Episode 13: When Their Paths Crossed… in Hindi Love Stories by Khwaab books and stories PDF | तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई - 13

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तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई - 13

सुबह Aashi कॉलेज जाने के लिए तैयार हो रही थी, तभी उसके फोन पर Vihaan का मैसेज आया।

Vihaan: Good morning, writer sahiba! आज क्या लिखने का इरादा है?

Aashi ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया।

Aashi: अभी तो कॉलेज जा रही हूँ। वहाँ पहुँचकर अगर किसी ने परेशान नहीं किया, तो शायद कुछ लिख लूँ।

Vihaan: तो फिर तुम्हें परेशान करने का अधिकार सिर्फ मुझे है?

Aashi ने मैसेज पढ़कर आँखें घुमाईं।

Aashi: आपको किसने दिया ये अधिकार?

Vihaan: तुम्हारी मुस्कान ने।

Aashi कुछ पल तक स्क्रीन देखती रही। फिर उसने फोन बंद कर दिया।

“ये लड़का कभी सीधी बात नहीं कर सकता क्या?”

लेकिन उसके चेहरे पर आई मुस्कान उसकी शिकायत से बिल्कुल अलग थी।

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दोपहर में कॉलेज की क्लास खत्म हुई ही थी कि Vihaan का फोन आया।

“Aashi, आज शाम थोड़ा समय है?”

“क्यों?”

“एक छोटा-सा photography event है। कुछ लोगों की creative work exhibition भी है। मुझे लगा तुम्हें अच्छा लगेगा।”

Aashi ने पूछा, “वहाँ मुझे कोई जानता भी नहीं होगा।”

Vihaan ने सहजता से कहा, “तो क्या हुआ? हर जगह जाने के लिए किसी का पहले से जानना जरूरी है क्या?”

Aashi कुछ सोचने लगी।

“ठीक है, लेकिन मैं ज्यादा देर नहीं रुकूँगी।”

“Done. मैं तुम्हें location भेजता हूँ।”

कॉल कटने के बाद Aashi ने Meera को बताया।

Meera ने मुस्कुराकर कहा, “तुम exhibition देखने जा रही हो या किसी photographer को?”

“Meera, तुम चुप रह सकती हो पाँच मिनट?”

“बिल्कुल! लेकिन उसके बाद फिर पूछूँगी।”

Aashi ने सिर हिलाया और दोनों हँस पड़ीं।

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शाम को Aashi exhibition hall पहुँची। अंदर अलग-अलग photographers की तस्वीरें लगी थीं। कहीं शहर की व्यस्त सड़कों की तस्वीरें थीं, तो कहीं बारिश में भीगते पेड़ों और पुराने घरों की।

Aashi एक तस्वीर के सामने रुक गई। उसमें बारिश के बाद सड़क पर पड़ती रोशनी दिखाई दे रही थी।

“अच्छी है ना?”

पीछे से Vihaan की आवाज़ आई।

Aashi पलटी।

“बहुत अच्छी। ऐसा लग रहा है जैसे तस्वीर में भी कोई कहानी छिपी हो।”

Vihaan मुस्कुराया।

“तुम हर चीज़ में कहानी ढूँढ़ लेती हो।”

“और आप हर बात में मेरी टाँग खींच लेते हैं।”

“ये भी एक कला है।”

Aashi हँस पड़ी।

Vihaan उसे दूसरी तस्वीरें दिखाने लगा। वह हर तस्वीर के पीछे की छोटी-सी कहानी बताता और Aashi ध्यान से सुनती। दोनों के बीच बातचीत इतनी सहज थी कि समय का पता ही नहीं चला।

तभी एक लड़की उनके पास आई।

“Vihaan!”

Vihaan ने पलटकर देखा।

“Myra? तुम यहाँ?”

Myra मुस्कुराती हुई उसके पास आ गई।

“ये मेरा भी event है। भूल गए क्या?”

फिर उसकी नज़र Aashi पर पड़ी।

“और ये कौन हैं?”

Vihaan ने परिचय कराया।

“Myra, ये Aashi हैं। इन्हें writing का बहुत शौक है। Aashi, ये Myra Kapoor हैं। इनके परिवार ने इस event को organise करने में मदद की है।”

Aashi ने विनम्रता से कहा, “Hello.”

Myra ने उसे सिर से पैर तक देखा और हल्की मुस्कान के साथ बोली, “Oh, so you’re the writer!”

उसके बोलने के तरीके में तारीफ कम और जाँचने वाला भाव ज्यादा था।

Aashi ने शांत स्वर में कहा, “जी, अभी सीख रही हूँ।”

Myra ने अपने बाल ठीक किए।

“Nice. वैसे writing को career बनाना थोड़ा मुश्किल होता है। खासकर जब तक आपके पास सही contacts और resources न हों।”

Aashi समझ गई कि बात सिर्फ writing की नहीं थी।

उसने मुस्कुराकर जवाब दिया, “हाँ, मुश्किल तो है। लेकिन मुश्किल होने का मतलब ये तो नहीं कि कोशिश करना छोड़ दें।”

Vihaan ने Aashi की तरफ देखा। उसके जवाब में न गुस्सा था, न दिखावा—बस अपने काम के लिए एक सच्चा भरोसा था।

Myra ने बात बदलते हुए Vihaan से कहा, “वैसे, तुम्हें याद है ना कि अगले हफ्ते हमारे परिवार का dinner है? तुम्हें मेरे साथ चलना है।”

Vihaan ने कहा, “मैंने अभी confirm नहीं किया है।”

Myra ने जैसे उसकी बात सुनी ही नहीं।

“कोई बात नहीं, मैं तुम्हें details भेज दूँगी।”

फिर उसने Aashi की तरफ देखा।

“आप भी कभी आइएगा। ऐसे events में बहुत कुछ सीखने को मिलता है।”

Aashi ने सहजता से कहा, “ज़रूर, अगर मौका मिला तो।”

Myra वहाँ से आगे बढ़ गई।

Aashi कुछ पल चुप रही।

Vihaan ने उसकी तरफ देखकर पूछा, “तुम ठीक हो?”

