tumhari shadi hai chapter 13 in Hindi Love Stories by Luna Rinn books and stories PDF | तुम्हारी शादी है भाग 13

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तुम्हारी शादी है भाग 13

अद्विक उसे अच्छे से पकढ़ते हुए ,अगर आपने जवान चलाएं तो अभी पटक देंगे हम अधीरा जल्दी से उसे पकढ़ते हुए, तुम मुझे बार-बार इस तरीके से गोद में नहीं उठा सकते,

अद्विक बिना कुछ कहीं से कमरे में लेकर आता है उसे लाकर सीधा बेड पर उल्टा लुटा देता है । अधीरा पलटती हुए बोली, ये तुम क्या करने की कोशिश कर रहे हों? मुझे तुम्हारे इराद बिल्कुल भी नेक नहीं लग रहा है । तुम्हारी नियत मुझ पर फिसल रही है ।

सही-सही बताना तुम वह ऐसे ही है ना।

अद्विक उसके ऊपर झुकते हैं खुमारी में बोला, हमारी नियत तो आप पर पहले ही दिन से खराब थी, पूरी तरीके से खराब होना बाकी है ।पत्नी जी बोलते हुए उसे लेटा देता है ।

अधीरा उठने को होती है । कि उसे अपने कमर पर कुछ ठंडा ठंडा महसूस होता है । वो अपना सर टेढ़ा करके देखती हैं ।अद्विक के हाथ में छोटे से कटोरी थी जिसमें वह किसी किस्म का लेप लिए उसकी कमर पर धीरे-धीरे लगा रहा था । आदिरा उसके छूने से सिहर जाती है। उसने बिस्तर को अपने मुट्ठी में मजबूती से भर लिया था

अद्विक फूंक मारते हुए धीमी मगर ठंडी आवाज में बोला, सुबह तक आपको बिल्कुल भी दर्द महसूस नहीं होगा अब आप चुपचाप ऐसे ही सो जाइए , बोलते हुए वह अपने हाथ धोकर आता है और उसके बगल में लेटने लगता है।

अधीर उसे उठाते हुए घबराहट में बोली, यह तुम क्या कर रहे हो ? तुम यहां नहीं लेट सकते यह बहुत ही छोटी सी जगह अगर तुम यहां लेटोगे तो में कहा लेटुगी? हम दोनों इतनी सी जगह पर फिट नहीं आएंगे,

अद्विक उसकी बात पर एक नजर पलंग पर डालता है। सच में पलक काफी छोटा था उन दोनों के हिसाब से वह सिंगल बेड से भी ज्यादा छोटा था जिसमें या तो अद्विक अच्छे से लेट सकता था या फिर सिर्फ अधीरा

अद्विक उसे एक नजर देख खुद बेड पर पूरी तरीके से पसर जाता है। अधीरा उसे लेटा हुआ देख खुद उठ जाती है। अद्विक तुरंत उसकी कलाई को पकड़ कर खींच लेता है ।

अधीरा सीधा उसके ऊपर जाकर गिरती है। आंखों को टिमटिमाते हुए उसे देखने लगती है

अद्विक उसे अच्छे से अपने ऊपर लिटाते हुए उसके पीट को धीरे-धीरे थपथपाने लगता है।

तुम क्या कर रहे हो ? छोड़ो मुझे मुझे तुम्हारे साथ नहीं सोना, यह क्या बदतमीजी छोड़ो छोड़ो मुझे मैंने कहा ना छोड़ो ।

अद्विक एक हाथ उसकी पीठ पर रखता है और दूसरे हाथ से उसके सर को सहलाते हुए गहरी मगर ठंडी आवाज में बोला,सो जाइए कहीं ऐसा ना हो जिस हालत में हम दोनों अभी हैं उस हालत में आपको पूरी रात हमारी शिद्दत को बर्दाश्त करना पड़ जाए, वैसे भी आपकी कमर में बेहद दर्द है । कहीं वह दर्द अगर बढ़ गया तो आप सुबह 5:00 तो क्या वहां के 10:00 भी नहीं उठ पाएंगे, बोलते हुए उसके पीट को थपथपाने लगता है।

