अधीरा टूटे हुए पल्ग को देख,चिल्लाते हुए तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है क्या? तुमने बेड तोड़ दिया लोग क्या सोचेंगे हमने क्या कर था? वो प्रेशनी से सर पर हाथ रख लेती है ।
अद्विक हाथ सीने पर स्मिर्क करते हुए उसे देख रहा था,फिर कुछ गला साफ़ करते हुए बोला, हम क्या कर रहे थे? हम तो जिस काम के लिए यहां पर आए हैं हम तो बस वही कर रहे थे और रही बात पलंग टूटने की तो फिर लोग यही सोचेंगे कि हमारी पत्नी में जरूर से ज्यादा ताकत है । इसीलिए यह पलंग टूट गया ,वो स्मिर्क कर रहा था।
अकीरा का चेहरा पूरा लाल हो जाता है वह उसकी डबल मीनिंग बातें बहुत ही अच्छे से समझ रही थी वो उसे घूरते हुए, तुम तुम्हें तो मैं छोडूंगी नहीं वो इधर-उधर कुछ देखने लगती है।
अद्विक उसके दोनों हाथ पकड़कर थोड़ा झुक
बाहों में उठा लेता है। अधीरा बड़ी-बड़ी आंखों से उसे देखने लगती हैं । अद्विक उसे सीधा दूसरे कमरे में लेकर आता है ।और बेड पर उल्टा लेट आते हुए बोलता है। , चुपचाप यहां लेते रहिए हम आपका इलाज करते हैं। बोलते हुए वह उसकी कमर से दुपट्टे को अलग करता है जिस आधीरा ने पिन से सेपरेट किया हुआ था ,
अद्विक उस निशान को देखता है जिसमें से खून निकल रहा था, उसे चोट रीड की हड्डी में लगी थी जिस वजह से वो जाखाम कुछ गहरा सा लग रहा था अधीरा को लोअर बैक पर उसके हाथ महसूस कर रोंगटे खड़े होने लगते हैं वह एकदम से पलटते हुए चिढ़ कर बोली I don't need your help, understand you idiot
अद्विक उसके बात पर उस से दूर हो जाता है । और कुछ देर बीना इमोशन के उसे घूरने के बाद वहां से बाहर की तरफ जाते हुए बोला, आपको जेसे सही लगे पत्नी जी अब आप वही करिए क्योंकि रात होते-होते आप खुद इस दर्द से परेशान हो जाएंगे,
अधीरा चिल्लते हुए बोली, मुझे तुम्हारी कोई जरूरत नहीं है और ऐसा भी यहां पर कुछ करना नहीं है जो मुझे दर्द और तकलीफ होगा समझे तुम बोलते हुए वह उठकर खड़ी हो जाती हैं।
एक झटके से उठने की वजह से उसे अपने कमर पर खिंचाव महसूस होता है ।और दर्द से वह सिमट जाती हैं। खुद को शांत कर अपने कपड़ों को ठीक करते हुए बाहर आते हैं।
उसकी नजर अद्विक पर जाती है ।जिसे कुछ भी नहीं पहना हुआ था और उसके सामने दो आदमी खड़े हुए थे जो उसे सर झुका कर बात कर रहे थे, अद्विक जाकर बाहर चारपाई पर बैठ जाता है। जो लकड़ी की थी और वहीं पर बिछी हुई थी, और साथ में कुछ दूरी पर दो डंडे के सहारे रसिया बनी होती शायद वहां पर कपड़े सुखाए जाते थे , तभी वहां पर गांव के ही दो औरतें आती हैं। और
अद्विक की तरफ देख अपना सर झुकाते हुए , प्रणाम कुंवर सा, कुआं रानी सा कित्थे हैं । हम यहां पर उनकी सहायता के लिए आए हैं।
अद्विक हाथ से ही उन्हें अंदर की तरफ इशारा कर देता है उसने उन लोगों से एक लफ्ज नहीं कहा था और ना ही एक नजर उठा कर देखा था वह दोनों अधीरा के पास आ जाती हैं ।
अधीरा उन दोनों को देखने के बाद अपने दोनों हाथ जोड़ लेती हैं। पता नहीं क्यों उसके हाथ अपने आप जुड़ गय थे, वह दोनों औरतें घूंघट को अपने दांतों से दबाते हुए अंदर की तरफ इशारा कर बोली , कुंवारा रानी सा यह रस्म वर्षों से चलती आ रही हैं। अब आप चलिए हम आपको काम के बारे में समझा देते हैं।
बोलते ही हुए वह लोग अधीरा,को अपने साथ किचन में ले आते हैं।
