राज़ के सात फेरे. by jaisy singh in Hindi Novels
मुंबई...सपनों की नगरी...एक ऐसा शहर जो कभी सोता नहीं।जहाँ रातें भी रोशनी से जगमगाती हैं और हर सुबह अपने साथ हजारों नए ख्व...
राज़ के सात फेरे. by jaisy singh in Hindi Novels
अन्विका अपने भारी लहँगे को सँभालते हुए धीरे-धीरे मंडप की ओर बढ़ गई। उसके पायल की मधुर छनछनाहट पूरे हॉल में गूँज रही थी।...
राज़ के सात फेरे. by jaisy singh in Hindi Novels
सात फेरों की रस्म पूरी हो चुकी थी।अग्नि को साक्षी मानकर रुद्रांश राठौर और अन्विका मल्होत्रा अब दुनिया की नज़रों में पति-...
राज़ के सात फेरे. by jaisy singh in Hindi Novels
अन्विका जैसे ही झटके से संभलकर सीधी हुई, उसने हैरानी से सामने देखा।कुछ ही दूरी पर कई किन्नर खड़े थे। वे सभी तालियाँ बजात...
राज़ के सात फेरे. by jaisy singh in Hindi Novels
राठौर मेंशन की भव्य सीढ़ियाँ चढ़ते हुए चंचल मुस्कुराती हुई अन्विका को ऊपर ले जा रही थी।पूरे कॉरिडोर में गहरा सन्नाटा पसर...