Aashi की उँगलियाँ उस कागज़ पर जमी रह गईं।
उसकी आँखें बार-बार उसी नाम को पढ़ रही थीं।
लेकिन उसका दिमाग उस नाम को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था।
“ये… यहाँ कैसे?”
उसके होंठों से बस इतना ही निकला।
Vihaan सामने खड़ा उसे देख रहा था। उसके चेहरे पर हैरानी नहीं थी, जैसे वह पहले से जानता हो कि कागज़ पर क्या लिखा है।
Aashi ने तुरंत उसकी तरफ देखा।
“तुम्हें इस नाम के बारे में पहले से पता था?”
Vihaan ने कुछ पल चुप रहने के बाद कहा—
“हाँ।”
“तो तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया?”
“क्योंकि ये बात सिर्फ मेरे बताने से समझ नहीं आती, Aashi।”
Aashi ने कागज़ उसकी तरफ बढ़ा दिया।
“फिर किससे समझ आएगी?”
Vihaan ने कागज़ नहीं लिया।
उसने सिर्फ इतना कहा—
“तुम्हें अपनी माँ से पूछना होगा।”
Aashi कुछ पल तक उसे देखती रही।
“माँ से?”
“हाँ।”
“लेकिन अगर उन्हें पता था… तो उन्होंने मुझे कभी कुछ बताया क्यों नहीं?”
Vihaan ने धीरे से कहा—
“शायद क्योंकि उन्होंने तुम्हें बचाना चाहा था।”
Aashi की आँखों में उलझन और बढ़ गई।
“मुझसे क्या छिपाया जा रहा था?”
Vihaan ने जवाब देने के बजाय उस पुरानी किताब की तरफ इशारा किया।
“उस किताब को देखो।”
Aashi ने किताब फिर से उठाई।
जिस पन्ने पर पहले कुछ लिखा था, उसके नीचे एक और छोटी-सी लाइन थी।
“कुछ सच समय से पहले बता दिए जाएँ, तो रिश्ते टूट जाते हैं।”
Aashi ने धीमी आवाज़ में पढ़ा।
“ये माँ ने लिखा था?”
Vihaan ने सिर हिलाया।
“शायद।”
“शायद?”
“मैंने उन्हें लिखते हुए नहीं देखा था। लेकिन ये वही लिखावट है।”
Aashi ने कागज़ को फिर देखा।
उसका मन कर रहा था कि अभी घर जाकर माँ से सब पूछ ले।
लेकिन तभी उसके फोन पर call आने लगी।
स्क्रीन पर नाम देखकर वह कुछ पल के लिए चुप हो गई।
**माँ।**
उसने call उठा ली।
“हाँ माँ?”
दूसरी तरफ कुछ सेकंड तक खामोशी रही।
फिर Suman की आवाज़ आई—
“Aashi, तुम अभी कहाँ हो?”
Aashi ने Vihaan की तरफ देखा।
“कॉलेज के पास हूँ।”
माँ ने तुरंत पूछा—
“तुम अकेली हो?”
Aashi का दिल तेज़ धड़कने लगा।
“हाँ।”
कुछ पल फिर खामोशी रही।
फिर माँ ने कहा—
“जल्दी घर आ जाओ।”
“क्यों?”
माँ ने कोई जवाब नहीं दिया।
बस इतना कहा—
“घर आकर बात करेंगे।”
Call कट गई।
Aashi ने फोन नीचे किया।
Vihaan ने पूछा—
“माँ थीं?”
“हाँ।”
“क्या कहा?”
Aashi ने उसकी तरफ देखा।
“उन्होंने पूछा कि मैं अकेली हूँ या नहीं।”
Vihaan का चेहरा अचानक गंभीर हो गया।
“तुम्हें अभी घर जाना चाहिए।”
Aashi ने हैरानी से पूछा—
“तुम डर रहे हो?”
Vihaan ने सिर हिलाया।
“डर नहीं… बस लगता है कि अब तुम्हारी माँ भी जानती हैं कि कुछ बदलने वाला है।”
Aashi ने कागज़ अपने बैग में रखा।
“लेकिन मैं तुम्हें एक बात पूछकर जाऊँगी।”
“क्या?”
“22 August को मेरे पापा और तुम्हारे बीच ऐसा क्या हुआ था?”
Vihaan ने कुछ पल उसकी आँखों में देखा।
फिर बोला—
“उस दिन तुम्हारे पापा ने मुझसे कहा था कि अगर मैं तुम्हारी जिंदगी से दूर नहीं हुआ, तो तुम्हें बहुत कुछ खोना पड़ेगा।”
Aashi के चेहरे पर हैरानी थी।
“और तुम चले गए?”
“हाँ।”
“बिना मुझे कुछ बताए?”
Vihaan ने धीमे से कहा—
“तुम उस समय सच सुनने की हालत में नहीं थीं।”
Aashi ने तुरंत कहा—
“लेकिन फैसला मेरा होना चाहिए था।”
Vihaan चुप हो गया।
कुछ सेकंड बाद उसने कहा—
“शायद तुम सही हो।”
Aashi ने बैग उठाया और दुकान से बाहर निकलने लगी।
दरवाज़े तक पहुँचते ही Vihaan की आवाज़ आई—
“Aashi!”
वह पलटी।
Vihaan ने कहा—
“घर पहुँचकर अपनी माँ से सिर्फ एक सवाल पूछना।”
“कौन-सा?”
“पूछना कि 22 August की रात उन्होंने वो नीली डायरी तुम्हें क्यों दी थी।”
Aashi वहीं रुक गई।
उसने धीरे से पूछा—
“तुम्हें कैसे पता कि डायरी माँ ने दी थी?”
Vihaan ने कोई जवाब नहीं दिया।
बस उसकी आँखों में देखते हुए कहा—
“अब शायद तुम्हें समझ आने लगेगा कि मैं इतने साल चुप क्यों रहा।”
Aashi घर की तरफ चल पड़ी।
उसके कदम तेज़ थे, लेकिन दिमाग उससे भी तेज़ भाग रहा था।
22 August…
नीली डायरी…
पापा…
माँ…
और वो अजनबी-सा नाम, जो अब उसकी पूरी कहानी के बीच खड़ा था।
घर पहुँचते ही उसने देखा कि माँ उसके कमरे के बाहर खड़ी थीं।
Suman ने Aashi को देखते ही पूछा—
“तुम्हें वो डायरी मिल गई?”
Aashi का दिल जैसे एक पल के लिए रुक गया।
उसने धीरे से पूछा—
“माँ… आपको कैसे पता कि मैं डायरी ढूँढ रही थी?”
Suman की आँखों में अचानक घबराहट दिखाई दी।
कुछ सेकंड तक दोनों एक-दूसरे को देखती रहीं।
फिर माँ ने धीमी आवाज़ में कहा—
“क्योंकि वो डायरी मैंने ही तुम्हें दी थी।”
Aashi के हाथ से बैग नीचे गिर गया।
“लेकिन क्यों?”
Suman ने उसकी तरफ देखा।
उनकी आँखों में न जाने कितने सालों की छुपी हुई कहानी थी।
उन्होंने धीरे से कहा—
“क्योंकि उस दिन तुम्हें जो याद नहीं रहा… वो मुझे आज तक याद है।”
Aashi की साँसें थम-सी गईं।
और तभी माँ ने एक ऐसा सच बताना शुरू किया, जिसका नाम सुनते ही Aashi की पूरी दुनिया बदलने वाली थी।
🌙 क्रमशः…