जहां पर पूरी गांव की तरह किचन को बनाया गया था जमीन पर छोटे से पटरी पर बैठकर खाना बनाना था यहां पर हर चीज के साथ डब्बे रखे हुए थे वहां पर किसी भी चीज की कमी नहीं थी अधीरा चूल्हे की तरह दिखती है और फिर उन औरतों की तरह देखते हुए बोली , पर मुझे खाना बनाना नहीं आता है। फिर मैं कैसे बनाऊंगी भला।
वह औरतें हाल हंसते हुए बोली , रानी सा आप हमारे साथ मजाक कर रहे हैं। राजस्थान के होने वाले नए युवराज हैं राजगद्दी उनके नाम है और आप उनकी धर्मपत्नी उनकी अर्धांगिनी और आप को खाना बनाना नहीं आता आप हमसे मजाक मत करिए,
अधीरा उनकी बात सुनकर खुद में बडबडाने लगती है उसे बहुत तेज गुस्सा आ रहा था। वह औरतों जैसे-जैसे अधीर को बताते जा रही थी ,वह चुपचाप करती जाती है और कुछ ही देर में खाना बनाकर तैयार हो जाता अधीरा अपने माथे में भरा हुआ पसीने को हाथ से साफ करते हुए बोली, फाइनली खाना तो बन गया काम खत्म हुआ बोलते हुए गहरी सांस लेती हैं ।
तभी वह औरत अधीरा की तरफ देखते हुए, नहीं कुआरानी सा अभी काम तो बस शुरू हुआ अभी सिर्फ खाना पका है, अभी आपको दूध निकालना है और फिर गाय को चारा भी तो डालना है। उसके बाद आपको उपले बने हैं। और फिर आपका काम खत्म होगा और हां सोने से पहले एक बार घर को जरूर लिप लीजिएगा मिट्टी और गोबर को मिक्स करके ।
अधीर का चेहरा एकदम उल्टी जैसा हो चुका था वह हैरानी से उन्हे देखने लगती है। वह दोनों औरतें अधीरा को धीरे-धीरे काम सीख कर बात कर वहां से चले जाते हैं उन दोनों के जाने के बाद गहरी सांस लेती है ।और वहीं जमीन पर लेट जाती हैं।
,
धीरे धीरे सूरज ढल चुका था, शाम हो चुके थे अद्विक कुछ देर बाद गांव की समस्याओं को हल करके जैसे ही घर में कदम रखता है , उसकी नजर वही लिविंग हॉल में लेटी हुई अधीरा पर जाती है जो शायद लेते-लेते कब सो गए उसे भी एहसास नहीं था,
अद्विक उसके पास आ उसके ऊपर पानी चढ़ाते हुए बेहद शान्त आवाज में बोला, बोला, आप यहां क्या कर रही हैं ,? आपको सोना था तो आप कमरे में जाकर सोती
अधीरा एकदम से हड़बड़ा कर उड़ जाते हैं और अद्विक को घूरने लगती है ।
अद्विक उसकी नजरों को इग्नोर करते हुए बोला, हम नहा कर आते तब तक आप खाना लगाइए और हां एक चीज और आज तो गांव की औरतों ने आपकी मदद कर दी थी पर कल से सब कुछ आपको करना है ।और सुबह 5:00 बजे आप उठ जाएगा समझी आप बोलते हुए कमरे में चला जाता है।
एक वाइट कलर की धोती लेकर सीधा बाहर आ जाता है अधीरा उसे कन्फ्यूजन से देखते हुए बोली, तुम तो नहाओगे पर मैं कहां नहाउंगी यहां पर तो बाथरूम भी नहीं है। नहाने के लिए और ना ही शावर है। तो नहाएंगे कैसे ।
अद्विक उसकी बात पर एक नजर देख उसका हाथ पकड़ कर उसे अपने साथ ले जाते हुए बोला,बाहर कुआं है
हां तो कुआ है तो क्या मतलब उसके अंदर डुबकी लगा लू और फिर बाद में नहा कर बाहर निकलूंगी।
अद्विक बाल्टी भर भर के पानी निकलता है। और साइड में बने हुए एक बाथरूम जैसी जगह पर जाकर वहां पानी भर नहाने लगता है।
अधीरा उसे देख लाल हो जाति है। उसके चेहरे पर फार्सट्रेसेशन साथ दिख रही थी वह बढ़बढ़ते हुए बोली, कह फस गई मैं ? और यह किस काम का राजा है जो सारे काम खुद ही करता है । मुझे नहीं रहना यार यह वह वहीं पर खड़ी हुई खुद में बोले जा रही थी ।
अद्विक नहा कर बाहर आ जाता है अधीरा की नजर अद्विक पर पहले से थी, वो अभी सिर्फ एक सफेद कलर की धोती अपनी कमर पर बंधी हुई थी, शरीर से टपकता हुआ पानी उसकी बॉडी को बहुत ही ज्यादा अट्रैक्टिव कर रहा था। रात में उसका शरीर किसी चांदी की तरह चमक रहा था । उस पर चांद की चांदनी उसे और ज्यादा अट्रैक्टिव बना रही थी।
