Pinku's Angel - 6 in Hindi Fiction Stories by Deepak Kumar Tiwari books and stories PDF | पिंकू की परी - 6

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पिंकू की परी - 6





कंट्रोल रूम में चारों तरफ काला गाढ़ा धुआं भरा हुआ था और खतरे का लाल सायरन पागलों की तरह बज रहा था—'टी... टी... टी...'। स्पेसशिप का दाहिना पंख पाजी की मिसाइल से पूरी तरह तबाह हो चुका था। यान किसी कटी हुई पतंग की तरह डगमगाता हुआ सीधे विलेन पाजी के मुख्य अड्डे, यानी 'द डार्क सेक्टर' के बाहरी स्टील के प्लेटफार्म पर जाकर गिरा



—'धड़ाम... घिससस...!' लोहे से लोहा टकराने की इतनी भयानक आवाज़ हुई कि पिंकू पांडे के कान के पर्दे सुन्न हो गए।पिंकू पांडे लुढ़कते हुए सीधे मुख्य स्टील के दरवाजे के पास जा गिरे थे। उनका सिर घूम रहा था और घुटने में हल्की सी खरोंच आ गई थी। उन्होंने किसी तरह दीवार का सहारा लेकर खुद को संभाला, चेहरे पर आया धुआं साफ़ करने के लिए अपने कंधे का लाल गमछा निकाला और चिल्लाए—



पिंकू पांडे:"अरे बप्पा रे बप्पा! ई तो साला सीधे बनारस की कचौड़ी गली के मोड़ जैसा एक्सीडेंट हो गया बे! हमारी तो पूरी रीढ़ की हड्डी ही कन्फुसिया गई है। अरे परी डार्लिंग! तुम ज़िंदा हो कि सीधे स्वर्ग लोक का टिकट कटवा लीं?"धुएँ के बीच से खांसती हुई परी (P444) बाहर निकली। 



उसका चमकीला सिल्वर स्पेस सूट जगह-जगह से काला हो चुका था, लेकिन उसकी आँखों में अपनी बहन और पृथ्वी को बचाने की ज़िद साफ़ दिख रही थी। उसने पिंकू का हाथ पकड़कर उसे उठाया।



परी (P444):"पिंकू! हमारा यान पूरी तरह क्रैश हो चुका है। इसका पावर ग्रिड बंद हो गया है। हम पाजी के अड्डे के बिल्कुल बाहरी हिस्से में हैं। लेकिन मुसीबत इससे भी बड़ी है... पाजी के 'सायबोर्ग रक्षक' (रोबोटिक एलियन सैनिक) हमारे यान को चारों तरफ से घेर चुके हैं। 



वे तुम्हें वापस उस लैब टेबल पर ले जाने आए हैं!"तभी अचानक स्पेसशिप का मुख्य स्वचालित दरवाज़ा बाहर से किसी भारी चीज़ से काटा जाने लगा—'चररर... चररर...'। दरवाज़े पर पीली लेज़र चिंगारियाँ उठने लगीं। पिंकू ने कांच की खिड़की से बाहर झांका, तो उनके होश उड़ गए। बाहर कम से कम बीस अजीबोगरीब एलियन सैनिक खड़े थे। उनके शरीर पर काले रंग का रोबोटिक कवच था, चार-चार हाथ थे, और हर हाथ में नीली रोशनी उगलने वाली लेज़र गन थी। 



उनके चेहरे ऑक्टोपस जैसे थे, जिनके मुँह से अजीब सी लार टपक रही थी।पिंकू पांडे:"अरे दद्दा! ई का बवासीर है बे? चार-चार हाथ लेकर पैदा हुए हैं साले! भगवान ने इनको हाथ दिए कि ऑक्टोपस का रीमिक्स बना दिया? और इनके मुँह को देखो... जैसे बनारस के चौराहे पर किसी ने सड़ा हुआ अमरूद रख दिया हो! परी, तुम्हारी बंदूक कहाँ है? निकालो साला, आज इन चारों हाथ वालों का हाथ तोड़ के इन्हीं की जेब में डाल देते हैं!"परी ने मायूसी से अपनी कलाई की स्क्रीन दिखाई जो पूरी तरह टूट चुकी थी।



