tumhari shadi hai chapter 6 in Hindi Love Stories by Luna Rinn books and stories PDF | तुम्हारी शादी है - 6

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तुम्हारी शादी है - 6

अद्विक अधीर को बाथरूम में लाकर शावर के नीचे खड़ा कर देता है।

अधीर बड़ी-बड़ी आंखों से उसे देख रही थी, और जल्दी से वहां से जाने के लिए पलट जाती हैं । अद्विक उसके हाथ को पकड़ कर अपने नजदीक खींच लेता है ।

अधीरा सीधा उसके सीने से जा लगती है। उसके दोनों हाथ अद्विक के सीने से टकरा चुकी थी,वह अपने हाथों को पीछे खींचने लगती हैं । अद्विक उसके कमर पर हाथ रख प्रेशर बनाते हुए खुद के नजदीक कर उसके चेहरे पर झुकते हुए बोला, हमने आपसे कहा था ना हम साथ में स्नान करेंगे, तो आप हमें अकेला छोड़कर कहां जा रही हैं ।

अधीर अपना चेहरा दूसरी तरफ करते हुए दात पीस कर बोली, You have no shame at all in saying such nonsense ,

अद्विक उसकी बात पर बिना किसी इमोशन के बिल्कुल स्ट्रेट फेस के साथ गहरी आवाज में बोला, हम आपके पति हैं और अगर हमने शर्म कर ली तो हमारे आने वाले बच्चों के लिए कुछ देरी सी हो जाएगी, जो हमें बर्दाश्त नहीं है । इसलिए आप चुपचाप खड़े हो जाइए, और हमें नहाने दीजिए बोलते हुए वह शावर चालू कर देता है।

अधीरा शावर का ठंडा पानी खुद पर महसूस कर सिहर जाती है,वो छटपटाना लगती हैं। उसके गीले बाल उसके चेहरे पर आ रहे थे , अद्विक उसे पकड़ वॉल से लगा देता है m और खुद उसके नजदीक खड़ा हो जाता है। उसने अपना चेहरा उसके ऊपर झुका रखा था , शावर का पानी

अद्विक से होते हुए अधीर के ऊपर गिर रहा था , अधीरा बार-बार गहरी सांस खींच रही थी,उसकी गर्म सांसे अद्विक को अपने खुले हुए सीने पर महसूस हो रही थी, वह उसके गुलाबी होठों को देख रहा था ,जो पानी से भीगने से और ज्यादा ग्लासी लग रहे थे ,

अद्विक एक तक उसे देखते हुए उसके चेहरे पर धीरे-धीरे झुकने लगता है।

अधिरा तुरंत अपना चेहरा दूसरी तरफ फेर लेते हैं।

अद्विक उसके गालों पर अपने होंठ रख शेयर की रुकी हुई बूंदों को धीरे-धीरे अपने होठों में लेते हुए पीने लगता है। वो वैसे ही बोला, हमने आपको छोड़ रखा है । यह बात आप माने ना माने क्योंकि आपके अंदर अभी इतनी शक्ति नहीं है। कि आप हमें झेल सकें, और जब हमें लगेगा कि हम आपके नजदीक आने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। तो हम आ भी जाएंगे आप हमें रोक नहीं पाएंगे। ,उससे पहले अगर आप बिना कपड़ों के हमारे सामने आ जाएंगे , हम कुछ नहीं करेंगे, क्योंकि हमें बहकाना आपके जैसी लड़की की बस की बात नहीं , बोल उसे दूर झक देता है।

अधीर मुंह खोल उसे देखते ही रह जाती है ।वह खुद से बडबडाते हुए बोली, यह आदमी पागल है क्या कल रात से सिर्फ और सिर्फ मुझसे चिपक रहा था, और आज सुबह उठने के साथ इसने कौन से सस्ता नशा किया है जो इस तरीके से बकवास कर रहां हैं।

लड़के मरते हैं मेरे नजदीक आने के लिए और यह इसे तो मैं छोडूंगी नहीं वह बोलते हुए उसकी तरफ कदम बढ़ाती है।

