This is one-sided love - Part 25 in Hindi Love Stories by Ankit Khatri books and stories PDF | एकतरफा प्यार है ये - भाग 25

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एकतरफा प्यार है ये - भाग 25



अगली सुबह राहुल रोज की तरह ऑफिस पहुंचा।

लेकिन पिछली रात की घटनाएं उसके दिमाग से निकल नहीं रही थीं।

बारिश...

अंजलि के साथ कार में बैठना...

और वह अजीब-सा सुकून।

राहुल खुद से यही सवाल कर रहा था—

“अंजलि के साथ रहकर मुझे इतना अपना-सा क्यों महसूस होता है?”

उसे कोई जवाब नहीं मिल रहा था।

उसने अपनी सीट पर बैठकर कंप्यूटर चालू किया।

तभी उसकी नजर टेबल के कोने में रखी एक फाइल पर पड़ी।

फाइल पर कंपनी का पुराना लोगो लगा था।

नीचे कुछ साल पुरानी तारीख लिखी थी।

राहुल ने फाइल उठाई।

जैसे ही उसने पहला पन्ना पलटा, अचानक उसके सिर में तेज दर्द हुआ।

“आह...!”

उसने अपनी आंखें बंद कर लीं।

उसके दिमाग में कुछ तस्वीरें चमकने लगीं।

एक बड़ा ऑफिस...

कुछ लोग उसके आसपास खड़े थे...

किसी के हाथ में वही फाइल थी...

और फिर एक आवाज—

“राहुल, इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी तुम्हारी है।”

राहुल ने अचानक आंखें खोल दीं।

उसकी सांसें तेज चल रही थीं।

“राहुल?”

अंजलि की आवाज सुनकर वह चौंक गया।

अंजलि उसके सामने खड़ी थी।

“तुम ठीक हो?”

“हां...”

“फिर अचानक ऐसे क्यों बैठ गए?”

राहुल ने फाइल की तरफ देखा।

“इस फाइल को देखते ही कुछ याद आने लगा।”

अंजलि का दिल धड़क उठा।

“क्या?”

“एक ऑफिस... एक प्रोजेक्ट... और किसी ने मेरा नाम लिया था।”

अंजलि ने धीरे से पूछा,

“क्या नाम सुना?”

राहुल ने उसकी तरफ देखा।

“राहुल।”

अंजलि कुछ नहीं बोली।

वह जानती थी कि यादें धीरे-धीरे वापस आ रही थीं।

लेकिन तभी राहुल ने फाइल का आखिरी पन्ना खोला।

वहां एक पुराना फोटो लगा था।

फोटो देखकर राहुल अचानक रुक गया।

तस्वीर में पांच लोग खड़े थे।

तीन पुरुष।

एक महिला।

और उनके बीच एक युवा राहुल।

राहुल की आंखें तस्वीर पर टिक गईं।

उसने कांपते हाथों से फोटो उठाया।

“ये... मैं हूं।”

अंजलि का दिल जैसे रुक गया।

“हां।”

उसने धीरे से कहा।

राहुल तस्वीर को ध्यान से देखने लगा।

उसके चेहरे पर हैरानी थी।

“लेकिन ये लोग कौन हैं?”

अंजलि ने तस्वीर देखी।

उसकी नजर सबसे पहले राहुल पर गई।

फिर तस्वीर में खड़े बाकी लोगों पर।

एक आदमी को देखकर उसका चेहरा अचानक बदल गया।

वह आदमी राहुल के कंधे पर हाथ रखे खड़ा था।

अंजलि उसे पहचानती थी।

बहुत अच्छी तरह।

वह उसके पिता का पुराना बिजनेस पार्टनर था।

और वह व्यक्ति कई साल पहले अचानक शहर से गायब हो गया था।

अंजलि के मन में सवाल उठा—

राहुल उसके साथ क्या कर रहा था?

राहुल ने तस्वीर पलट दी।

पीछे कुछ लिखा हुआ था।

सिर्फ एक लाइन।

“R — The Future of the Company.”

राहुल की आंखें फैल गईं।

“R...”

उसने धीरे से शब्द दोहराया।

अंजलि ने उसकी तरफ देखा।

“तुम्हें R याद है?”

राहुल ने सिर हिलाया।

“नहीं।”

लेकिन जैसे ही उसने वह अक्षर दोबारा देखा...

उसके दिमाग में अचानक एक तेज आवाज गूंजी—

“तुम्हारी पहचान सिर्फ राहुल नहीं है।”

राहुल ने तुरंत अपना सिर पकड़ लिया।

“आह!”