अधीरा उसकी शरीर से बहती हुई नीचे की तरफ फिसल रही पानी की बूंद को देखने लगती हैं। उसे अपना गला सूखता हुआ महसूस होता है । वह जीव को हल्का सा बाहर निकाल अपने होठों को गीला कर , उसे टकटकी लगा कर देखने लगती है।
अद्विक बिल्कुल उसके पास आ एक हाथ बाल में डाल अपने बालों को झटकते हुए बोला , आप हमने आपके लिए पानी भर दिया आप जल्दी से स्नान करके आई है उसके बाद साथ में खाना खाएंगे।
आदिरा उसके बात पर सर हिला चुपचाप अंदर चली जाती है । उसे अद्विक के शरीर से निकल रहा वह डरावना और उसकी वह वाइफ, उसके विनाश हाथ, शरीर से निकल रही मनमोहक खुशबू उसका ,वो और महसू
स कर उसकी सास गहरी हो रहे थे, गला एक दम सुखा हुआ लग रहा था,और शरीर में अकड़न महसूस हो रही थी ।
कुछ देर बाद ,
अधीरा नहा कर आती है ।उसने इस वक्त एक बहुत ही हल्का सा लहंगा चोली पहना हुआ था उसके चेहरे पर नाराजगी साफ जाहिर हो रही थी ,उसको गीले बाल जो जिनसे पानी टपक रहा था, वो बाल साइड kr अंदर आते हैं ।और इधर-उधर देखने लगती है। जैसे वह कुछ ढूंढ रही हो।
अद्विक जो कुछ पेपर देख रहा था उसे कुछ ढूढता देख उसके पास आकर बोला, यह आप इधर-उधर क्या देख रही है? चलिए चलकर खाना खा लीजिए रात काफी हो गई, कल से आपको सुबह जल्दी उठना है ।
अधीरा उसकी तरफ देखती है। उसका बिल्कुल भी मन नहीं था कि आज अद्विक से लड़ाई करें या, कुछ कहे वह थकी हुई मेहसूस कर रहि हो, वो बिना कुछ कहे फिर से फिर से कुछ इधर-उधर ढूंढने लगते हैं।
उसे अभी अपने बालों को सुखाना था पर उसे ठंड बहुत जल्दी होती थी अधीर अपना हाथ से ही बालों को सुखाते हुए खुद में बढ़बाई, यहां तो ड्रायर भी नहीं है बाल कैसे सिखाऊ, ?
अद्विक एक नजर उसके लंबे बालों को देखा एक छोटी सी पीतल की चिराग जैसी शेप का बर्तन निकाल उसके ऊपर कोयल रख कुछ और भी डालता है जिसे बहुत अच्छी स्मेल आ रही थी,
अद्विक अधीरा को ले जाकर कुर्सी पर बैठा था और खुद धीरे-धीरे उसके बालों के नीचे उसे लेकर जाता है। और उसे उसके बालों
को सुखाने लगता है।
कुछ देर बाद,
। अधीर के बाल एकदम सूख जाते हैं। अधीरा तेरी नजरों से अद्विक को देखती हैं जो बहुत ही आराम से उसके बालों को सुख रहा था, इस बीच अन दोनो के बिच गहरी ख़ामोशी थी उसके चेहरे पर एक्सप्रेशंस बिल्कुल भी मौजूद नहीं थे ,
अधीरा खुद से बोली , es आदमी को इतना कुछ कैसे आता ? हम्म हां ऐसा भी तो हो सकता है ना कि उसने उसे इसका कोई दोष हो और जिसे मिटाने के लिए ये सब कर रहा हो, ga यही होगा वरना आज कल के लोग ऐसा थोडी करते है। और उसके बाद ये किसी ओर के साथ शादी करें और उसके बाद मुझे छोड़ देगा , वह यह सब सोच रही थी,
अद्विक कुछ देर बाद उसे दूर हो कर बोला, होगाय आप ये एसबीआरएमटी इस्तमाल क्रिया बाकी आपके बाल इसे अच्छे से सूखर्ब्बी जायेगे और तंदुरुस्त भी हो जायेगा , अभी कमजोर है थोड़े,जैसे अभी आप कमजोर है पर कोई बात नहीं हम है ना हम आपको अच्छे से तंदुरुस्त kr देगे बोलते हुए उसकी नज़र अधीरा के सीने पर थी, जहा से पल्लू खिसक गया था और उसकी किलेवझ दिख रही थी,
अधीरा जो अपने खयाल में गुम थी उसकी बात पर हैरानी से उसे देखने लगती है। फिर डांट क्रिकेट आते हुए बोले तुम बेशर्म इंसान तुम्हें तो मैं बोलते हो अपनी उंगलियों को अजीब तरीके से मसल रही थी जैसे वह आदमी का गले को मसल रहे हो फिर कुछ देर रुक कर बोली