अद्विक बेशर्मी से उसकी तरफ पलट नीचे पहना हुआ ब्लैक कलर का ट्राउजर भी निकालते हुए उसके ऊपर फेंक देता है ।

अधीर का चेहरा गुस्से से भर जाता है वह मुठिया मजबूत करे हुए पीछे की तरफ पलट जाती हैं ।

अद्विक स्मिर्क करते हुए उसकी खुले हुए बैक को देखा बेसर्मी से बोला, wese आपके शरीर की बनावट तो बहुत ही अच्छी खासी है। लगता है आपने बहुत मेहनत करें पर आप बहुत कमजोर हैं । कोई बात नही हम है ना हम अपने तरीके से आपका वजन बढ़ा देंगे , बोलते हुए उसके चेहरे पर अजीब सी स्माइल आ गई थी ।

अधीर अपनी मुठिया मजबूत करें उसकी तरफ पलट दात किटकैट आते हुए बोली, I won't leave you ,

अद्विक बिल्कुल वैसे ही अपने शॉट्स को निकाल कर फेंकते हुए बोला, और हम भी यही चाहते हैं कि आप हमें बिल्कुल भी ना छोड़े ,

अधीर ने अपनी आंखें मजबूती से बंद कर ली थी उसे इतनी ज्यादा बेशर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही है, वह सीधा बाथरूम से बाहर निकाल टहलने लगती है।

तभी दरवाजे पर किसी की दस्तक होती है ।वो गुस्से से तनख्वाह आते हुए दरवाजा खोलती है।

सामने एक अधेड़ उम्र की औरत खड़ी हुई थी वह हैरानी से अधीर को देखने लगते हैं

वही अधीर की नजर तो उस औरत पर थी उस औरत ने राजस्थानी लहंगा चोली और सर से दुपट्टा रखा हुआ था। गोल मांग टीका ,और एक नाथ डाली हुई थी होठों पर गहरी लिपस्टिक और हाथों में भारी-भारी चूड़ियां उसे देख तेरा एक तक उसे देख रही थी वह कुछ अपना गला साफ करते हुए बोली , Who are you and do you need someone to talk to?

वह गुस्से में लगभग बोल रही थी,

वही सामने खड़ी औरत को कुछ समझ नहीं आ रहा था वो कन्फ्यूजन भरे हुए फेस से अधीर को देखने लगती है।

अधीर कि वह वाइट शर्ट भीघ कर उसके शरीर से चिपक चुकी थी, और उसका लहंगा उसके बाल पूरी तरीके से वह गीली हो चुकी थी, और पानी फर्श को भीग रहा था,

तभी पीछे से एक रोबदार आवाज आती है । यह हमारी साथ रहती हैं। और हमारे लिए बहुत अज़ीज़ है और हम आपसे उम्मीद करते हैं कि आप भी इन्हें इज्जत से बात करेंगे , और हां यहां पर यह आपकी अंग्रेजी भाषा नहीं चलेगी, तो बेहतर होगा आप यहां की भाषा सीख ले , और लोगों को इज्जत देना भी सीख ले, वरना हमें अपनी तरह से सीखना पड़गा जो बाद आपको शायद यह चीज बर्दाश्त ना हो,

एकदम रोबेली आवाज सुनकर अधीर अपना सर टेढ़ा कर कर पीछे की तरफ देखती है। यह वही औरत थी जिसने उसका गृह प्रवेश करा था, घुंघट के अंदर से उसने ज्यादा नहीं पर हां वह इन्हें पहचान चुकी थी,

जोती जी उसे औरत की तरफ देखते हैं , 

फिर अधीरा की तरफ देखती है ।

अधीरा उन्हें देख , आ प आप यहां,

ज्योति जी बिल्कुल अधीरा के सामने आ उसके सामने खड़े होते हुए भारी आवाज में बोली, हां हम ही हैं और यहां घर में सिर्फ हमारी चलती है । आपके पति के बाद तो आपको हमारी बातें अच्छे माननी पड़ेगी, और यह क्या हुलिया बना रखा है अपने? आप इस घर की नई नवेली दुल्हन है। आपके यहां के तौर तरीके सीखने हैं । तो आप क्या चाहते हैं । हम आपके साथ बुरी तरीके से बर्ताव करें , तब आप सीखेंगे जाइए जाकर अपने कपड़े बदल लीजिए और इस तरीके से अगर दोबारा आप किसी के भी सामने आए तो हमसे बुरा कोई नहीं होगा ,

