फ्रांस ,
रात का वक्त एक बड़ी सी ऊंची इमारत पर आखिरी फ्लोर पर एक दिन भर का आदमी बैठा हुआ था। उसके होठों से सिगार लगा हुआ था और गोद में 25 से 26 साल की लड़की बैठी थी। कभी उसके गाल पर किस कर रही थी तो कभी उसके गले पर किस कर रहे थे और वह आदमी सिगार पीते हुए उसकी पूरी बॉडी को सहला रहा था। तभी उन गहरी सांसों को तोड़ते हुए उसका फोन बचता है।
दो तीन बेल के बाद में वो फोन उठा लेता है। दूसरे साइड से कुछ कहा जाता है। जिसके बाद वह आदमी उस लड़की को धक्का देते हुए फोन लेकर खड़ा हो जाता है। वो ग्लास वॉल के पास जाता है फ्रांस को देखने लगता है। जो रात के वक्त चमचमा रही थी।
उसे करते हुए , " बताओ मेरी बेटी कहां है ? और किस हाल में है ? अगर उसे जरा सा कुछ भी हुआ या वह उन लोगों के हाथ लगी तो मैं तुम्हारी जान ले लूंगा ढूंढो उसे किसी भी कीमत पर तुम्हारी नाक के नीचे से वह निकल कर इंडिया नहीं पहुंचनी चाहिए समझे तुम लोग। " बोलते हो फोन रख देती हैं और फिर से सिगार के लंबे कश भरने लगता है।
उसकी आंखें एकदम लाल थी और बहुत ही ज्यादा डरावना उसके चेहरे पर दहशत साफ नजर आ रही थी।वहीं दूसरी तरफ इंडिया जहां फ्रांस में रात हो रही थी। तो वही इंडिया में सुबह हो चुकी थी।
राजिस्तान ,
अद्विक स्टडी रूम में बैठा हुआ था वो लगातार कुछ फाइल को रीड करते हुए साथ में लैपटॉप पर उंगली चला रहा था। उसका औरा एकदम ठंडा था तभी दरवाजा नोक होता है।
अद्विक वैसे ही , " अंदर आ जाए। "
तभी एक सर्वेंट सर पर बड़ी सी रंगीन कलर की पगड़ी बांधे हुए अंदर आता और सर झुकाते हुए , " बड़े मालिक ने आपको याद किया है। " वो उसे जाने का इशारा कर देता है और कुछ से देर बाद खुद अपने लैपटॉप को बंद करें और बाहर आ जाता है।
ज्योति जी उसे बाहर देख , " आप शायद भूल रहे हैं हमारे घर की परंपरा है। " अद्विक उन्हें देखता रहता है।
ज्योति जी किचन की तरफ इशारा करते हुए , " जाइए और जाकर अपनी पत्नी की मदद करिए। "
अद्विक बिना कुछ कहे किचन की तरफ इशारा कर देता है उसकी नजर किचन में जाती हैं।।जहां सारा सामान फैला हुआ था और वह कढ़ाई में धीरे-धीरे चम्मच को चला रही थी। वो उसके नजदीक आकर खड़ा हो जाता है।
अधीरा किसी की प्रसेंस को अपने पीछे महसूस कर चौंकते हुए , " तुम यहां क्या कर रहे हो? " अद्विक उसकी बात पर एक नजर कढ़ाई पर देखता है।
वो उसके घूंघट को हल्का सा साइड कर कंधे पर अपना चेहरा टीकाते हुए , " पहले आप हमें यह बताइए कि आप आखिर बना क्या रही हैं ? और यह है क्या चीज है ? "
अधीरा अपने चेहरे पर 440 वोट वाली स्माइली ले उसकी तरफ देखते हुए , " खीर। "
अद्विक के एक्सप्रेशन एकदम अजीब हो जाते हैं और वह गैस को घूरना शुरू कर देता है और फिर कुछ देर रुक कर , " क्या सच में यह खीर है ? " बोलते हुए खुद ही हल्का सा चला कर देखता है। पर चावल नीचे की तरफ रुके हुए थे और पानी चम्मच में आ चुका था।
अधीरा उसकी बात पर , " अरे यह तुम क्या कर रहे हो ? मुझे बनाने तो दो। "