परी (P444):"पिंकू, मेरा हथियार और मेरी माइंड-स्क्रीन क्रैश के दौरान नष्ट हो गए। हमारे पास अब कोई लेज़र वेपन नहीं है। वे लोग अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। जैसे ही यह दरवाज़ा टूटेगा, वे हमें बंधक बना लेंगे। मुझे माफ़ कर दो... मैं अपने ग्रह और तुम्हारी पृथ्वी दोनों को नहीं बचा पाई..."परी दोबारा रोने ही वाली थी कि पिंकू पांडे का देसी स्वाभिमान जाग उठा। 



उन्होंने झटके से अपना लाल गमछा हवा में लहराया और उसे अपने सिर पर एकदम कड़क अंदाज़ में बांध लिया, जैसे बनारस के पहलवान अखाड़े में उतरने से पहले लंगोट कसते हैं।पिंकू पांडे:"अरे चुप करो परी डार्लिंग! तुम हर बात में रोना शुरू कर देती हो। 



अरे हम भारतीय लोग हैं बे! हमारे पास जब हथियार नहीं होता, तब हम अपने इस 'भेजे' का इस्तेमाल करते हैं। इन चार हाथ वाले रोबोटों को क्या लगता है कि वे बनारस के पिंकू पांडे को इतनी आसानी से दोबारा उस चीर-फाड़ वाली टेबल पर लिटा देंगे? अब देखो ई हाई स्कूल फेल लड़का इन अंतरिक्ष के कीड़ों की कैसी फजीहत करता है!"'भड़ाक...!'तभी स्पेसशिप का मुख्य लोहे का दरवाज़ा टूटकर फर्श पर आ गिरा। 



धूल और धुएँ के बीच से तीन खूंखार एलियन सैनिक अपनी लेज़र गन ताने हुए यान के अंदर घुसे। उनकी रोबोटिक आँखें लाल रंग में चमक रही थीं। उन्होंने पिंकू को देखा और अपनी भारी, मशीन जैसी आवाज़ में बोले—एलियन सैनिक:"मानव सैंपल नंबर १! कमांडर पाजी का हुक्म है। बिना विरोध किए हमारे साथ चलो। तुम्हारे शरीर के सेल्स का फॉर्मूला हमारे माइंड-कंट्रोल सर्वर में लोड किया जाएगा। विरोध करने पर तुम्हें यहीं भस्म कर दिया जाएगा!"




पिंकू पांडे ने डरने के बजाय अपने दोनों हाथ हवा में उठाए और बिल्कुल सीधे खड़े हो गए, जैसे उन्होंने हार मान ली हो। वे धीरे-धीरे सैनिकों की तरफ बढ़ने लगे। परी डर के मारे पीछे हट गई, उसे लगा कि पिंकू ने सरेंडर कर दिया है।पिंकू पांडे:"अरे हाँ भाई हाँ! हम तो खुद ही थक गए हैं इस उड़ते हुए डिब्बे में। चलो-चलो, हमको भी पाजी भैया से मिलना है। 



लेकिन बाबू साहेब, आगे बढ़ने से पहले एक बात बताओ... तुम्हारे इन चार हाथों में से असली वाला हाथ कौन सा है बे? मतलब, अगर खुजली हो जाए, तो कौन से हाथ से खुजलाते हो?"एलियन सैनिक पिंकू पांडे के इस अजीब सवाल से कन्फ्यूज हो गए। उनके रोबोटिक दिमाग का सिस्टम इस बनारसी लॉजिक को समझ नहीं पाया और उनकी स्क्रीन पर 'Error' (त्रुटि) टिमटिमाने लगा। 