यह रहे आपके कपड़े और आपको आज से यही पहनना है। बोलते हुए वह बड़ी सी तल से कपड़ा हटा देती है और उसे सीधा

अधीर के ऊपर फेंक देती है।

अधीरा गुस्से से उन्हें घूरने लगती है।

ज्योति जी उसके पास आ उस कपड़े को अधीर के सीने पर डालते हुए बोली, आइंदा आप इस तरीके से हमें कहीं भी नजर ना आए, आपको जो करना है अपने कमरे में करिए यह आपका घर आपका धर्म और कर्म दोनों है क्योंकि आप अपने पति के साथ रहेंगे और अपने पति को खुश करना एक पत्नी का अधिकार होता है।

अधीर उनकी बात सुनकर दांत पीसते हुए खुद से बोली ,

व्हाट द हेल यह क्या बकवास है यह लोग पागल हो चुके हैं क्या सारे के सारे पागल खाने से भागे हुए पागल लग रहे हैं और सबसे बड़ा पागलों को सरदार तो मेरा पति ही बना बैठा है । What rabish, वो मेरा पति नहीं है , मैं उसे अपना पति नहीं मानती, मैं उसकी जान ले लूंगी बस एक बार एक बार मुझे यहां से भागने का मौका मिल जाए उसके बाद फिर सामने खड़ी ज्योति जी की तरफ देखते हुए जबरदस्ती के मुस्कुराहट को अपने होठों पर बनाते हुए बोली, वो मेरे पास कपड़े नहीं थे, पहनने के लिए और इतनी हैवी कपड़ों में मुझे नींद नहीं आती है ।इसीलिए मैंने आपके बेटे की शर्ट पहन ली थी,

ज्योति जी उसके बात को नजरंदाज कर कमरे के अंदर आ जाती हैं ।

ज्योति जी उस थल को टेबल पर रखने का इशारा करते हैं ।वह सर्वेंट थल को टेबल पर रख वहां से चली जाते हैं।

वहीं ज्योति जी अपने जुड़े में फंसे हुए पल्लू को थोड़ा सा आगे सरकते हुए बोली , वह हमारा बेटा नहीं ? हमारा पोता है, तो आगे से इस चीज का ख्याल रखिएगा,

अधीर उसकी बात पर बस जबरदस्ती कि स्माइल चेहरे पर चिपकाए खड़े रहती हैं।

ज्योति जी मुस्कुराहट उसे पास करते हुए वहां से चले जाते है ।

उसके जाने के बाद आधीरा दरवाजे को लगभग जोर से पटकते हुए गुस्से से बोली, what the fuk is this मैं ऐसा कुछ भी नहीं करने वाली हूं, बोलते हुए वह रखे हुए कपड़ों को देखकर उन्हें एक-एक करके अजीब तरीके से उछलते हुए फेंक देती हैं । जैसे उसे यह चीज पसंद ही ना आए ,हो ,

तभी बाथरूम का दरवाजा खुलता है और अद्विक अपनी बेस्ट पर वाइट कलर की टॉवल लपेटे हुए बाहर आता है। उसके बाल गीले थे, जो माथे पर झूल रहे थे, पानी की बूंदे उसके चेहरे से होते हुए उसकी कसे हुए भारी सीने से होकर नीचे की तरफ आ रही थी, वह काफी अट्रैक्टिव और हॉट लग रहा था, जहां उसकी नजर अधीर पर थी तो वही अधीर पीठ करें खड़े उन कपड़ों को देख गाली बक रही थी,

अद्विक उसकी तरफ कदम बढ़ाओ पीछे से उसके शर्ट से दिख रहे खुले हुए पेट पर अपने हाथ रख देता है ।

