगा।
इतना कहकर David वहाँ से चला जाता