This is one-sided love - Part 21 in Hindi Love Stories by Ankit Khatri books and stories PDF | एकतरफा प्यार है ये - भाग 21

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एकतरफा प्यार है ये - भाग 21


ऑफिस में सुबह का माहौल बाकी दिनों से थोडा अलग था.

हर कोई जल्दी- जल्दी अपने सिस्टम पर काम कर रहा था. किसी के चेहरे पर तनाव था, तो कोई फोन पर लगातार किसी से बात कर रहा था.

राहुल अपनी सीट पर चुपचाप बैठा स्क्रीन देख रहा था.

उसके सामने कंपनी के एक बडे project की रिपोर्ट खुली थी.

यह project कंपनी के लिए बहुत महत्वपूर्ण था. अगर रिपोर्ट समय पर और सही तरीके से तैयार नहीं होती, तो कंपनी को बडा नुकसान हो सकता था.

राहुल को इस project में काम करने का मौका तो मिला था, लेकिन वह जानता था कि यह मौका उसके लिए सिर्फ एक काम नहीं था.

यह उसकी पहचान बनाने का मौका था.

तभी विक्रम उसके पास आया.

राहुल।

राहुल ने स्क्रीन से नजर हटाई.

जी, सर?

विक्रम ने कुछ फाइलें उसकी टेबल पर रखीं.

ये पिछले तीन महीने का डेटा है. इसे आज शाम तक मिलाकर फाइनल रिपोर्ट तैयार करनी है।

राहुल ने फाइलों को देखा.

आज शाम तक?

हाँ।

विक्रम ने हल्की मुस्कान के साथ कहा, मुश्किल है. लेकिन असंभव नहीं।

राहुल समझ गया कि यह सिर्फ काम नहीं था.

उसे परखा जा रहा था.

मैं कोशिश करता हूँ।

विक्रम ने उसके कंधे पर हाथ रखा.

कोशिश नहीं, राहुल. सही काम करना।

जी।

विक्रम वहाँ से चला गया.

राहुल ने तुरंत काम शुरू कर दिया.

एक के बाद एक फाइल खुलती गई.

नंबर.

रिपोर्ट.

ग्राफ.

पुराने रिकॉर्ड.

सब कुछ ध्यान से देखने के बाद राहुल को कुछ अजीब लगा.

एक जगह आंकडे आपस में मेल नहीं खा रहे थे.

उसने दोबारा डेटा Check किया.

फिर तीसरी बार.

उसकी आंखें स्क्रीन पर टिक गईं.

ये कैसे हो सकता है?

उसने पुराने रिकॉर्ड खोले.

कुछ मिनट बाद उसके चेहरे का रंग बदल गया.

उसे एक बडी गलती मिल चुकी थी.

अगर यह गलती फाइनल रिपोर्ट में चली जाती, तो कंपनी को करोडों का नुकसान हो सकता था.

राहुल तुरंत अपनी कुर्सी से उठा और मैनेजर के केबिन की तरफ चला गया.

दरवाजे पर दस्तक हुई.

Come in.

राहुल अंदर गया.

सर, मुझे रिपोर्ट में कुछ गडबडी मिली है।

मैनेजर ने लैपटॉप से नजर उठाई.

किस तरह की गडबडी?

राहुल ने फाइल सामने रख दी.

सर, पिछले महीने की रिपोर्ट में ये आंकडे गलत जुडे हैं. अगर इसे ठीक नहीं किया गया तो पूरी फाइनल रिपोर्ट गलत हो जाएगी।

मैनेजर ने ध्यान से देखा.

कुछ सेकंड तक वह चुप रहा.

फिर उसने कहा—

तुम्हें यकीन है?

जी सर।

दोबारा Check किया?

तीन बार।

मैनेजर ने तुरंत विक्रम को बुलाया.

कुछ देर बाद विक्रम भी केबिन में आ गया.

क्या हुआ?

मैनेजर ने राहुल की तरफ इशारा किया.

राहुल ने रिपोर्ट में एक बडी गलती पकडी है।

विक्रम ने फाइल उठाई.

उसने आंकडे देखे.

फिर पुराने रिकॉर्ड खोले.

उसके चेहरे पर भी हैरानी दिखाई दी.

ये गलती तो हमारी टीम से हुई है।

राहुल चुप रहा.

मैनेजर ने पूछा—

राहुल, क्या तुम इसे ठीक कर सकते हो?

राहुल ने बिना झिझक कहा—

जी सर।

कितना समय लगेगा?

राहुल ने घडी देखी.

अगर मुझे टीम का पूरा डेटा मिल जाए तो. चार घंटे।

विक्रम ने उसकी तरफ देखा.

चार घंटे?

जी।

मैनेजर ने कहा—

ठीक है. करो।

राहुल वापस अपनी सीट पर आ गया.

उसके बाद अगले चार घंटे तक उसने अपनी सीट नहीं छोडी.

ना चाय.

ना फोन.

ना किसी से बातचीत.

बस काम.