वे आपस में अपनी अजीब भाषा में बड़बड़ाने लगे। बस, पिंकू को इसी एक सेकंड के मौके का इंतज़ार था!पिंकू ने बिजली की फुर्ती से अपने सिर से लाल गमछा खोला। उन्होंने गमछे के एक छोर को ज़ोर से घुमाया और पहले सैनिक के चार हाथों के बीच ऐसे उलझाया कि उसकी लेज़र गन हवा में उछल गई। पिंकू ने वहीं खड़े-खड़े हवा में उछली गन को लपका, लेकिन गन का इस्तेमाल करने के बजाय उन्होंने गन के भारी लोहे के पिछले हिस्से से उस एलियन के ऑक्टोपस जैसे मुँह पर दे मारा—'टाँक!'एलियन सैनिक के मुँह से हरी चटनी जैसा खून निकला और वह पीछे की तरफ गिर पड़ा। 



बाकी के दो सैनिक संभलते, उससे पहले ही पिंकू पांडे ने अपना सबसे बड़ा और सबसे गंदा 'देसी वेपन' आजमाया! उन्होंने अपने मुँह में जमा हुआ ढेर सारा थूक (जो बनारसी पान के असर के कारण अभी भी थोड़ा लाल और कड़वा था) पूरी ताकत से दूसरे एलियन की मुख्य लाल रोबोटिक आँख पर दे मारा—'छपाक!'पिंकू पांडे:"ई लो साले तरबूज के बीज! बनारसी शॉट!"वह लाल कड़वा थूक जैसे ही एलियन की सेंसिटिव रोबोटिक आँख पर पड़ा, उसकी स्क्रीन शॉर्ट-सर्किट हो गई—'चिररर... चिररर...'। 



उसमें से चिंगारियाँ निकलने लगीं और वह अंधा होकर हवा में अंधाधुंध गोलियां चलाने लगा। उसकी एक लेज़र गोली सीधे तीसरे सैनिक की छाती पर जा लगी और तीसरा सैनिक वहीं ढेर हो गया।कंट्रोल रूम में कॉमेडी और तबाही का ऐसा मंज़र था कि परी का मुँह खुला का खुला रह गया। उसने अपनी पूरी ज़िंदगी में आकाशगंगा के बड़े-बड़े योद्धा देखे थे, जो बड़ी-बड़ी तलवारों और लेज़र बमों से लड़ते थे, 



लेकिन किसी इंसान को गमछे और थूक से पूरी सेना को धूल चटाते हुए उसने पहली बार देखा था!पिंकू पांडे:"का देख रही हो परी डार्लिंग? ई बनारसी गमछा सिर्फ पसीना पोंछने के काम नहीं आता, ई जब घूमता है ना, तो अच्छे-अच्छों का दिमागी सिस्टम हैंग हो जाता है! अब जल्दी से इन गिरे हुए रोबोटों की ये लेज़र गन उठाओ, और चलो पाजी के उस मुख्य सर्वर रूम की तरफ। 



आज तो साले का पूरा कंप्यूटर ही कबाड़ में बेच के आएंगे!"परी ने तुरंत जमीन पर गिरी दो बड़ी लेज़र गन्स उठाईं। उसकी आँखों में अब पिंकू पांडे के लिए एक अलग ही किस्म का दीवानापन और सम्मान था। उसे यकीन हो गया था कि यह 'हाई स्कूल फेल' लड़का सच में पूरी पृथ्वी को बचाने का दम रखता है।वे दोनों मरे हुए सैनिकों के शरीर को पार करके स्पेसशिप से बाहर निकले। 



सामने विलेन पाजी के मुख्य अड्डे का गलियारा (Corridor) था, जो कटीले पत्थरों और काली धातुओं से बना हुआ था। दीवारों पर बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगी थीं, जिन पर पूरी पृथ्वी के अलग-अलग देशों के शहरों (न्यूयॉर्क, पेरिस, दिल्ली) के लाइव वीडियो चल रहे थे, और नीचे एक टाइमर चल रहा था



यानी पाजी का माइंड-कंट्रोल सर्वर पूरे ग्लोब को गुलाम बनाने के लिए सिर्फ ४५ मिनट दूर था!पिंकू ने अपना गमछा वापस कंधे पर डाला और आगे कदम बढ़ाया। लेकिन वे नहीं जानते थे कि इस गलियारे के खत्म होते ही, पाजी ने उनके लिए एक ऐसा चक्रव्यूह तैयार कर रखा है, जहाँ लेज़र गन भी काम नहीं आने वाली थी।