अद्विक उसे देखते हुए , " क्या तुम्हें कुकिंग करना आता है ? "
" हां मैंने अभी-अभी यूट्यूब पर वीडियो देखा था पहले , तो अब मैं ट्राई कर रही हूं। " बोलते हुए वह खुशी-खुशी चम्मच घूमाने लगती हैं।
अद्विक गैस की तरफ देखता है जो ऑलरेडी बंद था और वह इधर-उधर देखते हुए
क्या तुमने यह नहीं देखा था ? कि गैस चालू की जाती हैं। "
अधीरा इधर गैस की तरफ देखते हुए , " पर It was not mentioned in it that the pan should be kept after turning on the gas, do the YouTube people know anything or not, these people should tell these people, I will not leave people, give me your phone right now . " बोलते हुए गुस्से से वहां रखे हुए बर्तन पटकना शुरू कर देती हैं। उसने अपने दांत को पीस लिया था।
वही अद्विक उसे साइड करते हुए , " आप रहने दे हम खुद कर लेंगे। "
अधीरा उसे चमकती हुई आंखों से देखते हुए , " क्या तुम्हें खाना बनाना आता है ? क्या तुम चिकन फ्राई , चिकन लॉलीपॉप बना सकते हो ? " वो चटकारे लेते हुए अपने लिप्स को लिक कर लेती है।
अद्विक उसकी हरकत पर उसे बुरी तरीके से घूरते हुए , " कहीं ऐसा ना हो कि हम आपके पैरों को ही चिकन लॉलीपॉप की तरह डाल दे और खुद ही निगल जाए वैसे भी हमारा बड़ा मन है , आपके इन नाजुक से पैरों को कच्चा निगलने का कहे तो। " बोलते हुए वह घुटनों के बल बैठ जाता है और उसके पैर से लहंगे को उठाकर अपने घुटने पर रखते हुए उसके पैर पर चूम लेता है।
अधीरा बड़ी आंखों से उसे देखते हुए अपने कदम पीछे ले वहां रखा हुआ चिमटा उठाकर अद्विक को दिखाते हुए , " अगर तुमने मुझे छूने की ऐसी बेहूदा हरकत करने की कोशिश करी ना मैं तुम्हारी जान ले लूंगी समझे तुम दूर रहना मेरे से , बड़े आए बेशर्म कही के। "
अद्विक स्मिर्क करते हुए खड़ा हो जाता है और उसकी तरफ कदम बढ़ाने लगता है। जहां वह लोग पहले रसोई की रस्म पूरी करने वाले थे यहां तो कुछ और ही हो रहा था।
अधीरा अपने कदम पीछे लेते हुए , " मैं बता रही हूं अगर तुम मेरे नजदीक आए तो मैं.। " बोलते हुए अपने पैर पीछे लेती है तो उसके पर वहां रखा हुआ पीतल के घड़े से लगता है।
जिससे वह गिरने लगती है। अद्विक उसकी पत्ली सी कमर में हाथ डाल तुरंत अपने नजदीक खींच लेता है। अधीरा के दोनों हाथ उसके सीने पर आ जाते हैं। उसका चिमटा छूटकर नीचे गिर चुका था।
अद्विक उसकी कमर को खुद में जकड़ते हुए , " बताइए अब आप कहां जाएंगी ? हमसे बचकर। " बोलते हुए वह उसकी कमर को जकड़ लेता है।
अधीरा इधर-उधर देखते हुए कसमसा कर , " यह तुम , तुम क्या कर रहे हो ? छोड़ो मुझे अगर तुमने कुछ करने की कोशिश करी तो मैं तुम्हें छोडूंगी नहीं समझे तुम छोड़ो दूर हटो मुझसे। "
अद्विक उसकी बाद पर उसकी गर्दन से दुपट्टे को थोड़ा सा साइड करता है और उसके गर्दन पर अपने होठों को धीरे-धीरे चलाते हुए , " जल्दी से यह सब कुछ तैयार करिए इसके बाद हमें गांव के लिए निकलना है। "