एक- एक आंकडा.

एक- एक रिकॉर्ड.

एक- एक गलती.

वह लगातार सिस्टम पर काम करता रहा.

दोपहर के करीब अनजाने में अंजलि की नजर राहुल पर पडी.

वह पिछले काफी समय से उसी तरह बैठा था.

अंजलि उसके पास आई.

राहुल।

राहुल ने नजर उठाई.

जी मैम?

सुबह से कुछ खाया?

राहुल ने थोडी देर सोचा.

नहीं।

अंजलि ने भौंहें सिकोड लीं.

काम जरूरी है, लेकिन खाना भी जरूरी है।

राहुल हल्का मुस्कुराया.

बस थोडा काम बाकी है।

अंजलि ने उसके सामने पानी की बोतल रख दी.

पहले पानी पीओ।

राहुल ने बोतल उठाई.

जी मैम।

अंजलि कुछ पल उसे देखती रही.

उसकी आंखों में थकान थी, लेकिन हार नहीं.

अंजलि ने मन ही मन कहा—

ये लडका आखिर है कौन?

जिस इंसान ने जिंदगी में इतना कुछ खोया था, वही आज अपनी नई जिंदगी बनाने के लिए इतनी मेहनत कर रहा था.

शाम होने लगी.

ऑफिस के कई कर्मचारी अपना काम खत्म करके जाने लगे.

लेकिन राहुल अभी भी बैठा था.

आखिरकार उसने आखिरी फाइल सेव की.

स्क्रीन पर रिपोर्ट तैयार थी.

राहुल ने गहरी सांस ली.

फिर प्रिंट निकालकर मैनेजर के केबिन में पहुंचा.

सर।

मैनेजर ने रिपोर्ट हाथ में ली.

विक्रम भी वहीं था.

दोनों ने रिपोर्ट देखनी शुरू की.

कुछ मिनट तक कमरे में खामोशी रही.

फिर मैनेजर ने रिपोर्ट बंद की.

उसने राहुल की तरफ देखा.

Excellent.

राहुल कुछ नहीं बोला.

मैनेजर अपनी कुर्सी से खडा हो गया.

राहुल, तुमने सिर्फ एक गलती नहीं पकडी. तुमने कंपनी को बहुत बडा नुकसान होने से बचाया है।

विक्रम ने भी मुस्कुराते हुए कहा—

और वो भी तब, जब तुम्हें इस project की पूरी जानकारी तक नहीं थी।

राहुल ने सिर झुका लिया.

मैंने बस अपना काम किया है, सर।

मैनेजर मुस्कुराया.

यही बात तुम्हें बाकी लोगों से अलग करती है।

अगले ही पल मैनेजर ने राहुल से कहा—

कल की Meeting में तुम खुद ये रिपोर्ट प्रेजेंट करोगे।

राहुल चौंक गया.

मैं?

हाँ. अब सिर्फ काम करना काफी नहीं है. अपनी काबिलियत दिखाना भी सीखो।

अगले दिन Meeting में कंपनी के कई बडे अधिकारी मौजूद थे.

राहुल पहली बार इतने बडे लोगों के सामने खडा था.

कुछ लोग उसे अब भी नए कर्मचारी की तरह देख रहे थे.

लेकिन राहुल ने लैपटॉप खोला और Presentation शुरू कर दिया.

पहले उसकी आवाज थोडी धीमी थी.

फिर धीरे- धीरे आत्मविश्वास बढता गया.

उसने पूरी रिपोर्ट समझाई.

गलती कहाँ हुई.

कैसे पकडी गई.

कैसे सुधारी गई.

और आगे ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए क्या किया जाना चाहिए.

कमरे में बैठे लोग ध्यान से सुन रहे थे.

Presentation खत्म हुआ.

कुछ सेकंड की खामोशी के बाद तालियां बजने लगीं.

राहुल ने पहली बार महसूस किया—

शायद उसकी जिंदगी सच में बदल रही थी.

Meeting के बाद मैनेजर ने सबके सामने कहा—

आज से राहुल इस project की कोर टीम का हिस्सा रहेगा।

विक्रम ने आगे बढकर राहुल से हाथ मिलाया.

Congratulations.

राहुल मुस्कुराया.

Thank you, सर।

दरवाजे के पास खडी अंजलि सब देख रही थी.

उसके चेहरे पर गर्व था.

उसे राहुल के लिए खुशी हो रही थी.

लेकिन तभी उसके फोन पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया—

तुम्हें राहुल पर इतना भरोसा नहीं करना चाहिए।

अंजलि का चेहरा अचानक गंभीर हो गया.

उसने दोबारा मैसेज पढा.

नीचे सिर्फ एक अक्षर लिखा था—

R”

अंजलि के हाथ ठिठक गए.

राहुल की पहली बडी जीत के साथ उसकी नई जिंदगी एक कदम आगे बढ चुकी थी.

लेकिन किसी के लिए यही जीत एक खतरे की शुरुआत थी.