वो तीसरा दरवाज़ा. by Nisha Choudhary in Hindi Novels
हवेली के उस बंद कमरे से हर रात 12:05 बजे एक धीमी घंटी की आवाज़ आती थी। जब शेखर ने दरवाज़ा खोला, तो सामने कोई नहीं था......