अधीरा आंखों को टेढ़ा कर पीछे की तरह देखती हैं। जहां अद्विक के बालों से निकल रहा पानी उसके कंधे को भिगोते हुए नीचे की तरफ आ रहा था , जहां उसकी शर्ट अभी हल्की सूख गई थी वो वापस गीली होने से उसकी शर्ट विजिबल होने लगती है। अद्विक वैसे ही अपने हाथ को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ लाता है ।और उसकी शर्ट पर बंधी हुई नोट को उंगली में फंसा कर खोल देता है । अधीरा की सास भारी होने लगती है।

अद्विक अपने हाथ को थोड़ा और ऊपर की तरफ बढ़ा दो बटन खोल देता है ।उसका हाथ आप बिल्कुल अधीरा के सीने के नीचे था , अधीरा सांस गहरी हो रही थी,वह अपनी सांसे समेटने की कोशिश में लगी हुई थी , अद्विक उसी तरीके से उसके गर्दन पर तपते हुए होंठ रख देता है। अधीर की पकड़ लहंगे पर मजबूत हो जाती हैं । उसका सिर्फ एक ही विक पॉइंट था जहां उसकी आवाज नहीं निकलती थी, वह गहरी गहरी सांस भर रही थी,उस कमरे में सिर्फ गहरी सांसों का शोर मचा हुआ था, जो अजीब से जज्बातों से भरा हुआ था,

अद्विक उसे अपनी तरफ पलट उसे वही टेबल पर बैठाते हुए उसके पैरों के बीच आ उसके ऊपर झुकने लगता है। अधीर धीरे-धीरे पीछे की तरफ ब्लेड होने लगती है ।वह पूरी तरीके से लेट गई थी ,

अद्विक उसकी गर्दन पर अपना हाथ रख उसके होठों पर झुके हुए बहकी हुई आवाज में बोला, हमने आपसे पहले ही कहा था, हमें आपकी बदतमीजी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं और यहां आपने हमारी मांसा के साथ बदतमीजी करी है आपको उनसे माफी मांगनी पड़ेगी, या फिर आपको सजा मिलेगी, बोलते हुए वह उसके सीने पर झुक धीरे-धीरे ही हिकीज देने लगता है।

अधीर झटपट आते हुए बोली, aahhhhhhh नहीं दर्द हो रहा है। मुझे छोड़ो छोड़ो तुम ऐसा तुम ऐसा नहीं कर सकते ?

अद्विक उसके सीने के आसपास की स्किन को अपने दांतों में भरते हुए गहरी हिक्कीज देने लगता है। अधीरा दर्द से झटपट आते हुए , यह तु म तुम ऐ सा ऐसा नहीं.

अद्विक ने उसके बात फिर पूरी होने ही नहीं दी ,उसने अपने दोनों हाथों को अधीर की हथेलियां तक का सफर तय कर और उसके हथेली से अपनी हथेली को जोड़ उसकी उंगलियों से अपनी उंगलियों को उलझते हुए गहरी आवाज में , हमारा नाम लीजिए पत्नी जी , बोलते हुए वह उस जगह को छोड़ देता है। और उस जगह को देखने लगता है । वहां एक गहरा हिक्की का निशान बन चुका था,

अधीर की जान गले में अटकने लगती है । वह दर्द भारी आवाज में बोली , तुम ऐसा नहीं नहीं कर सकते मेरे साथ, उसने बहुत मुश्किल से बोला था ,उसे दर्द हो रहा था

अद्विक उसकी बात को सरासर नजर अंदाज करते हुए बोला, जब तक आप हमारा नाम नहीं लेंगे हम यही करते रहेंगे और यही आज की आपकी सजा है। वैसे तो बहुत ही छोटी सजा दे रहे हैं हम, पर जैसी जैसी आपकी गलतियां बढ़ेगी वैसे-वैसे हम आपकी सजा भी बढ़ते जाएंगे, बोलते हुए वह उसे जगह को छोड़ फिर से आगे बढ़ उधर की स्किन को अपने दांतों में दबा देता है।

