अँधेरे वाला स्टेशन by Shahroz Aslam in Hindi Novels
​"अगर आपकी ट्रेन रात के 11:45 पर किसी ऐसे स्टेशन पर रुक जाए, जो भारत के रेलवे मैप पर मौजूद ही नहीं है... तो खिड़की क...
अँधेरे वाला स्टेशन by Shahroz Aslam in Hindi Novels
बंद डिब्बा और खौफनाक दस्तकखिड़की के दोहरे शीशे पर बाहर से दर्जनों हथेलियाँ चिपक चुकी थीं।शीशे के उस पार, घने मटमैले कोहर...
अँधेरे वाला स्टेशन by Shahroz Aslam in Hindi Novels
छत से लटकता साया और माधव का राजकबीर के हाथ में पकड़े मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी जैसे ही बर्थ नंबर 41 के ऊपर सीलिंग पर...
अँधेरे वाला स्टेशन by Shahroz Aslam in Hindi Novels
पैंट्री कार के उस घुप्प और बदबूदार अँधेरे में, मेरी साँसें मेरे ही सीने में किसी हथौड़े की तरह बज रही थीं। मेरे ठीक सामन...
अँधेरे वाला स्टेशन by Shahroz Aslam in Hindi Novels
दरवाज़े का पुराना, जंग लगा हुआ भारी लॉक मेरे पीछे एक ज़ोरदार 'धड़ाम' की आवाज़ के साथ बंद हुआ। मैंने अपनी पूरी शा...