अधीर खाना बना कर ही इतना ज्यादा थक चुकी थी वो दोबारा हिलने तक की कोशिश नहीं करते और वह वैसे ही लेटी रहती है।

पर उसके दिमाग में कुछ चल रहा था वह खुद से बडबडाते हुए बोली , तुम कुछ भी कर लो लेकिन मैं तुम्हें इतनी आसानी से नहीं जाने दूंगी मैं भी तुम्हारी नाक ना कटवा दी तो मेरा नाम भी अधीरा राजावत नहीं, बोलते हुए

अद्विक को देखती है जिसने अपनी आंखें बंद कर ली थी अद्विक मैं जैसे उसकी मन की बात सुन लि हो

वह उसके कान के पास आ बिल्कुल खुसुर पुसुर करते हुए बोला , आप अधीरा राजावत है भी नहीं पत्नी जी आपका पूरा नाम अधीरा अद्विक सिंह सहरावत है ।

अधीरा हड़बड़ा जाती हैं। उसने तो यह बात अपने मन में कही थी, आखिरको कैसे पता चल गया वो यही सोच रही थी कि अद्विक उसके कान के पास एक बार फिर wese hi बोला , आप इतना तेज सोचती हैं कि हमारे तक आपकी आवाज पहुंच जाती और वैसे भी हम लोग दो जि स्म एक जान है। आप हमारी हालत देखकर यह तो पता कर ही चुकी होगी ना, बोलते हुए वह उसके बालों को सहलाने लगता है ।

अधीरा के लंबे बाल एक साइड लहरा रहे थे ,और कुछ ही देर में वो गहरी नींद में चली जाती हैं।

अद्विक की गर्माहट भरी हुई बाहों में उसे वह सुकून मिल रहा था जो शायद उसे कभी मिला हो वो गहरी नींद में जा चुकी थी,

पर अद्विक उसे सोता हुआ देख रहा था उसकी आंखें नींद को से दूर थी

Next morning ,

छोटी सी खिड़की से सूरज की सुनहरी किरने सीधा अंदर उस छोटे से पलंग पर पढ़ती हैं ।जिसमें अधीरा

अद्विक की बाहों में सिमट कर सो रही थी,उसकी आंखें धीरे-धीरे खुलने लगती हैं । सूरज की तेज रोशनी अपनी आंखों में महसूस कर आंखों के ऊपर हाथ रख लेती है। उसकी आंखें अभी पूरी तरीके से खुली नहीं थी, उसे महसूस हो रहा था जैसे कोई उसे जकड़ कर सो रहा हो , अधीरा अपना चेहरा धीरे से घूमते हुए सामने की तरफ करती हैं। उसकी आंखें सीधा अद्विक के कोल्ड फेस पर चली है।

अद्विक का वह ठंडा चेहरा हल्के बिखरे हुए बाल जो माथे पर झूल रहे थे , तीखी नाक जो एकदम खड़ी थी तो वही परफेक्ट जो लाइन जो बहुत ही ज्यादा अट्रैक्टिव लग रही थी, अधीर की नजर उसकी जो लाइन से सीधा उसके गले पर आते हैं। जहां उसके गले की हल्की सी हड्डी थोड़ी सी बाहर की तरफ निकली हुई थी , जिसे देख अधीरा को अपना गला सूखता हुआ महसूस होता है। वह अपने लिप्स को धीरे से लिख करते हुए बड़बड़ कर बोली, इतने वक्त से मैं इसके साथ हूं ,पर कभी इसके चेहरे पर इतना गौर नहीं करा कुछ भी कहो कैसा भी हो, है तो बहुत ही खूबसूरत,

इसे देखकर तो मेरी नियत डगमगा रहे हैं।

बोलते हुए वह थोड़ा सा उसके होठों पर झुक जाती हैं। उसके लंबे बाल गार्डन के एक साइड झूल रहे थे , और कुछ लटे दूसरी साइड से अधीरा के चेहरे पर झूल रही थी,