अधीरा की जान गले में अटक जाती हैं , खुद को छुड़ाने की वजह से चूड़ियां सीधा टेबल पर लगती है। और टूटकर टेबल पर गिर जाते हैं ।और कुछ फर्श के नीचे कुछ उसके हाथ में चुभ चुकी थी , जिसे हल्का-हल्का खून उभर ने लगा था पर अद्विक ने उसे बिल्कुल नहीं छोड़ा था, वहां का माहौल काफी इंटेंस हो चुका था। जहां अद्विक उसे धीरे-धीरे हिक्कीज़ दे रहा था,

तो वही अधीर की अपनी आंखों को मजबूती से बंद कर लिया था, वह अपने होठों को दांतों से दबे हुए खुद की आवाज को रोकने की कोशिश कर रहे थे , उसके मुंह से मनमोहक आवाज निकाल रहे थे , जिसे सुन अद्विक और ज्यादा पागल हो रहा था,

अद्विक थोड़ी ही देर में उसके सीने से अपना चेहरा निकलता है ।और उसके गर्दन पर पर अपने होंठ रखते हुए हमने कहा हमारा नाम लीजिए जब तक आप हमारा नाम नहीं लेंगे तब तक आपको इसी तरीके से तड़पना होगा , बोलते हुए वह उसके कान के बिल्कुल नीचे और हल्का सा पीछे जा उधर के स्किन को अपने होठों में भरते हुए करने लगता है ।

अधीर सिसकी लेते हुए बोली, अद्विक मत करो यह सब ,

अद्विक उस जगह को छोड़ हल्का से नीचे खिसकते हुए मदहोशी से बोल, हमारा पूरा नाम लीजिए ,

अधीर अपनी आंखें मजबूती से बंद कर अ। द्विक अद्विक सिंह सहरावत ,प्लीज प्लीज हमें प्लीज हमें छोड़िए उसने दर्द में कुछ शब्द कहे थे,

अद्विक के चेहरे पर सेटिस्फेक्शन आ जाता है ।वह हल्का सा मुस्कुराते हैं पर हम अभी भी पूरे नहीं हुए आपने अपना नाम नहीं जोड़ा , हम आपसे जुड़ चुके हैं। इसका मतलब आप भी हमारी हुई , जल्दी बोलिए,

अधीरा उसके पागलपन को देख रही थी उसका बस चलता है तो वह अभी के अभी अद्विक को उठाकर इसी कमरे से फेंक देती

और एसिड में डूबा उसकी सांसे उसके शरीर से उखाड़ देती वो गहरी सांस लेते हुए खुद के गुस्से को शांत करते हुए बोली, अद्विक अधीरा सिंह सहरावत प्लीज प्लीज हमें मुझे छोड़ दीजिए ,

अद्विक सेटिस्फेक्शन से उसे दूर हो जाता है और उसके गले को देखने लगता है। जहां ढेर सारे रेड कलर के हिक्स के निशान वह दे चुका था ।

अधीरा का पूरा सीना , गला पूरा लाल हो चुका था।

अद्विक उससे थोड़ा सा दूर हो खड़े होते हुए बोला,अगर आइंदा आपने हमारे साथ बत्तमीजी करने की कोशिश करें तो हम इससे भी ज्यादा आगे बढ़ सकते हैं। बोलते हुए अपनी नजर को उसके गले से नीचे ले आता है । अधीरा अपने सीने पर वहां थाल पर रखा हुआ कपड़ा रखते हुए दांत पीसकर बोली, छोडूंगी नहीं मैं तुम्हें ,जबरदस्ती मेरे साथ यह सब करने की कोशिश मत करना जान ले लूंगी तुम अधीर राजपूत को अभी जानते नहीं हो,

अद्विक अपनी एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठाते हुए उसे नीचे ऊपर से लेकर तक इंटेंस नजरों से देखते हुए बोला, अगर आप 20 मिनट के अंदर अंदर इन कपड़ों में हमारे सामने नहीं आई तो आज का पूरा दिन आपके बिना कपड़ों के निकालना पड़ेगा ,

अधिरा जल्दी से उन कपड़ों को समेटे बाथरूम में घुस जाती हैं।



😊😊😊😊
मिलते है अगले भाग में ओर मेरे प्यारे रीडर please follow kar lo or comment bhi karna