अंजलि घबरा गई।

“राहुल!”

वह उसके पास पहुंची।

“बैठो।”

राहुल ने आंखें बंद कर लीं।

कुछ सेकंड बाद दर्द थोड़ा कम हुआ।

उसने धीमी आवाज में कहा,

“मुझे लगता है... मैं इस कंपनी में पहले भी काम करता था।”

अंजलि ने कुछ नहीं कहा।

क्योंकि वह जानती थी—

राहुल का अतीत अब खुद उसके सामने आने लगा था।

लेकिन तस्वीर में मौजूद एक चेहरा उसे परेशान कर रहा था।

अंजलि ने तस्वीर फिर से देखी।

उसके पिता के पुराने बिजनेस पार्टनर के बगल में खड़ा दूसरा आदमी भी उसे जाना-पहचाना लग रहा था।

उसने तस्वीर को थोड़ा करीब किया।

और तभी उसकी नजर उस आदमी की कलाई पर पड़ी।

वहां एक खास निशान बना था।

अंजलि का चेहरा सफेद पड़ गया।

उसे अचानक कुछ साल पुरानी एक घटना याद आ गई।

उस रात भी उसने यही निशान देखा था।

वही रात...

जब राहुल उसकी जिंदगी से गायब हुआ था।

अंजलि के हाथ कांपने लगे।

राहुल ने उसकी तरफ देखा।

“मैम?”

अंजलि ने तुरंत तस्वीर नीचे कर दी।

“क्या हुआ?”

“आप अचानक चुप क्यों हो गईं?”

“कुछ नहीं।”

“आप इस आदमी को जानती हैं?”

अंजलि ने जवाब देने से पहले एक लंबी सांस ली।

“नहीं।”

राहुल उसकी आंखों में देखने लगा।

उसे लगा जैसे अंजलि कुछ छिपा रही है।

लेकिन उसने कुछ नहीं कहा।

उसी समय राहुल की नजर तस्वीर के नीचे लिखी तारीख पर गई।

12 जुलाई, छह साल पहले।

उसका चेहरा बदल गया।

“ये तारीख...”

अंजलि ने पूछा,

“क्या हुआ?”

“मुझे लगता है इसी दिन मेरे साथ कुछ हुआ था।”

अंजलि के पैरों तले जमीन खिसक गई।

क्योंकि छह साल पहले की वही तारीख...

उसकी जिंदगी की सबसे दर्दनाक तारीख थी।

उसी रात राहुल गायब हुआ था।

और उसके बाद उसके पिता ने उसे बताया था—

राहुल मर चुका है।

अंजलि ने तस्वीर को कसकर पकड़ लिया।

अब उसके सामने एक ऐसा सवाल था जिसका जवाब उसके पूरे परिवार को हिला सकता था।

अगर राहुल उस रात मरा नहीं था...

तो फिर उसके साथ हुआ क्या था?

और तस्वीर में उसके पिता का पुराना साथी राहुल के साथ क्यों खड़ा था?

राहुल ने अचानक पूछा—

“मैम, क्या आपको लगता है कि मैं उस दिन किसी मुसीबत में था?”

अंजलि ने उसकी तरफ देखा।

उसकी आंखों में डर था।

लेकिन उसने खुद को संभाला।

“शायद।”

“और क्या आपको लगता है कि किसी ने मेरे साथ कुछ किया था?”

अंजलि जवाब नहीं दे पाई।

तभी राहुल की नजर तस्वीर के पीछे एक और छोटी-सी लिखावट पर पड़ी।

उसने उसे पढ़ने की कोशिश की।

सिर्फ तीन शब्द साफ दिखाई दे रहे थे—

“Trust no one.”

राहुल की सांस रुक गई।

“इसका मतलब...?”

अंजलि ने तस्वीर उसके हाथ से ले ली।

“इसे अभी मेरे पास रहने दो।”

“क्यों?”

अंजलि ने कोई जवाब नहीं दिया।

उसके मन में अब सिर्फ एक ही सवाल था—

तस्वीर में राहुल के साथ खड़ा वह आदमी कौन था?

और सबसे बड़ा सवाल—

क्या वही आदमी राहुल की मौत के झूठ के पीछे था?

राहुल अभी अपनी पुरानी पहचान का सिर्फ पहला सुराग खोज पाया था।

लेकिन वह सुराग उसके अतीत का दरवाजा खोल चुका था।

और उस दरवाजे के पीछे...

एक ऐसा सच छिपा था, जो राहुल और अंजलि दोनों की जिंदगी हमेशा के लिए बदलने वाला था।