“हाँ, क्यों?”

“बस ऐसे ही पूछ रहा हूँ।”

Aashi ने हल्की मुस्कान के साथ कहा, “आपको लगता है मैं इतनी छोटी-छोटी बातों से परेशान हो जाऊँगी?”

“नहीं। लेकिन हर बात का असर बताना जरूरी भी नहीं होता।”

Aashi ने उसकी तरफ देखा। इस बार उसकी आँखों में मजाक नहीं, एक अपनापन था।

“आप मुझे इतनी जल्दी समझने लगे हैं?”

Vihaan ने मुस्कुराकर जवाब दिया, “कोशिश कर रहा हूँ।”

Aashi ने नज़रें दूसरी तरफ कर लीं।

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थोड़ी देर बाद दोनों exhibition hall के बाहर आ गए।

Aashi ने कहा, “आपकी तस्वीरें बहुत अच्छी थीं। खासकर वो बारिश वाली।”

Vihaan ने पूछा, “सिर्फ तस्वीरें अच्छी थीं?”

Aashi ने उसे देखा।

“अब आप क्या सुनना चाहते हैं?”

“कुछ नहीं। बस पूछ रहा था।”

“आपको हर बात का जवाब चाहिए होता है क्या?”

Vihaan हँस पड़ा।

“नहीं। कुछ जवाब समय पर छोड़ देता हूँ।”

Aashi मुस्कुराई।

“अच्छा है। कुछ सवालों के जवाब मेरे पास भी अभी नहीं हैं।”

Vihaan ने उसकी बात ध्यान से सुनी, लेकिन कुछ पूछा नहीं।

बस इतना कहा, “जब बताने का मन हो, बता देना।”

Aashi को उसका यह स्वभाव अच्छा लगा। वह सवाल करता था, चिढ़ाता था, लेकिन उसे जवाब देने के लिए मजबूर नहीं करता था।

घर लौटते समय Aashi के मन में Myra की बातें भी थीं, लेकिन उनसे ज्यादा उसे Vihaan का व्यवहार याद आ रहा था।

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उसी रात Vihaan अपने office में एक नई photography project की file देख रहा था।

तभी उसका दोस्त Kabir अंदर आया।

“भाई, क्या बात है? आजकल तेरे चेहरे पर मुस्कान कुछ ज्यादा ही रहने लगी है।”

Vihaan ने फाइल से नज़र नहीं हटाई।

“तुझे कोई काम नहीं है?”

“काम है। लेकिन तेरी जिंदगी में क्या चल रहा है, ये जानना उससे भी ज्यादा जरूरी है।”

Vihaan ने फाइल बंद कर दी।

“Kabir, कुछ नहीं चल रहा।”

Kabir ने कुर्सी खींचकर बैठते हुए कहा, “अच्छा! तो Aashi का नाम सुनते ही जो तेरे चेहरे पर मुस्कान आती है, वो किस बात की है?”

Vihaan ने उसे घूरा।

“तू कब सुधरेगा?”

“जिस दिन तू अपने दिल की बात मान लेगा।”

Vihaan कुछ नहीं बोला।

Kabir ने इस बार मजाक छोड़कर कहा, “देख भाई, मैं बस इतना कहूँगा—अगर कोई तेरी जिंदगी में खुशी लेकर आ रहा है, तो उसे बेवजह दूर मत कर देना।”

Vihaan ने धीमे से कहा, “इस बार मैं कोई फैसला जल्दबाजी में नहीं करना चाहता।”

Kabir ने सिर हिलाया।

“तो मत कर। बस उसे अपनी जिंदगी में जगह देने से डर मत।”

Kabir के जाने के बाद Vihaan कुछ देर खिड़की के पास खड़ा रहा।

उसने फोन निकाला और Aashi को मैसेज किया—

Vihaan: घर पहुँच गई?

Aashi: जी, पहुँच गई। आप?

Vihaan: मैं भी। आज आने के लिए thank you.

Aashi: मुझे अच्छा लगा। और हाँ, अगली बार बारिश वाली तस्वीर जैसी कुछ और तस्वीरें दिखाइएगा।

Vihaan मुस्कुराया।

Vihaan: अगली बार तुम्हें तस्वीरें भी दिखाऊँगा और तुम्हारी कोई कहानी भी सुनूँगा। Deal?

Aashi: Deal! लेकिन कहानी अधूरी हुई तो शिकायत मत कीजिएगा।

Vihaan: तुम्हारी अधूरी कहानी भी सुन लूँगा।

Aashi ने मैसेज पढ़ा और अपनी डायरी खोल ली।

उसने लिखा—

“कुछ लोग हमें बदलने नहीं आते। वे बस हमारे भीतर छिपे उस हिस्से को फिर से जगाते हैं, जिसे हम समय के साथ भूल चुके होते हैं।”

उसने पन्ने के नीचे तारीख लिखी और डायरी बंद कर दी।

उसे नहीं पता था कि Vihaan की जिंदगी में Myra की मौजूदगी आगे क्या मोड़ लाएगी। लेकिन वह इतना जरूर जानती थी कि अब वह अपनी कहानी को बीच में छोड़ना नहीं चाहती थी।

और शायद पहली बार, वह अपनी कहानी के अगले पन्ने को लेकर उत्सुक थी।

🌙 क्रमशः…