अधीरा थोड़ा सा उसके ऊपर उंगली फिसलते हुए आते हैं और उसके गाल पर अपने होंठ मजबूती से चिपकाते हुए लिख कर लेती हैं । उसके चेहरे पर प्यारी सी स्माइल थी ,

वो इसे ही दूसरी तरफ अपना चेहरा कर फिर से उसके गालों पर चूम लेते हैं। और एक बार हल्का सा ऊपर आ उसके फोरहेड पर किस कर उसके नाक से अपने नाक को रब करते हुए बोली, तुम्हारी तीखी नाक तो कितनी प्यारी है ।बिल्कुल तोते की तरह हां तभी तो इतनी ठंड एक्सप्रेशंस लेकर घूमते रहते हो, बोलते हुए उसके होठों के पास आती हैं।

अद्विक के हल्के भूरे कलर के होंठ जो पतले थे देखने में उसके चेहरे पर सबसे ज्यादा अट्रैक्टिव और सूटेबल थे,

अधीरा उसके होठों को देख एकदम उसके होठों के नजदीक आ जाती हैं ।उन दोनों की नाक आपस में टच हो रहे थे, जहां अद्विक की गहरी सांस अधीरा की तेज चलती हुई सांसों के साथ मिलते हुए एक खूबसूरत सा सुबह का शोर बना रही थी,

जहां बाहर चिड़ियों की चहचहाने की आवाज थी तो वही अंदर का माहौल कुछ गरम सा हो चुका था,

अधीरा उसके होठों पर हल्के से अपने होठों को और नजदीक लाती है उसके होंठ हल्के से बस उस से टच होने वाले थे , कि अद्विक की आंख खुल जाती है ।

अधीरा जो उसे देख रही थी एकदम घबरा जाती है। और उसके होंठ सीधा अद्विक के होंठ से जा मिलते हैं, वह बड़ी-बड़ी पलके झपके हुए अद्विक को देखने लगती है। अद्विक टर्न होता है । और सीधा उसके ऊपर आते हुए अधीरा को अपने निचे कर उसके दोनों कलाइयो

पर अपनी पकड़ बनाते हुए सीधा हथेलियां से होते हुए अपनी उंगलियों को अधीरा की उंगलियों से उलझा लेता है,

था वह दोनों एक दूसरे की आंखों में देख रहे थे , अधीरा की सांसे तेज चल रहे थे, अद्विक उसके होठों के बिलकुल खिलाफ जाकर उसकी आंखों में जागते हुए बोला, आप जानते हैं हम आपकी इन आंखों में गुम होना चाहते हैं , इस कदर डुबना चाहते हैं। कि फिर कोई रास्ता ना मिले, और हम उस रास्ते की तलाश भी नहीं करना चाहते, बोलते हुए वह एक गहरी सांस उसके होठों पर छोड़ता है ।

अधीरा की आंखें मजबूती से बंद हो जाती हैं। वह अपना चेहरा दूसरी तरफ करने लगती हैं।

अद्विक अगले ही पल उसके दोनों हाथों को एक हाथ में लेकर ऊपर की तरफ प्रेस कर देता है ।

अधीरा एकदम से उसकी तरफ देखने लगती है।

अद्विक उसके जो लाइन पर उंगली टिकाते हुए उसके होटो को अपने होंठ में ले लेता है।

अधीरा एक गहरी लंबी सांस खींच के रह जाती हैं ।

अद्विक उसके ऊपर के होठों को चूम रहा था , वह कतरा कतरा उसके होठों में बहता चला जा रहा था, ।

" अधीरा की सांस तेज हो जाती है । वह अपने हाथों को छुड़ाने की कोशिश करने में लगती है । हिलने लगती हैं।"

" अद्विक तुरंत उसके पैरों के बीच में अपना पैर रख उसकी खुली हुई कमर पर अपने हाथ ले जाते हुए , ऊपर की तरफ पुश करता है ।

अधीरा की कमर बेड से ऊपर की तरफ उठ जाती हैं। उसका नाजुक सा पेट अद्विक के चौड़े सीने से टच कर रहा था , उसका मजबूत सीन अद्विक के कैसे हुए सीने को बार-बार छू रहा था, जिससे उन दोनों के बीच एक अलग सा ,एक अजीब सा एहसास पनप रहा था,