अधीरा अपनी आंखें झपकते हुए , " क्या ? You are talking nonsense, I will not go to that village with you at all . "
अद्विक उसे छोड़ते हुए , " आप क्या ? आपकी जूती भी हमारे साथ चलेगी। " वो अपने दोनों हाथ जेब में डाल उसे वैसे ही छोड़ देता है और सीधा किचन के स्लैब के पास आ जाता है।
और कुछ ही देर बाद वह खीर को अच्छे से रेडी कर बाउल में डालते हुए , " लेकर चलिए
अब आप इसे हमारी नाक नहीं कटनी चाहिए। "
अधीरा उसकी बात पर मुंह सुखोड़ लेती है और बाउल को उठाकर आगे की तरफ चली जाती हैं। कुछ देर बाद सभी लोग डाइनिंग टेबल में बैठे हुए थे। सभी लोगों में सिर्फ वहां पर तीन लोग थे। जहां हेड चेयर पर अधिक बैठा हुआ था तो वही उसके जस्ट सामने बनी हुई हेड चेयर पर ज्योति जी बैठी हुई थी। अधीरा उन दोनों को सर्व करने के बाद खुद भी जाकर एक चेयर पर बैठ जाती हैं।
ज्योति जी उसे घूरते हुए , " पति के खाने के बाद ही पत्नी खाती हैं। वह भी पत्नी पति की थाली में समझी आप तो आगे से आप यहां नहीं बैठेंगी। "
अधीरा अपने पेट को पकड़ते हुए , " पर मासा मुझे बहुत तेज भूख लग रही हैं। मुझे भूख कंट्रोल नहीं होती बस थोड़ा सा खाऊंगी ज्यादा नहीं। "
ज्योति जी थोड़ा सा खाने के बाद वहां से उठते हुए , " आपकी पहली रसोई की रस्म समाप्त हो चुकी हैं। अब आपको गांव के लिए रवाना होना है और जब आप वहां से वापस आएंगी तो हमने जैसा आपसे उम्मीद करी है हमें वही चीज मिलेगा। " बोलते हुए वह अधूरी की तरफ देखते हैं।
अधिरा जीसे कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था। वह उन्हें देखते हुए , " पर कोई मुझे भी बताओ ऐसा भी क्या है वहां पर ? जो मुझे पता ही नहीं है। "
ज्योति जी उसे इस तरीके से इग्नोर कर देती हैं जैसे वह उसके सवाल का जवाब देने में जरा भी दिलचस्प ना हो। एक सर्वेंट से आगे की तरफ आगे जाते हुए , " आप चले और चलकर हमारे साथ सामान पैक करने में मदद करिए नई बहु रानी वही तो वहां जाकर थोड़ा गांव का स्वाद चख लेंगी। "
और अद्विक की तरफ देखते हुए , " और आपको , आपको पता है ना वहां पर वहां पूजा का भी आयोजन किया गया है और हम आपसे उम्मीद करते हैं जो हमने कहा है और जिस चीज की वहां पर जरूरत होगी अब वह सारी चीज बिना किसी रूकावट के करेंगे। "
अद्विक अपना सर हिला देता है और खाने पर फोकस करने लगता है। वही अधीर कन्फ्यूजन से खुद से सोच रही थी उसका दिमाग में कुछ चल रहा था और अगले ही पल उसके चेहरे पर बड़ी सी स्माइल आ जाती हैं।
वो मुस्कुराते हुए बोली , " The way I was cast I will run away from under your nose Mr Patidev now see what I do if I also bend you backwards my name is also Andhira Rajput . "
वह अपनी नाक को टशन में रब करती हैं। उसके चेहरे पर मिस्टीरियस स्माइल थी। या यु कहो वो शैतानों की तरह हंस रही थी अंदर-अंदर।
मिलते है अगले भाग में please follow kar lo or comment bhi karna thank you 😊