, तुम सच-सच बताओ तुम्हारी पहले भी शादी हो चुकी है ना तभी तुम्हें इतना सब कुछ आता है ।वरना आज के टाइम पर तो किसी लड़के को किसी चीज के बारे में नॉलेज ही नहीं होते ,
अद्विक उसकी बात पर एक आईब्रो ऊपर की तरफ उठता है और अंगूठे से उसे हल्का सा रब करते हुए अपने गार्डन के पास रख बहुत ही सेंसेशनल तरीके से अपनी गर्दन पर चलते हुए बोला। , हम कोई 17 18 साल का लड़का नहीं है हम पूरे 30 साल के नौजवान मर्द है। जिसे अपनी बीवी का ख्याल रखना बहुत अच्छे से आता है। समझी आप और आप अपने दिमाग में जोर डालना बंद करें वैसे ही आपके पास दिमाग बहुत कम है ।
अद्विक बाहर की तरफ कदम बढ़ाते हुए बोला, जल्दी बाहर जाइए भूख लग रही है। हमें बोलते हुए वह बाहर आ जाता।
अधीरा अपने बालों को आगे करके टच करके देखती है। उसके बाल पहले से भी ज्यादा सॉफ्ट सिल्की हो चुके थे उनमें से निकल रहि खुशबू बहुत ही अट्रैक्टिव थी। अधीरा के चेहरे पर स्माइल आ जाती है। वह सीधा बाहर आती हैं।
उसने कोई पल्लू नहीं ले रखा था उन दोनों के सिवा इस पर झोपड़ी में कोई नहीं था, तो वह वैसे भी यह सारी चीज नहीं मानते थे आप दोनों की सेवा वहां कोई नहीं था तो वह लेना जरूरी नहीं समझती थी।
वो किचन में जाते हैं और जल्दी से खाना निकाल कर बाहर लेकर आती है ।उसकी आंखों में एक अजीब से चमक थी
वह खाने को अद्विक के सामने रखती है और खुद दूसरे साइड बैठ कर अपनी प्लेट में खाना निकलने लगती हैं अद्विक तुरंत उसके हाथ को रोक लेता है।
अधीरा हैरानी से उसकी तरफ देखने लगती है।
अद्विक उसे आंखों से ही अपनी तरफ आने का इशारा करता है ।
अधीरा चढ़ते हुए , बिल्कुल भी नहीं वहां पर मैं तुम्हारी जबरदस्ती की पत्नी थी इसलिए तुम्हारी झूठी प्लेट में खा रही थी, पर अब नहीं खाऊंगी समझे तुम और अगर इतना ही है तो तुम क्यों नहीं मेरी झूठी प्लेट में खाते, ऐसी कौन से ग्रंथ में लिखा है कि सिर्फ औरतें ही आदमियों की झूठी प्लेट्स में खाएंगे आदमी नहीं खा सकते।
अद्विक उसके बात पर एक नजर उसे देख अपनी प्लेट को साइड कर उसकी प्लेट को खींचते हुए बीच में रख देता ।
अधीरा बड़ी-बड़ी पलके झुका कर उसे देखने लगती है। और मुंह बनाते हुए खाना खाने लगती है।
बिना किसी इमोशन से कुछ देर खाना खाता है। और उठकर सिद्ध कमरे में चला जाता है ।
अधीरा मुंह बनाते हुए उसे देखती है फिर खुद में बोलती r। , इसे देखकर तो ऐसा लग रहा है जैसे यह मुझे किसी दासी की तरह लेकर आया है। वह बोलते हुए बर्तन उठाने लगती है उसे अपने कमर में फिर से दर्द महसूस होता है वह चुपचाप जाकर सारे बर्तन उठा कर रखते हैं सीधा दूसरे कमरे में चली जाती उसकी नजर टूटे हुए पलंग पर जाती हैं। वो बनाते हुए अब मैं कहां लेटुगी वहां पर इतना छोटा सा बेड और यह टूट गया भगवान जी आपको सारी प्रॉब्लम्स मेरी लाइफ में लानी होती हैं। ना पहले वह गोरिल्ला जैसा आदमी को लेकर और अब उपर से ये अभी पलंग टूट गया अब मैं कहां से लेतुगी
अद्विक उसके पास आता है और उसे अगले ही पल अपनी बाहों में ब्राइडल स्टाइल में उठा लेता है।
अधीरा के हाथ अद्विक के खुले हुए चौड़े कंधे पर आ जाते हैं ।वह उसे देखते हुए , तुम क्या कर रहे हों? छोड़ो मुझे उतरे नीचे,
Aaj ka chp long or time se jaldi diya hai please acche acche comments dena 🥹
Milte hai chapter 13 me