" अधीरा के सास से तेज होती जा रही थी,जहां अद्विक उसे छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था , वह उसके लोअर लिप पर हल्का सा दात गढ़ाते हुए उसे चूम रहा था

अधीरा अपनी आंखें मजबूती से बंद कर लेटी थी, उसे एक मीठा अजीब स एहसास हो रहा था,

अद्विक उसके होठों को जीब से खोलता हैं ।जिसके साथ उसका होट खुल जाते हैं ।

अद्विक तुरंत उसकी जीभ से अपनी जीभ को उलझा

उसे गहराई से चूमने लगता है।

अपनी जीभ को उलझते हुए चू सने लगता है।

अद्विक को लगातार उसकी जीभ से खेल रहा था। अधिरा चाह कर भी उससे दूर नहीं हो पा रही थी,अद्विक अपना हाथ उसकी कमर पर चलाते हुए ऊपर की तरफ लेकर आता है । और उसके ब्लाउज का हुक खोल देता है। अधीरा जिसने अपनी आंखें बंद कर ली थी, उसकी हरकत पर उसकी आंखें एकदम से खुल जाती हैं। वह उस के होठों पर दात गढ़ाने के लिए जैसे अपने दांत आगे की तरफ करती है

अद्विक पेशन के साथ उसके होठों को चूमने लगता है।वो कभी उसके लोअर लिप को श क कर रहा था, तो कभी होठों को गहराई से चूम रहा था , वो काफ़ी एग्रेसिव हो गया था जैसे वो अभी उसके होठों को निगल ही जायेगा,।

" अधीर को अपने होठों में दर्द महसूस होने लगता है। अद्विक उसके होठों पर अपनी शिद्दत लुटाता चला जा रहा था, उसकी आंखें बंद थी और चेहरे पर कोई इमोशंस नहीं थे, उसके हाथ लगातार अंधीरा के कमर के साथ छेड़खानी करते हुए, उसके ब्लाउज की डोरियों और हूक को खोल रहे थे, करीब 20 मिनट की पैशनेट किस के बाद , अद्विक उसके होटो को छोड़ देता है ।

अधीरा गहरी सांस लेने लगती हैं ।

अद्विक अभी भी उसके होठों को चूमने के बाद उसे दूर हुआ था , पर अभी भी वह उसके ऊपर ही लेटा हुआ था। उसके हाथ में अभी भी अधीरा के नाजुक से हाथ उलझे हुए थे, अद्विक उसके गुलाब की तरह लाल हो चुके होठों को देखने लगता है। उन दोनों के होठों पर सलाइवा लगा हुआ था , जिसकी वजह से दोनों के होंठ चमक रहे थे,

अद्विक उसके लोअर लिप को एक बार फिर से अपने होठों में ले लेता है। और प्यार से चूमते हुए दांत गडकर दूर हो जाता है ।

अधीरा अपनी आंखें खोल उसे घूरने लगती हैं।

अद्विक टेढ़ी नजरों से उसे ही देख रहा था । उसकी नजर अधीरा के सीने पर थी, जहां उसका ब्लाउज लूज हो चुका था। गहरी सांस लेने की वजह से उसका सीना ऊपर नीचे हो रहा था। और ब्लाउज हल्का सा नीचे खिसक गया था , जिसकी वजह से उसकी किलिवाझ दिख रही थी , जो काफी अट्रैक्टिव लग रही थी।

सूरज की रोशनी में उसका चेहरा और बेदाग बदन जो किसी सोने की तरह धमक रहा था ।

अद्विक उसके होठों पर एक बार फिर से अपने होंठ लेकर जाता है । और उसके होटो को

जीभ से लिक करते हुए उसके होठों के रस को पीते हुए बोलता है।

आपके होठ बेहद ही मीठे है। बिल्कुल गुलाब के रस की तरह , मन कर रहा है । बस पीते ही रहे , पीते ही रहे छोड़ें ही ना,

अधीरा जो अपनी सांसों को बटोरने में लगी हुई थी वह एकदम से पलंग पर उठकर बैठते हुए गुस्से से भड़कते हुए बोली, you uuuuuuuuuuu blady basterd, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे किस करने की, ? मैं तुम्हें.

उसने इतना ही बोला था कि एक बार फिर से उस कमरे में चूमने की आवाज गूंजने लगती है।

अद्विक बिना वक्त गवाए तुरंत उसके चेहरे और सर को पकड़ते हुए अपनी तरफ झुका उसके हल्का सा अपनी तरफ टेढ़ा करते हुए उसके होठों पर टूट पड़ा था , एक बार फिर से उसके होठों को चूमने लगता है । अधीर उसके सीने पर तेजी से हाथ मारने लगती हैं। उसे खुद से दूर करने की कोशिश करने लगती हैं।

पर अद्विक उसे एक बार भी नहीं छोड़ता ,बल्कि उसके दोनों हाथ को पकड़ उसके पेट पर लगा देता है।

अधीरा की दर्द भरी सीसकी निकल जाती है।

पहले ही अद्विक ने उसकी कमर पर बहुत ही तेजी से अपने हाथों को चला दिया था, और अब वापस इस तरीके से हाथ हो उसकी कमर पर लगाना उसे दर्द दे गया था । उसका जख्म भले ही हल्का हो गया था। पर उसमें दर्द अभी भी था ।

अद्विक उसके होठों को चूमते हुए थोड़ी देर में ही उसे दूर हो जाता है ।

अधीरा गहरी सांस लेने लगती है उसने अपनी आंखें बंद कर ली थी , और इस तरीके से अद्विक का खुद के ऊपर झुकना उसका ब्लाउज काफी हद तक लूज कर गया था।

जो खिसक कर आधे से ज्यादा नीचे आ गया था।

अद्विक बेसर्मो की तरहा उसके क्लिवझ को देखने लगता है । जो बहुत ही ज्यादा दिख रही थी, 

अधिरा जिसमें सांस लेना शुरू ही किया था,

अद्विक की हरकत पर उसके सास तेज हो जाती है ।वह गहरी सांस लेने लगी थी। उसने अपने पैरों की उंगलियों को मजबूती से अंदर की तरफ मोड़ लिया था। उसके सास बेहद तेज थी, वह मचल चुकी थी, पूरी तरीके से उसके बाहों में "

अद्विक उसके गले पर चूमते हुए नीचे की तरफ आता है। और उसके ढीले हो चुके ब्लाउज को दांतों से नीचे खीसका उसके सीने पर चूमने लगता है ।

अधीरा ने अपनी मुठिया मजबूत कर ली थी वह तड़प भरी आवाज में गहरी सांस भरते हुए बोली , तु.म तु.म क्या क.र र.हे हो? छो.ड़ो छो.ड़ो मु.झे तु.म मेरे साथ ऐ.सा न.हीं न.हीं कर स.कते "

उसकी आवाज लड़खड़ा रही थी, सांस बेहद तेज हो चुकी थी।

अद्विक उसे चूमते हुए बोला, हम आपके साथ बहुत कुछ करना चाहते हैं । और बहुत कुछ हम करेंगे भी, बस एक बार मठ का काम पूरा हो जाने दीजिए उसके बाद आप हमें चाह कर भी नहीं रोक पाएंगे , हम अपना आधिकार बेहतर तरीके से वसूल कर सकते है।

और इस में हम सक्षम भी है ये बात तो आप भी नहीं ठुकरा सकती।

उसके चेहरे पर तिरछी मुस्कुराहट बरकरार थी।वो बोलते हुए उससे थोड़ा दूर होता है।

उसके दूर होने के साथ अधिरा का ब्लाउज खिसक कर नीचे आ जाता है । उसकी आंखें शर्म से भर जाती है

वो दोनों हाथों से अपने सीने को छिपा लेती है अद्विक स्मिर्क करते हुए उसके ऊपर झुकने लगता है।

मिलते है अगले भाग में 😊😊